‘संस्कारों पर टिके रहना चाहिए’, ‘धुरंधर’ के बाद ‘ये प्रेम मोल लिया’ की सफलता पर सूरज बड़जात्या ने कही ये बात
Sooraj Barjatya: सूरज बड़जात्या ने अपनी आगामी फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ को लेकर बात की। साथ ही उन्होंने बताया कि क्या ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों के बीच, इस तरह की पारिवारिक फिल्में सफल हो सकती हैं या नहीं…
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सूरज बड़जात्या ने बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मैने प्यार किया’ से की थी। इसके बाद उनकी दो और फिल्में ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ भी ब्लॉकबस्टर रहीं। लेकिन साल 2003 में सूरज बड़जात्या की पहली फ्लॉप फिल्म ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ रिलीज हुई। इसमें पहली बार उनकी फिल्म में सलमान खान नहीं थे। हाल ही में सूरज बड़जात्या ने बताया कि पहली फ्लॉप के बाद क्यों उन्हें लगा कि वो कहीं खो गए हैं। साथ ही उन्होंने ‘विवाह’ बनाने के पीछे के कारण के बारे में भी बात की।
हमारी असफलता हमें बहुत कुछ सिखाती है
स्क्रीन स्पॉटलाइट से बात करते हुए सूरज बड़जात्या ने ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि फिल्म के फ्लॉप होने के बाद ऐसा लगा कि जैसे मैं कहीं खो गया हूं। लेकिन यही वजह है कि मैं प्रेम की दीवानी हूं मेरे दिल के बहुत करीब है। हम सब इंसान हैं। हम सब सीखते हैं। हमारी हर असफलता हमें बहुत कुछ सिखाती है।
कभी-कभी यह जरूरी भी है ताकि हम जमीन से जुड़े रहें। अगर 'मैं प्रेम की दीवानी हूं' नहीं बनती, तो कहीं न कहीं 'विवाह' भी नहीं बनती। इस असफलता के बाद फिल्म निर्माता ने आत्मनिरीक्षण किया और महसूस किया कि 21वीं सदी की शहरी भाषा और संस्कृति को अपनाने के बजाय, उन्हें उसी चीज पर टिके रहना चाहिए जिसे वे सबसे अच्छी तरह जानते हैं, पुराने संस्कार।
‘विवाह’ ने बताया मैं क्या बनना चाहता हूं
इसके बाद सूरज बड़जात्या ने 2006 में शाहिद कपूर और अमृता राव स्टारर 'विवाह' से वापसी की और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘विवाह’ को लेकर सूरज बड़जात्या ने कहा कि विवाह ने मुझे इस बात का दृढ़ विश्वास दिलाया कि मैं कौन हूं और मैं क्या बनाना चाहता हूं। क्योंकि लोग वही देखना चाहते हैं जो सफल हो, न कि वो जो चलता है। यह स्वीकार करना और सीखना होगा कि कुछ फिल्में सफल हो सकती हैं और कुछ नहीं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण सफर है।
‘ये प्रेम मोल लिया’ को लेकर आश्वस्त हैं सूरज
सूरज बड़जात्या की अगली फिल्म 'ये प्रेम मोल लिया' है। इसमें आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ प्रमुख भूमिका में नजर आएंगे। सूरज बड़जात्या को पूरा भरोसा है कि ‘धुरंधर’ के बाद की दुनिया में जहां पुरुषों पर केंद्रित हिंसक एक्शन थ्रिलर फिल्मों की भरमार है, ‘ये प्रेम मोल लिया’ को अपनी जगह और दर्शक जरूर मिलेंगे।
सूरज ने कहा कि सफर आपका होना चाहिए, सुर आपका होना चाहिए और आज जब इतनी सारी सामग्री मौजूद है, तो लोग तभी देखने आएंगे जब कुछ ऐसा हो जो सिर्फ आपका हो, जो सीधे आपके दिल से निकला हो। यही एक फिल्म निर्माता के जीवन का सबसे खूबसूरत पहलू है।
अपनी फिल्मों के सीन के बने मीम पर ही सूरज बड़जात्या ने अपनी राय रखी और खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मुझे यह देखकर बहुत हैरानी होती है कि इतने साल बीत गए हैं, लेकिन आज भी लोगों के बीच इतना गहरा जुड़ाव है। मैं अक्सर सोचता हूं कि आखिर वह कौन सा बीज है, जो इसे लगातार पनपने देता है। मीम्स की वजह से लोग ये फिल्में देखते हैं। अगर इनमें निहित मूल्य किसी भी तरह से आप पर असर डालते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी।

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