बॉलीवुड अभिनेता और भाजपा नेता परेश रावल बीते साल गुजरात चुनाव के दौरान रैली में दिए एक बयान के चलते काफी चर्चा में रहे। उन्होंने एक ऐसी बात कह दी थी जिसे लेकर बंगाल के लोग काफी नाराज हो गए थे। इस मामले में लोगों ने परेश को हाई कोर्ट तक घसीटा। अब उन्हें कोलकाता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है और अब कोर्ट ने उनके खिलाफ केस खारिज करने का आदेश दिया है।
Paresh Rawal: कोलकाता हाई कोर्ट से परेश रावल को मिली बड़ी राहत, जानें क्या था पूरा मामला
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जी हां, अभिनेता परेश रावल को कोलकाता हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। बंगालियों पर उनके दिए गए बयान को लेकर उनके खिलाफ कोलकाता पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसे रद्द करने का कोर्ट ने आदेश दे दिया है। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम द्वारा दायर प्राथमिकी के आधार पर उन्हें पुलिस स्टेशन में उपस्थिति नोटिस भेजा गया था। इस बार उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए तलतला थाने में पेशी के नोटिस को चुनौती दी थी। उसकी सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने खिलाफ दर्ज केस खारिज कर दिया।
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परेश रावल के खिलाफ सीपीआई (एम) नेता एमडी सलीम ने कोलकाता के तलतला में मामला दर्ज कराया था। इस पर कोलकाता पुलिस ने उन्हें समन भेजा, लेकिन वह पेश नहीं हुए। बाद में, रावल ने समन और केस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मंथा ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि परेश ने गुजराती भाषा में सोशल मीडिया पर ट्वीट कर माफी मांगी थी। कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया और परेश रावल के खिलाफ सभी जांच पर रोक लगा दी।
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बता दें कि अभिनेता और बीजेपी नेता परेश रावल ने वलसाड में प्रचार करते वक्त कहा कि 'गैस सिलेंडर महंगे हैं, लेकिन उनकी कीमत कम हो जाएगी। लोगों को रोजगार भी मिलेगा। लेकिन अगर रोहिंग्या प्रवासी और बांग्लादेशी आपके आस-पास दिल्ली की तरह रहने लगे तो क्या होगा? गैस सिलेंडर का आप क्या करेंगे? बंगालियों के लिए मछली पकाएंगे'? इस टिप्पणी के फैलते ही बंगालियों में रोष उत्पन्न हो गया था। इसकी कड़ी आलोचना हुई थी।
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इस बयान के खिलाफ माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम अभिनेता के खिलाफ प्राथमिकी तलतला थाने में दर्ज कराई थी। उसी को देखते हुए अभिनेता परेश रावल को लालबाजार बुलाया गया था। परेश रावल के खिलाफ दुश्मनी फैलाने, जानबूझकर अपमान करने, सार्वजनिक उपहास करने के कई मामलों में मामला दर्ज किया गया था।
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