गीता टंडन वो नाम हैं, जो आज हर बड़ी हीरोइन के मुश्किल वक्त में काम आती हैं, उनके पर्दे पर दिखने वाले कठिन सीन करके। गीता आज जानी-मानी स्ट्ट वुमैन हैं। उनका ये सफर आसान नहीं रहा दो बच्चों की मां गीता की बेबसी का सबने फायदा उठाना चाहा। जानिए, गीता की कहानी उन्हीं की जुबानी।
'हर कोई चाहता था कि मैं उसके बिस्तर तक आऊं'
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स्टंट वुमन गीता टंडन की कहानी
अक्सर खाने को कुछ नहीं होता था। कई बार दो दिन तक लगातार भूखे रहना पड़ता था। ऐसे में क्या पढ़ाई होती? बस मैं खेलती खूब थी, वो भी लड़कों के साथ। लड़कों के खेल, जैसे गुल्ली डंडा और क्रिकेट। और ऐसा खेलती थी कि अपने से दो साल बड़े लड़कों को हरा देती थी। फिर 15 साल की उम्र में अचानक मेरे पिता ने मेरी शादी कर दी। मुझे भी लगा ठीक ही है, सर पर छत होगी, खाने को पूरा खाना और एक मां का प्यार। पर असल में शादी एक सजा बनकर रह गई। प्यार की जगह बस बदसलूकी और मार-पीट मिली। दो बार पुलिस में शिकायत तक की पर कुछ हासिल नहीं हुआ।
स्टंट वुमन गीता टंडन की कहानी
फिर 17 साल की उम्र में बेटी और दो साल बाद बेटा हुआ। लेकिन बच्चों के बाद भी माहौल नहीं बदला। आखिर मैंने तय किया कि मुझे ये जिंदगी नहीं जीनी और मैंने अपने बच्चों के साथ पति का घर छोड़ दिया। कभी बहन और कभी दोस्तों के घर में रही। कुछ दिन गुरुद्वारे में भी गुजारने पड़े। इसी दौरान पड़ोस की एक औरत ने मुझे एक फ्लैट में रहने का मौका दिया, कहा कि ये खाली पड़ा है। पर अगले ही दिन असली बात बताई। बोलीं, इस फ़्लैट के मालिक की पत्नी बीमार रहती है और वो चाहता है कि मैं वहीं रहने लगूं, उसका खयाल रखूं और बदले में वो मेरे बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठाएगा।
स्टंट वुमन गीता टंडन की कहानी
मैं समझ गई कि वो आदमी मुझसे क्या चाहता है। मैंने फौरन वो फ्लैट छोड़ दिया। मैं वो औरत नहीं बनना चाहती थी जैसा समाज अक्सर अकेली या तलाकशुदा औरतों के बारे में सोचता है। मुझे याद थे मेरे पति के ताने जब वो कहता था कि मैं घर छोड़कर ऐसा क्या कर पाउंगी? आखिर में क्या 50 रुपए के लिए मुझे किसी का बिस्तर गर्म करना होगा?
मैं ऐसा नहीं कर सकती थी। पर सबसे बड़ी चुनौती काम ढूंढने की थी। बच्चों को अक़्सर पानी में चीनी घोल कर कहती थी कि ये दूध है। वो रोते-रोते पी लेते थे पर देखा नहीं जाता था। छोटा-मोटा हर काम ले लेती थी। एक जगह रोजाना 500 रोटियां बनाने के लिए महीने का 1,200 रुपया मिलता था, वो भी किया। फिर रहने का ठिकाना बदलते-बदलते एक नए इलाके में रहने लगी और औरतों के एक ग्रुप से वास्ता हुआ।
स्टंट वुमन गीता टंडन की कहानी
वो बहुत तैयार होकर रोज कहीं काम करने जाती थी, मैंने उनसे पूछा तो पता चला कि एक मसाज पार्लर जाती है। मैं भी उनके साथ हो ली। सास के सर की मालिश खूब की थी मैंने। और बताया गया कि महीने के 10,000 रुपए तक मिलेंगे। पर एक ही दिन में पता चल गया कि वहां भी मसाज की आड़ में दरअसल देह व्यापार होता है। मैं भाग खड़ी हुई। घर आकर बहुत रोई, ये सोच कर कि मैं ऐसा काम करने के कितने नजदीक आकर दूसरी बार बाल-बाल बच गई।