‘दूसरे के पैसों पर अपनी शर्तें रखना आसान है’, दीपिका के आठ घंटे काम की मांग पर कुणाल खेमू ने रखी अपनी राय
Kunal Kemmu On Eight Hours Work Shift: अभिनेता कुणाल खेमू ने दीपिका पादुकोण के आठ घंटे काम करने की मांग पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जानिए अभिनेता की इस मुद्दे पर क्या राय है…
विस्तार
दीपिका पादुकोण के आठ घंटे काम करने की मांग करने के बाद इंडस्ट्री एक्टर्स के काम को लेकर एक बहस शुरू हो गई है। इस बहस पर इंडस्ट्री दो खेमों में बंटी हुई है। कई सेलेब्स ने जहां दीपिका पादुकोण का खुलकर समर्थन किया है। वहीं कुछ ने इस पर अपनी अलग राय भी रखी है। अब एक्टर और निर्देशक कुणाल खेमू ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
हमें ऐसा काम चुनना चाहिए जो इसकी इजाजत दे
पत्नी सोहा अली खान के साथ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कुणाल खेमू ने कहा कि बड़े होने पर हम यह भी तय करते हैं कि हम जीवन में क्या बनना चाहते हैं। एक बार जब आप किसी काम के लिए हामी भर देते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि इसके साथ कुछ अपेक्षाएं जुड़ी होती हैं।
कभी-कभी लोग कहते हैं कि वे सीमित घंटों के लिए ही काम करना चाहते हैं और बाकी समय कहीं और बिताना चाहते हैं, लेकिन फिर आपको ऐसा काम चुनना चाहिए जो इसकी इजाजत दे।
कुणाल ने बताया कब आती है समस्या
कुणाल ने आगे कहा यह भी कहा कि समस्या तब पैदा होती है जब लोग किसी पेशे के लाभ तो चाहते हैं, लेकिन उसकी आवश्यकताओं को पूरा करने में हिचकिचाते हैं। आप बीच में यह नहीं कह सकते कि आपको अधिक वेतन चाहिए और कम काम करना है क्योंकि अब आपका मन कुछ और करने का कर रहा है।
यदि आप एक बड़े सुपरस्टार बनना चाहते हैं और साल में कई फिल्मों में काम करना चाहते हैं, तो आपको इसके साथ आने वाली मेहनत को स्वीकार करना होगा।
घूमना फिरना और काम एकसाथ नहीं हो सकता
पीढ़ीगत अपेक्षाओं और उनसे जुड़े विरोधाभासों के बारे में अभिनेता ने कहा कि जब हम जेन जेड की बात करते हैं और कहते हैं कि वे मिलेनियल्स जितना काम नहीं करना चाहते, तो यह भी अपेक्षाओं से जुड़ा है।
लोग जीवनशैली, आराम करने का समय, घूमने-फिरने के लिए ट्रिप चाहते हैं। लेकिन फिर वे शिकायत भी करते हैं अगर कोई 12 घंटे काम करके ज्यादा कमाता है। अगर कोई छुट्टियां नहीं मना रहा है, तो उसकी भी आलोचना होती है। आप यात्रा करना चाहते हैं लेकिन आप ज्यादा वेतन भी चाहते हैं। ये दोनों बातें हमेशा एक साथ नहीं चलतीं।
मनचाहे घंटे काम करना चाहते हैं, तो जिम्मेदारी भी लें
कुणाल खेमू ने आगे बताया कि जो अभिनेता अपने काम के घंटों पर अधिक नियंत्रण रखना चाहते हैं, वे अतिरिक्त जिम्मेदारियां ले सकते हैं, जैसे कि अपनी खुद की फिल्में बनाना। आप चाहें तो आठ घंटे या चार घंटे भी काम कर सकते हैं, लेकिन फिर निर्माता बनें, अपना पैसा लगाएं और खुद निर्णय लें।
अगर आप मालिक हैं और दिन में दो घंटे काम करने का फैसला करते हैं, तो आपको पता चलेगा कि फिल्म समय पर पूरी नहीं होगी और प्रोजेक्ट पर बहुत अधिक खर्च आएगा। हो सकता है कि आपको नुकसान उठाना पड़े। किसी और के पैसे से ये फैसले लेना बहुत आसान है।
ऐसी स्थिति तक पहुंचें जहां आप ठीक वही कर सकें जो आप चाहते हैं। लेकिन आप यह नहीं कह सकते, ‘मुझे काम दीजिए, मैं तय करूंगा कि आप मुझे कितना भुगतान करेंगे, मैं कब आऊंगा और काम कैसे होगा।’ तब लोग पूछेंगे कि उन्हें आपके साथ काम करने के परिणामों को क्यों भुगतना चाहिए। मैं यह सामान्य तौर पर कह रहा हूं।
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