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नेटफ्लिक्स की वॉर्नर ब्रदर्स वाली डील से भारतीय थिएटर्स को झटका? मल्टीप्लेक्स ऑपरेटर्स ने जताई चिंता
Sat, 06 Dec 2025 04:47 PM IST
हिमांशु सोनी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Sat, 06 Dec 2025 04:47 PM IST
सार
MAI Raises Concern on Netflix Warner Bros Deal: नेटफ्लिक्स ने हाल ही में हॉलीवुड के वॉर्नर ब्रदर्स स्टूडियो की जो डील की है, उसके बाद भारत में सिनेमाघरों की दुनिया में खलबली मच गई है।
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नेटफ्लिक्स-वॉर्नर ब्रदर्स डील
- फोटो : एक्स
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विस्तार
भारत में सिनेमाघरों की दुनिया एक बड़े बदलाव की दहलीज़ पर खड़ी है। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स द्वारा हॉलीवुड की बड़ी कंपनी वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को खरीदने की घोषणा के बाद भारतीय फिल्म जगत में हलचल मच गई है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MAI) ने इस प्रस्तावित सौदे पर गंभीर आपत्तियां जताते हुए कहा है कि यह भारत की थिएटर आधारित फिल्म अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है।
भारतीय सिनेमाघरों को लगेगा झटका?
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि अगर एक ऐसा डिजिटल मंच, जो पहले ही सिनेमाघरों में फिल्में दिखाने को प्राथमिकता नहीं देता, दुनिया के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियो में से एक को खरीद लेता है, तो सिनेमाघरों में मिलने वाली उच्च स्तर की फिल्मों की संख्या घट सकती है। संभावना यह है कि भारी बजट की अंतरराष्ट्रीय फिल्में सीधे इंटरनेट मंचों पर ही जारी हों और सिनेमाघरों को उनका परंपरागत प्रदर्शन समय ही न मिले। इसका प्रभाव टिकट बिक्री, फिल्म की उपलब्धता और संपूर्ण सिनेमा प्रणाली पर पड़ेगा।
वॉर्नर ब्रदर्स को लेकर चिंता क्यों बढ़ी?
व़ॉर्नर ब्रदर्स लंबे समय से भारतीय सिनेमाघरों के लिए एक भरोसेमंद सहयोगी रहा है, जो लगातार बड़ी अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय फिल्मों को थिएटर में जारी करता आया है। अगर नेटफ्लिक्स इस स्टूडियो का मालिक बन जाता है तो माना जा रहा है कि फिल्म जारी करने की नीति बदल जाएगी और इंटरनेट-प्रथम मॉडल को बढ़ावा मिलेगा। MAI का कहना है कि इससे भारत में लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है, क्योंकि फिल्म निर्माण, वितरण, प्रदर्शनी, खानपान और सहायक सेवाएं इसी सीरीज से जुड़ी हैं।
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यह खबर भी पढ़ें: नेटफ्लिक्स ने किया हॉलीवुड की सबसे बड़ी डील का एलान, 6.47 लाख करोड़ में खरीद डाला वॉर्नर ब्रदर्स स्टूडियो
'फिल्मों का दायरा सिमटेगा'
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कमल गियानचंदानी ने कहा कि भारत का सिनेमाघर बाजार विविधता, व्यापकता और दर्शकों के विकल्पों पर निर्भर है। उनके अनुसार इससे थिएटर-प्रथम मॉडल कमजोर होगा। सिनेमाघरों में आने वाली महत्वपूर्ण फिल्मों की संख्या घटेगी। दर्शकों को पहले जैसा व्यापक चुनाव नहीं मिलेगा उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े स्तर का यह विलय भारतीय और वैश्विक नियामक संस्थाओं द्वारा गंभीर जांच की मांग करता है।
नेटफ्लिक्स-वॉर्नर ब्रदर्स सौदा क्या है?
नेटफ्लिक्स ने वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के स्टूडियो और ऑनलाइन मंच विभाग को करीब 72 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 6 लाख करोड़ रुपये) में खरीदने का समझौता किया है। यह सौदा तभी पूरा होगा जब वार्नर कंपनी अपने डिस्कवरी ग्लोबल विभाग को अलग कर एक नई सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी बनाएगी। इसे 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा किए जाने की संभावना है।
MAI क्या कदम उठा रहा है?
MAI ने कहा है कि वह भारत और विदेशों में नियामक संस्थाओं के साथ बातचीत जारी रखेगा ताकि सिनेमाघर उद्योग के हितों की रक्षा की जा सके। MAI, जो वर्ष 2002 में बनाई गई थी, आज देश के 11 से अधिक मल्टीप्लेक्स समूहों और 550 से ज्यादा स्थानों का प्रतिनिधित्व करती है, जिनमें लगभग 3,000 पर्दे शामिल हैं।
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भारतीय सिनेमाघरों को लगेगा झटका?
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि अगर एक ऐसा डिजिटल मंच, जो पहले ही सिनेमाघरों में फिल्में दिखाने को प्राथमिकता नहीं देता, दुनिया के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियो में से एक को खरीद लेता है, तो सिनेमाघरों में मिलने वाली उच्च स्तर की फिल्मों की संख्या घट सकती है। संभावना यह है कि भारी बजट की अंतरराष्ट्रीय फिल्में सीधे इंटरनेट मंचों पर ही जारी हों और सिनेमाघरों को उनका परंपरागत प्रदर्शन समय ही न मिले। इसका प्रभाव टिकट बिक्री, फिल्म की उपलब्धता और संपूर्ण सिनेमा प्रणाली पर पड़ेगा।
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वॉर्नर ब्रदर्स को लेकर चिंता क्यों बढ़ी?
व़ॉर्नर ब्रदर्स लंबे समय से भारतीय सिनेमाघरों के लिए एक भरोसेमंद सहयोगी रहा है, जो लगातार बड़ी अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय फिल्मों को थिएटर में जारी करता आया है। अगर नेटफ्लिक्स इस स्टूडियो का मालिक बन जाता है तो माना जा रहा है कि फिल्म जारी करने की नीति बदल जाएगी और इंटरनेट-प्रथम मॉडल को बढ़ावा मिलेगा। MAI का कहना है कि इससे भारत में लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है, क्योंकि फिल्म निर्माण, वितरण, प्रदर्शनी, खानपान और सहायक सेवाएं इसी सीरीज से जुड़ी हैं।
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'फिल्मों का दायरा सिमटेगा'
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कमल गियानचंदानी ने कहा कि भारत का सिनेमाघर बाजार विविधता, व्यापकता और दर्शकों के विकल्पों पर निर्भर है। उनके अनुसार इससे थिएटर-प्रथम मॉडल कमजोर होगा। सिनेमाघरों में आने वाली महत्वपूर्ण फिल्मों की संख्या घटेगी। दर्शकों को पहले जैसा व्यापक चुनाव नहीं मिलेगा उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े स्तर का यह विलय भारतीय और वैश्विक नियामक संस्थाओं द्वारा गंभीर जांच की मांग करता है।
नेटफ्लिक्स-वॉर्नर ब्रदर्स सौदा क्या है?
नेटफ्लिक्स ने वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के स्टूडियो और ऑनलाइन मंच विभाग को करीब 72 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 6 लाख करोड़ रुपये) में खरीदने का समझौता किया है। यह सौदा तभी पूरा होगा जब वार्नर कंपनी अपने डिस्कवरी ग्लोबल विभाग को अलग कर एक नई सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी बनाएगी। इसे 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा किए जाने की संभावना है।
MAI क्या कदम उठा रहा है?
MAI ने कहा है कि वह भारत और विदेशों में नियामक संस्थाओं के साथ बातचीत जारी रखेगा ताकि सिनेमाघर उद्योग के हितों की रक्षा की जा सके। MAI, जो वर्ष 2002 में बनाई गई थी, आज देश के 11 से अधिक मल्टीप्लेक्स समूहों और 550 से ज्यादा स्थानों का प्रतिनिधित्व करती है, जिनमें लगभग 3,000 पर्दे शामिल हैं।