तनिष्क बागची ने हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री को बताया ‘अनफेयर सिस्टम’, कहा- ‘काम का सही हक नहीं मिलता’
Tanishk Bagchi: 90 के दशक के कई सुपरहिट गानों को नए अंदाज में पेश करने वाले मशहूर म्यूजिक कंपोजर तनिष्क बागची ने हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री के ‘अनफेयर’ सिस्टम पर खुलकर बात की।
विस्तार
मशहूर म्यूजिक कंपोजर तनिष्क बागची ने हाल ही में हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री के ‘अनफेयर’ सिस्टम के बारे में बातचीत की। उन्होंने बताया कि साल 2025 में आया उनका गाना ‘सैयारा’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
काम का सही हक नहीं मिलता
फरीदून शहरयार को दिए इंटरव्यू में तनीष्क ने कहा कि भारत में म्यूजिशियंस को उनके काम का सही हक नहीं मिलता। उन्होंने समझाया कि पश्चिमी देशों में एक गाना बनाने में शामिल हर व्यक्ति को, चाहे वह साउंड इंजीनियर हो या सॉन्ग राइटर, सभी को रॉयल्टी मिलती है। लेकिन भारत में ज्यादातर कलाकारों को सिर्फ एक बार पेमेंट मिलती है। गाना कितना भी बड़ा हिट हो जाए, बाद में कमाई नहीं होती।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में पीआर बहुत जरूरी हो गया है। अपने काम को प्रमोट करने के लिए पब्लिक रिलेशन जरूरी है, लेकिन हर कलाकार इसे अफॉर्ड नहीं कर सकता। उनके मुताबिक, इंडस्ट्री में ऐसा कोई मजबूत सिस्टम नहीं है जो कलाकारों के जुनून और मेहनत को लंबे समय तक सहारा दे सके।
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लोग सोचते हैं कि मेरे पास प्राइवेट जेट होगा
तनीष्क ने बताया कि उनके गानों को सिर्फ यूट्यूब पर ही करीब 37 बिलियन व्यूज मिल चुके हैं, और स्ट्रीमिंग नंबर भी लगभग उतने ही होंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर मैं ये नंबर विदेश में बताऊं तो लोग सोचते हैं कि मेरे पास प्राइवेट जेट होगा। लेकिन यहां सिस्टम अलग है।’
हालांकि उन्होंने माना कि इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी की वजह से अब थोड़ा सुधार आया है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में म्यूजिशियंस और इंस्ट्रूमेंटलिस्ट्स को भी उनका सही हक मिलेगा।
फेम के बारे में बात करते हुए तनीष्क ने कहा, ‘आपने एक फिल्म ‘सैयारा’ में काम किया और फिर सब खत्म। आपको फिर से शुरुआत करनी पड़ती है। कुछ महीनों की शोहरत मिलती है, लेकिन लोग जल्दी आगे बढ़ जाते हैं। आप ये नहीं सोचते कि पेमेंट कब मिलेगी। आप बस काम करते रहते हैं।