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‘अब फिल्मों में होती अधिक इंटिमेसी’, भाग्यश्री ने सिनेमा में बदलाव पर की बात; शादी के बाद नहीं मिलता था काम

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Aradhya Tripathi Updated Fri, 27 Feb 2026 12:54 PM IST
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सार

Bhagyashree: 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री ने सिनेमा में आए बदलावों पर बात की। साथ ही उन्होंने बताया कि पहले क्यों शादी के बाद अभिनेत्रियां नहीं कर पाती थीं ज्यादा काम…

Bhagyashree Thinks Todays Films Have Unnecessary Intimacy that Makes You Squirm Says Cinema Reflects Society
भाग्यश्री - फोटो : इंस्टाग्राम-@bhagyashree.online
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विस्तार

सलमान खान के साथ फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से अपनी शुरुआत करने वाली भाग्यश्री ने 90 के दशक की फिल्मों और आज की फिल्मों के बीच अंतर को लेकर बात की। उन्होंने मौजूदा वक्त में फिल्मों में अनावश्यक इंटिमेसी दिखाने पर नाराजगी जताई। साथ ही उनका मानना है कि इंटिमेसी के बिना भी फिल्म बनाई जा सकती है और सफल भी हो सकती है।

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अब लोगों के पास एंटरटेनमेंट के कई विकल्प हैं
वैरायटी इंडिया के साथ बातचीत के दौरान भाग्यश्री ने 90 के दशक और आज के सिनेमा में आए बदलावों के बारे में बात की। जब उनसे पूछा गया कि आज के सिनेमा में कौन से बदलाव उन्हें पसंद हैं और कौन से नापसंद? इस पर एक्ट्रेस ने कहा कि सिनेमा समाज का प्रतिबिंब है।

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90 के दशक में यह मनोरंजन का एकमात्र साधन था, परिवार को एक साथ समय बिताने का एकमात्र मौका देने वाला मनोरंजन था। आज परिवार छोटे हो गए हैं, लोग अधिक व्यक्तिवादी हो गए हैं और क्रिएटिव आर्ट के माध्यम भी कई हो गए हैं। इसलिए अब लोगों के पास विकल्प भी बहुत हैं।

Bhagyashree Thinks Todays Films Have Unnecessary Intimacy that Makes You Squirm Says Cinema Reflects Society
भाग्यश्री - फोटो : इंस्टाग्राम@bhagyashree.online

इंटिमेसी के बिना भी बन सकती हैं फिल्में
अभिनेत्री का मानना है कि हर तरह के दर्शक को खुश करना अब नामुमकिन हो गया है। फिल्में अलग-अलग गुटों, शैलियों, इंडी फिल्मों, आर्ट फिल्मों आदि में बंट गई हैं। मुझे सच में लगता है कि भले ही अब रियलिस्टिक सिनेमा ज्यादा बनता है।

लेकिन ऐसी इंटिमेसी दिखाना जरूरी नहीं है, जिससे आप अपने माता-पिता या बच्चों के साथ बैठकर असहज महसूस करें। कहानियां समाज के प्रति विद्रोह दिखाए बिना भी साहसी, अलग और दिलचस्प हो सकती हैं।

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90 के दशक में पेट्रियाकल किरदारों का था बोलबाला
भाग्यश्री ने कहा कि 90 के दशक में कहानियों में पेट्रियाकल किरदारों का बोलबाला था। इससे अभिनेत्रियों के लिए शादी के बाद काम फिल्में करने के मौके कम हो गए थे।

हालांकि, अभी भी वर्किंग महिलाएं समाज के लिए एक अवधारणा ही हैं, लेकिन अधिक शिक्षित महिलाओं के आगे आने से महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव आया है। शादी के बाद महिलाओं को पढ़ने और काम करने के लिए प्रेरित करने के लिए पुरुष भी बधाई के पात्र हैं।

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राजा शिवाजी - फोटो : एक्स
‘राजा शिवाजी’ में नजर आएंगी भाग्यश्री
भाग्यश्री ने 1989 में आई फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। सूरज बड़जात्या द्वारा निर्देशित इस फिल्म में सलमान खान प्रमुख भूमिका में थे। शादी के बाद निजी जीवन पर ध्यान देने के लिए उन्होंने इंडस्ट्री से ब्रेक ले लिया।

2003 में उन्होंने 'मां संतोषी मां' से बॉलीवुड में वापसी की और बाद में 'थलाइवी', 'राधे श्याम' और 'छत्रपति' जैसी फिल्मों में अभिनय किया। अब भाग्यश्री रितेश देशमुख की आगामी फिल्म राजा शिवाजी में नजर आएंगी। यह 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
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