रोहित शेट्टी फायरिंग मामले में नया अपडेट, पांच आरोपियों की पुलिस कस्टडी बढ़ाई गई; जानें कहां तक आगे बढ़ी जांच?
Rohit Shetty House Firing Case: निर्देशक रोहित शेट्टी फायरिंग केस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस मामले में पांच आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। इनकी कस्टडी का समय बढ़ा दिया गया है।
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रोहित शेट्टी के घर के बाहर जब फायरिंग हुई तो पूरे बॉलीवुड में डर का माहौल पैदा हो गया। पुलिस ने भी इस मामले में तेजी से जांच को आगे बढ़ाया। पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को इन पांच आरोपियों की पुलिस कस्टडी 23 फरवरी तक बढ़ा दी है।
पुलिस ने कोर्ट के सामने कस्टडी बढ़ाने की बात क्यों कही?
पीटीआई की खबर के अनुसार पुलिस ने स्पेशल महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) कोर्ट को बताया कि बाद में गिरफ्तार किए गए लोगों की, पहले गिरफ्तार किए गए लोगों के साथ पूछताछ होगी। इसके लिए उनकी रिमांड को बढ़ाए जाने की जरूरत है। अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें रविवार को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से पकड़े गए सात लोग भी शामिल हैं। बाद वाले लोगों को 25 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
जबकि आदित्य गायकी (19), सिद्धार्थ येनपुरे (20), समर्थ पोमाजी (18), स्वप्निल सकट (23) और आसाराम फासले को पिछली रिमांड खत्म होने पर स्पेशल जज महेश जाधव के सामने पेश किया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि साथ में पूछताछ और पैसे के लेन-देन के अलावा अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ी का पता लगाने के लिए कस्टडी बढ़ाने की जरूरत है।
आरोपियों के वकील ने भी कोर्ट में कई दलीलें दीं
बचाव पक्ष के वकील अजिंक्य मिर्गल ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी के पास उनसे पूछताछ करने के लिए काफी समय था। उन्होंने कहा कि पैसे के ट्रेल का पता लगाने के लिए आरोपियों की फिजिकल कस्टडी की जरूरत नहीं थी। पुलिस ने पहले ही उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए थे। कोर्ट ने तमाम दलीलें सुनने के बाद पांचों आरोपियों की कस्टडी 23 फरवरी तक बढ़ा दी।
क्यों हुई रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग?
1 फरवरी को रात 12.45 बजे जुहू इलाके में शेट्टी की नौ मंजिला बिल्डिंग की पहली मंजिल पर कम से कम पांच राउंड फायरिंग हुई। एक गोली बिल्डिंग के अंदर एक जिम के शीशे से टकराई। यह फायरिंग घर के बाहर से की गई। कथित शूटर दीपक शर्मा रविवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल था। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य शुभम लोनकर के कहने पर की गई थी, जिसका मकसद फिल्ममेकर को नुकसान पहुंचाना और डर पैदा करना था। लोनकर इस मामले में वॉन्टेड आरोपियों में से एक है।