‘हमें टाइटल से आपत्ति नहीं’, श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ को मिला विठाबाई नारायणगांवकर की बेटी का समर्थन; कही ये बात
Eetha Title Row: श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ फिल्म के टाइटल को लेकर उठे विवाद पर अब विठाबाई नारायणगांवकर की बेटी की प्रतिक्रिया सामने आई है। जानिए उन्होंने पूरे विवाद पर क्या कुछ कहा…
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मशहूर लावनी और तमाशा कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर पर बन रही फिल्म 'ईठा' के टाइटल को लेकर हाल ही में विवाद खड़ा हो गया था, जब दिवंगत कलाकार के परिवार के एक सदस्य ने इस पर आपत्ति जताई। हालांकि, अब विठाबाई की सबसे बड़ी बेटी ने परिवार का पक्ष साफ करते हुए कहा है कि उन्हें फिल्म के टाइटल से कोई दिक्कत नहीं है।
यह टाइटल सही है
फिल्म के टाइटल को लेकर हुए विवाद पर बात करते हुए विठाबाई की सबसे बड़ी बेटी मंगला बनसोडे करावडीकर ने चिंताओं को खारिज कर दिया। ई-टाइम्स से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमें फिल्म के टाइटल से कोई दिक्कत नहीं है।
मैंने मोहित से बात की है और उनसे कहा है कि वे इस बारे में आगे कोई बयान न दें। यह टाइटल सही है क्योंकि उन दिनों, जिन गांवों में मेरी मां परफॉर्म करती थीं, वहां के लोग अक्सर उन्हें 'ईठा' कहकर बुलाते थे। मैंने फिल्म के डेवलपमेंट के दौरान डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर के साथ यह जानकारी शेयर की थी।
फिल्म बनने पर जताई खुशी
मंगला ने आगे कहा कि मैं सात साल की उम्र से ही स्टेज पर परफॉर्म कर रही हूं और मैंने लोगों को अपनी मां को उस नाम से बुलाते हुए सुना है। बायोपिक पर खुशी जाहिर करते हुए मंगला ने कहा कि हमें खुशी है कि इस फिल्म के जरिए लोग मेरी मां के बारे में जान पाएंगे और यह भी कि वह अपनी कला के प्रति कितनी समर्पित थीं।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
आने वाली इस फिल्म का टाइटल तब चर्चा का विषय बन गया जब खबरों में कहा गया कि विठाबाई के पोते मोहित नारायणगांवकर ने 'ईठा' नाम पर आपत्ति जताई और मांग की कि टाइटल में दिवंगत कलाकार का पूरा नाम शामिल किया जाए। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के फिल्म और संस्कृति विभाग ने भी फिल्म बनाने वालों से टाइटल पर फिर से विचार करने को कहा, साथ ही यह भी साफ किया कि उन्हें फिल्म से कोई आपत्ति नहीं है। लक्ष्मण उतेकर द्वारा निर्देशित ‘ईठा’ 28 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
विठाबाई नारायणगांवकर महाराष्ट्र की सबसे मशहूर तमाशा कलाकारों में से एक थीं। उन्हें 1957 और 1990 में भारत के राष्ट्रपति से मेडल मिले और महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें 'तमाशा सम्राज्ञी' के सम्मान से नवाजा।