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‘आदर्श-शनाया ने मुझे हैरान किया’, ‘तू या मैं’ के आइडिया और शूटिंग को लेकर बिजॉय नांबियार ने साझा की खास बातें

Kiran Jain किरण जैन
Updated Tue, 10 Feb 2026 12:19 PM IST
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सार

Tu Yaa Main Director Bejoy Nambiar Exclusive Interview: निर्देशक बिजॉय नांबियार की फिल्म 'तू या मैं' जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में आदर्श गौरव और शनाया कपूर मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। अपनी फिल्म को लेकर निर्देशक बिजॉय नांबियान ने अमर उजाला से खास बातचीत की।

Director Bejoy Nambiar Exclusive Interview Talk About Film Tu Yaa Main Starring Shanaya Kapoor Adarsh Gourav
निर्देशक बिजॉय नांबियार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमर उजाला से फिल्म पर बातचीत करते हुए फिल्ममेकर ने बताया कि इसकी कहानी का आइडिया उन्हें कहां से मिला? इसके अलावा बिजॉय ने असली लोकेशन पर शूट करने के भी अनुभव साझा किए। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश…

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हमने सिर्फ कहानी को कॉपी नहीं किया
इस फिल्म के लेखक अभिषेक ही मेरे पास इसका कॉन्सेप्ट लेकर आए थे। वो इस विचार पर लंबे वक्त से काम कर रहे थे। जब उन्होंने मुझे यह कहानी सुनाई तो मैं धीरे-धीरे इसमें खो गया। फिल्म की कहानी भले ही 'द पूल' से ली गई हो लेकिन हमने इसे सिर्फ कॉपी नहीं किया। लेखक ने इस फिल्म को एक अलग ही दिशा दी। उनकी कहानी सुनकर मुझे लगा कि भारत में ऐसी फिल्म पहले कभी नहीं बनी। यह जोनर हमारे यहां आम नहीं है और शायद इसी वजह से मैंने इसे बनाने का फैसला किया।

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Director Bejoy Nambiar Exclusive Interview Talk About Film Tu Yaa Main Starring Shanaya Kapoor Adarsh Gourav
फिल्म 'तू या मैं' के निर्देशक बिजॉय नांबियार - फोटो : अमर उजाला

जानबूझकर नहीं देखी मूल फिल्म 
किसी भी अडैप्टेशन में आमतौर पर लोग उम्मीद करते हैं कि निर्देशक मूल फिल्म जरूर देखेगा लेकिन मैंने इसक उल्टा किया। मैंने तय किया कि मैं मूल फिल्म बिल्कुल नहीं देखूंगा। मैं नहीं चाहता था कि उसका कोई भी सीन, कोई भी परफॉर्मेंस या कोई भी अंदाज मेरे दिमाग पर छाप छोड़े। अगर मैं एक बार भी उसे देख लेता, तो मेरी नजर हमारी कहानी से हटकर तुलना पर चली जाती। इससे मेरी अपनी समझ और मेरी अपनी सोच कमजोर हो सकती थी। हां, मुझे केवल इतना समझना था कि आइडिया कहां से आया है तो मैंने सिर्फ उस फिल्म का ट्रेलर देखा था। बाकी फिल्म हमने अपने नजरिए से ही बनाई है। 

आदर्श और शनाया ने ईमानदारी दिखाई
हमारे दोनों एक्टर्स आदर्श और शनाया ने इस फिल्म को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया। आदर्श अपने किरदार को बहुत गहराई और सच्चाई से निभाते हैं। वहीं शनाया काम को बहुत ईमानदारी से पकड़ती हैं। फिल्म की शूटिंग शुरू होते ही दोनों हर दिन अपने किरदार में और गहरे उतरते गए। उन्होंने छोटी से छोटी बात पर ध्यान दिया, जो स्क्रिप्ट में भी नहीं लिखी थी। उनकी चाल, चेहरे के हल्के भाव, चुप्पियां, डर, उलझन सब कुछ उन्होंने खुद महसूस करके बनाया। बतौर निर्देशक मेरे लिए यह अनोखा अनुभव था कि मेरे कलाकार ही मुझे रफ्तार पकड़ने पर मजबूर कर रहे थे। यही बात इस फिल्म के लिए सबसे फायदेमंद रही।

Director Bejoy Nambiar Exclusive Interview Talk About Film Tu Yaa Main Starring Shanaya Kapoor Adarsh Gourav
फिल्म 'तू या मैं' के निर्देशक बिजॉय नांबियार और एक्टर आदर्श गौरव, शनाया कपूर - फोटो : अमर उजाला

हमने असली लोकेशन पर शूट किया
फिल्म के लिए हमने कई लोकेशन चुने जो आसानी से शूटिंग करने के लायक नहीं थे। मुझे हमेशा से ही असली जगहों पर शूट करना पसंद है। सेट पर शूटिंग करने से वह सच्चाई नहीं आती जो वास्तविक स्थान देता है। एक असली जगह की हवा, धूल, रोशनी और उसका रंग जब कैमरे में उतरते हैं तो फिल्म को एक खास अहसास देते हैं। 

क्रिएटिव स्वतंत्रता जरूरी है
एक निर्देशक के लिए सबसे जरूरी चीज होती है स्वतंत्रता। मैंने अपनी सारी फिल्मों में हमेशा यही कोशिश की है कि मैं अपनी सोच के मुताबिक काम करूं। दस में से नौ बार मुझे यह आजादी मिली भी है। मैं ऐसा निर्देशक हूं जो तभी काम कर सकता है जब उसे पूरी तरह अपने तरीके से काम करने दिया जाए। 

Director Bejoy Nambiar Exclusive Interview Talk About Film Tu Yaa Main Starring Shanaya Kapoor Adarsh Gourav
फिल्म 'तू या मैं' में शनाया कपूर और आदर्श गौरव - फोटो : इंस्टाग्राम@Shanaya

गुरु मणि रत्नम के साथ काम करता हूं
अक्सर लोग पूछते हैं कि मैं हिंदी, तमिल या मलयालम इंडस्ट्री के बीच क्यों घूमता रहता हूं। मेरे लिए इसका जवाब बहुत सीधा है। हर इंडस्ट्री का एक अलग माहौल होता है। हिंदी सिनेमा की एक पहचान है, तमिल सिनेमा की एक अलग रफ्तार और मलयालम सिनेमा की पूरी तरह अलग संवेदना। 
इन विभिन्न जगहों पर काम करने से मेरा दिमाग खुला रहता है और मेरे अंदर क्रिएटिविटी बनी रहती है। सबसे ज़रूरी बात यह कि बीच बीच में मैं अपने गुरु मणि रत्नम के साथ भी काम करता हूं। उनके साथ रहना, उनसे सीखना, उनकी दुनिया देखना मुझे हमेशा ग्राउंडेड, प्रेरित और साफ सोच वाला बनाता है।

फिल्म और वेब सीरीज में मेरी पसंद
कई लोग पूछते हैं कि मैं फिल्मों और वेब सीरीज में से क्या चुनूंगा। मेरा जवाब हमेशा एक जैसा रहता है। मैं पहले दिन से और आज तक खुद को एक फिल्म निर्माता मानता हूं मेरे लिए फिल्म बनाना ही सबसे बड़ा संतोष है। इसलिए मेरी पहली पसंद हमेशा फिल्म होगी।

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