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Exclusive: क्या सच में अमिताभ बच्चन के कारण खत्म हो गया था कादर खान का करियर?
Tue, 22 Oct 2019 12:13 PM IST
Trainee Trainee
एंटरटेनमेंट डेस्क अमर उजाला
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Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 22 Oct 2019 12:13 PM IST
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कादर खान
- फोटो : पीटीआई
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हिंदी सिनेमा के मशहूर कलाकार कादर खान का जन्मदिन 22 अक्तूबर को होता है, उनके जन्मदिन पर जानिए अमिताभ बच्चन और कादर खान का चौंकाने वाला किस्सा, दोनों ने कई फिल्मों में एकसाथ काम किया । कादर खान एक अच्छे हास्य कलाकार और खलनायक तो रहे ही, संवाद लेखक के तौर पर भी उन्होंने तमाम सुपरहिट फिल्में दी हैं।अमिताभ बच्चन को यह मुकाम देने के पीछे कादर खान का बड़ा हाथ था लेकिन कादर खान के करियर के खत्म होने के पीछे भी अमिताभ का बड़ा हाथ था।
Kader Khan
कादर खान के शब्द थे, ‘अगर मैं अमित को सर जी कहकर बुलाना शुरू कर देता तो मेरा करियर यूं एकाएक खत्म न हो जाता।’ कादर खान ने फिर पूरा वाकया भी सुनाया। उन्होंने बताया कि कैसे दक्षिण भारत के एक प्रोड्यूसर ने एक बार उनसे मिलकर इस बारे में बात की थी। एक फिल्म में उन्हें बतौर संवाद लेखक लेने के बात चल रही थी और उस निर्माता ने कादर खान से कहा कि आप ‘सर जी’ से मिल लो। इस पर कादर खान ने सवाल किया, कौन सर जी?
निर्माता ने कहा कि आप ‘सर जी’ को नहीं जानते। अरे, अमिताभ बच्चन। कादर खान ने छूटते ही पूछा कि ये सर जी कब से हो गया। तब तक फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने अमिताभ बच्चन को ‘सर जी’ कहकर बुलाना शुरू कर दिया था। कादर खान ने साफ कहा कि मैं अमिताभ बच्चन को अमित कहकर ही बुलाता था और दोस्तों को, घर वालों को वह कभी ‘जी’ संबोधन के साथ नहीं बुला सकते।
निर्माता ने कहा कि आप ‘सर जी’ को नहीं जानते। अरे, अमिताभ बच्चन। कादर खान ने छूटते ही पूछा कि ये सर जी कब से हो गया। तब तक फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने अमिताभ बच्चन को ‘सर जी’ कहकर बुलाना शुरू कर दिया था। कादर खान ने साफ कहा कि मैं अमिताभ बच्चन को अमित कहकर ही बुलाता था और दोस्तों को, घर वालों को वह कभी ‘जी’ संबोधन के साथ नहीं बुला सकते।
kader khan
कम लोग ही जानते होंगे कि अपने सुपरस्टारडम के दौर में जैसे राजेश खन्ना ने सलीम जावेद को हाथी मेरे साथी में ब्रेक दिया था, वैसे ही राजेश खन्ना ने ही पहली बार कादर खान को अपनी फिल्म रोटी में बतौर डॉयलॉग राइटर ब्रेक दिया। कादर खान ने इसके बाद राजेश खन्ना की तमाम फिल्मों के संवाद लिखे। कादर खान ने जितेंद्र की दूसरी पारी में श्रीदेवी के साथ आई फिल्म तोहफा के बाद उनकी तकरीबन सभी फिल्मों के भी संवाद लिखे।
अमिताभ बच्चन जब शोहरत की बुलंदियां छू रहे थे तो कादर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा की तमाम फिल्मों के संवाद लिखे। अमिताभ के अलावा वह दूसरे ऐसे कलाकार रहे जो देसाई और मेहरा दोनों खेमों में काम करते थे।
अमिताभ बच्चन जब शोहरत की बुलंदियां छू रहे थे तो कादर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा की तमाम फिल्मों के संवाद लिखे। अमिताभ के अलावा वह दूसरे ऐसे कलाकार रहे जो देसाई और मेहरा दोनों खेमों में काम करते थे।
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kader khan
- फोटो : ट्विटर
कादर खान ने उस बातचीत में माना भी कि इसी के चलते उन्हें खुदा गवाह से बाहर किया गया। मनमोहन देसाई की फिल्म गंगा जमना सरस्वती आधी लिखने के बाद उन्हें छोड़नी पड़ी और भी अमिताभ बच्चन की तमाम अंडर प्रोडक्शन फिल्में थी, जिनमें वह बतौर कलाकार या लेखक शामिल थे, लेकिन ये सारी फिल्में उनके हाथ से सिर्फ इसलिए निकल गईं क्योंकि अमिताभ बच्चन को ‘सर जी’ कहना उन्हें मंजूर नहीं हुआ।
मनमोहन देसाई के लिए कादर खान ने धर्मवीर, कुली, देश प्रेमी, सुहाग, परवरिश और अमर अकबर एंथनी के संवाद लिखे तो प्रकाश मेहरा के लिए कादर खान की लिखी फिल्मों में ज्वालामुखी, शराबी, लावारिस औऱ मुकद्दर का सिकंदर शामिल हैं।
मनमोहन देसाई के लिए कादर खान ने धर्मवीर, कुली, देश प्रेमी, सुहाग, परवरिश और अमर अकबर एंथनी के संवाद लिखे तो प्रकाश मेहरा के लिए कादर खान की लिखी फिल्मों में ज्वालामुखी, शराबी, लावारिस औऱ मुकद्दर का सिकंदर शामिल हैं।
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इसके अलावा कादर खान ने जिन अन्य सुपरहिट फिल्मों के संवाद लिखे, उनमें मि. नटवरलाल, खून पसीना, दो और दो पांच, सत्ते पे सत्ता, इंकलाब, गिरफ्तार, हम और अग्निपथ शामिल हैं। अग्निपथ और नसीब की पटकथाएं भी कादर खान ने ही लिखीं।