'फिल्म देखने के बाद लोग मुझे पाकिस्तानी कहने लगे', कैसे एक कॉल ने बदल दी आदित्य उप्पल की जिंदगी?
Dhurandhar 2 Fame Aditya Uppal Interview: फिल्म ‘धुरंधर’ में पाकिस्तानी एएसपी उमर हैदर का किरदार निभाने वाले आदित्य उप्पल इन दिनों खूब चर्चा में हैं। एक्टर ने बताया कि फिल्म के बाद कई लोग उन्हें पाकिस्तानी ही समझ रहे हैं। जानिए फिल्म को लेकर और क्या कुछ बोले आदित्य उप्पल…
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‘धुरंधर 2’ में अपने किरदार से सुर्खियां बटोरने वाले आदित्य उप्पल ने अमर उजाला से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने किरदार, शूटिंग के अनुभव और फिल्म को लेकर उठ रहे सवालों के बारे में अपनी बात रखी। उन्होंने ये भी बताया कि कहां-कहां और कैसे शूट हुए ‘धुरंधर 2’ के अहम सीन? पढ़िए पूरी कहानी आदित्य की ही जुबानी।
थाईलैंड में बनी ल्यारी, अमृतसर में बनाया पाकिस्तान
जितनी बड़ी यह फिल्म है उतनी ही बड़ी इसकी तैयारी भी थी। ल्यारी का सेट हमने थाईलैंड में बनाया था। इसे तैयार करने में ही तीन महीने लग गए। वहीं कहानी के मुताबिक पाकिस्तान जैसा माहौल दिखाना था तो इसके लिए अमृतसर को चुना गया। वहां की गलियां और माहौल उस दुनिया के काफी करीब लगे। बाकी अंदर के दृश्य बॉम्बे के स्टूडियो में शूट किए गए।
दूसरे पार्ट की शूटिंग पहले की थी
हमने पूरी फिल्म एक साथ शूट की थी और किसी को अंदाजा ही नहीं था कि बाद में इसे दो हिस्सों में रिलीज किया जाएगा। टीम के लिए यह एक ही कहानी थी। जो सीन आपने सेकंड पार्ट में देखे वो हमने पहले शूट किए थे।
लोग मुझे पाकिस्तानी ही समझ रहे हैं
फिल्म रिलीज होते ही सबसे अजीब और थोड़ा चौंकाने वाला रिएक्शन यही आया कि लोग मुझे पाकिस्तानी समझने लगे। सच कहूं तो मुझे खुद समझ नहीं आता कि ऐसा क्यों लग रहा है, लेकिन मैं साफ कहना चाहता हूं कि मैं भारतीय हूं। मैं सिर्फ एक किरदार निभा रहा हूं, उससे ज्यादा कुछ नहीं।
प्रोपेगेंडा है या नहीं, ये पब्लिक ही तय करे
फिल्म को लेकर प्रोपेगेंडा वाली बात भी काफी सामने आई है। इस पर मेरा जवाब सीधा है कि जो घटनाएं दिखाई गई हैं, वो कोई बनाई हुई कहानी नहीं बल्कि सच हैं। अब उस सच को आप कैसे देखते हैं, उसे क्या नाम देते हैं, यह पूरी तरह आपका नजरिया है।
जहां तक सेट के माहौल की बात है, वहां कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि हम किसी एजेंडा के साथ काम कर रहे हैं। हर कोई अपने काम पर ध्यान दे रहा था और वह भी पूरी प्रोफेशनल तरीके से।
आदित्य और यामी बेहद सादे लोग हैं
निर्देशक आदित्य धर की बात हो रही है तो उनकी पत्नी और अभिनेत्री यामी गौतम का जिक्र होना जरूरी है। सच कहूं तो वो सिर्फ उनका सपोर्ट सिस्टम ही नहीं, उनकी ताकत भी हैं। मुझे उनसे सेट पर थोड़ी देर के लिए मिलने का मौका मिला था, लेकिन उतने में ही समझ आ गया कि वो कितनी शांत, जमीन से जुड़ी और साथ ही कितनी प्रोफेशनल हैं। आदित्य और यामी दोनों ही ऐसे लोग हैं जो शोर नहीं करते, बस काम करते हैं। उनका सर्कल छोटा है, लाइफ सिंपल है, लेकिन सोच बहुत साफ है।
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एक्टर्स ने बॉडी डबल्स का इस्तेमाल किया
एक्शन की बात करें तो हां, ज्यादातर सीन हमने खुद किए हैं। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जहां बॉडी डबल्स का इस्तेमाल करना ही समझदारी है। बड़े जंप्स हों या रिस्की स्टंट्स, वहां हीरो बनने की कोशिश में खुद को चोट पहुंचाना कोई समझदारी नहीं है।
एक कॉल और जिंदगी का ट्रैक बदल गया
अगर मैं अपने सफर की बात करूं, तो यह सब एक कॉल से शुरू हुआ जो मुकेश छाबड़ा के ऑफिस से आया था। उस समय मैं एक्टिंग में बहुत एक्टिव नहीं था, अपना छोटा सा काम संभाल रहा था। लेकिन फिर भी सोचा कि एक बार कोशिश करके देखते हैं। ऑडिशन दिया, फिर एक और राउंड हुआ, फिर लुक टेस्ट तक पहुंचा। उस वक्त लग रहा था कि शायद बात बन रही है, लेकिन फिर अचानक सब खत्म जैसा हो गया। कोई कॉल नहीं, कोई खबर नहीं। मैंने भी सोचा कि चलो, यह भी हो गया।
करीब पंद्रह दिन बाद फोन आया कि मैं सिलेक्ट हो गया हूं। और जब पता चला कि इस प्रोजेक्ट को आदित्य धर डायरेक्ट कर रहे हैं, तो वह मेरे लिए एक बड़ा मोमेंट था। मैं पहले से उनका फैन था, तो यह मौका मेरे लिए और भी खास हो गया।