'द केरल स्टोरी 2' मामला: डिवीजन बेंच ने पलटा सिंगल जज का आदेश; CBFC को दिया दोबारा फिल्म देखने का निर्देश
The Kerala Story 2 Controversy: फिल्म 'द केरल स्टोरी 2' को लेकर शुरू हुआ विवाद थम नहीं रहा है। इस फिल्म को लेकर आज गुरुवार को केरल हाईकोर्ट की तरफ से फिल्म की रिलीज पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी गई थी। वहीं, डिवीजन बेंच ने इस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सेंसर बोर्ड को फिर से फिल्म देखने का निर्देश दिया है।
विस्तार
फिल्म 'द केरल स्टोरी 2' का विवाद कोर्ट में है। फिल्म की रिलीज पर संकट मडराया हुआ है। आज गुरुवार को इसकी रिलीज पर अंतरिम रोक लगाई गई। जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने फिल्म की रिलीज को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर आदेश देते हुए कहा, 'पहली नजर में ऐसा लगता है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देते हुए सोच-समझकर काम नहीं लिया'। वहीं, सिंगल जज के इस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। इसमें क्या कहा गया? जानिए
डिवीजन बेंच ने क्या कहा?
केरल हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को 'द केरल स्टोरी 2' को दोबारा देखने और फैसला लेने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म में नफरत फैलाने वाला कंटेंट है। जस्टिस वी.जी. अरुण और पी.पी. हनीफा की डिवीजन बेंच ने यह आदेश जारी किया। हाई कोर्ट ने एक पिटीशन पर दखल दिया, जिसमें कहा गया था कि फिल्म में ऐसे सीन हैं जो नफरत फैलाते हैं और सांप्रदायिक सद्भाव को खत्म कर सकते हैं।
सेंसर बोर्ड को फिर से जांच करनी चाहिए
आज गुरुवार को केरल हाईकोर्ट के सिंगल जज की तरफ से फिल्म फिल्म पर रोक लगाए जाने के बाद प्रोड्यूसर्स ने डिवीजन बेंच का दरवाजा खटखटाया। सिंगल जज के आदेश के खिलाफ दायर मेकर्स की अपील पर डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने सेंसर बोर्ड के पहले के एक्शन की जांच की, जिसमें फिल्म की स्क्रीनिंग की इजाजत दी गई थी। इसके बाद, कोर्ट ने बोर्ड को फिल्म के विवादित हिस्सों की डिटेल में जांच करने, रिपोर्ट जमा करने और तब तक रिलीज पर रोक लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि सेंसर बोर्ड को फिर से जांच करनी चाहिए और साफ करना चाहिए कि क्या फिल्म में की गई बातें किसी खास समुदाय का अपमान करती हैं।
27 फरवरी को रिलीज होनी थी फिल्म
डिवीजन बेंच ने फिल्म पर लगे आरोपों की गंभीरता को बताते हुए CBFC को फिल्म के विवादित हिस्सों की पूरी तरह से दोबारा जांच करने का आदेश दिया। बोर्ड को एक रिपोर्ट जमा करनी होगी जिसमें यह साफ हो कि जांच के दायरे में आई बातें किसी खास समुदाय का अपमान तो नहीं हैं। बता दें कि यह फिल्म कल यानी 27 फरवरी को रिलीज होने वाली थी, मगर अब प्लान के मुताबिक अब इसकी रिलीज नहीं हो सकेगी। कामाख्या नारायण सिंह ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह हैं।
फिल्म पर क्या आरोप लगे हैं?
हाईकोर्ट में दायर याचिकओं में 'द केरल स्टोरी 2' के मेकर्स को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से मिले सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई थी। इन याचिकाओं में दावा किया गया कि फिल्म में केरल को गलत तरीके से दिखाया गया। इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। फिल्म की रिलीज को चुनौती देने वाली याचिकाओं में, याचिकाकर्ता ने कहा कि फिल्म का टाइटल और प्रमोशनल मटीरियल दोनों ही केरल को गलत तरीके से दिखाते हैं। उनमें ऐसे थीम हैं जो भाईचारा बिगाड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ सकते हैं। एक याचिका में टाइटल से 'केरल' हटाने के लिए भी निर्देश देने की मांग की गई थी।
क्या सिंगल जज ने जल्दबाजी में दिया फैसला?
केरल हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने गुरुवार को शाम 7.30 बजे फिल्म 'द केरल स्टोरी 2-गोज बियॉन्ड' के प्रोड्यूसर्स की अपील पर सुनवाई के लिए एक अर्जेंट सिटिंग बुलाई। इस अपील में हाई कोर्ट के सिंगल जज द्वारा फिल्म की रिलीज पर लगाई गई रोक को चुनौती दी गई थी। डिवीजन बेंच ने करीब दो घंटे तक सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा। सुनवाई के दौरान, डिवीजन बेंच ने कहा कि ऐसा लगता है कि सिंगल जज ने मामले की सुनवाई में अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है। किसी भी बेंच द्वारा अधिकार क्षेत्र के बाहर दिया गया आदेश अपने आप रद्द हो जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि सिंगल जज का आदेश जल्दबाजी में दिया गया लगता है।