Citadel 2 Review: तीन साल बाद लौटी सीरीज में छाईं प्रियंका चोपड़ा, ग्लैमर और स्टाइल के बीच कहां रह गई कमी?
Citadel Season 2 Review: प्रियंका चोपड़ा की लोकप्रिय हॉलीवुड सीरीज ‘सिटाडेल’ का दूसरा सीजन रिलीज हो चुका है। सात एपिसोड की सीरीज देखने से पहले पढ़िए ये रिव्यू और जानिए कैसा है शो…
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विस्तार
प्रियंका चोपड़ा और रिचर्ड मैडेन स्टारर ‘सिटाडेल’ ने लगभग तीन साल बाद वापसी की है। शो का दूसरा सीजन रिलीज हो चुका है। हालांकि, पहले सीजन ने जितनी सुर्खियां बटोरी थीं और रिलीज से पहले जितना हो-हल्ला था, दूसरे सीजन में वैसा कुछ देखने को नहीं मिला। जानते हैं कैसा है सात एपिसोड वाला प्रियंका चोपड़ा का ये नया शो?
कहानी
‘सिटाडेल सीजन 2’ की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पहला सीजन खत्म होता है। इस बार बड़ा खुलासा होता है कि सिटाडेल का असली गद्दार कोई और नहीं, बल्कि मेसन केन यानी काइल (रिचर्ड मैडेन) ही था। जिसने अपनी मां दाहिला के लिए एजेंसी की सीक्रेट जानकारी लीक की थी।
बर्नार्ड ओर्लिक (स्टेनली टुची) अब मैंटिकोर के खतरनाक खिलाड़ी पाउल ब्रागा (गैब्रियल लियोन) के कब्जे में है। दूसरी तरफ नादिया (प्रियंका चोपड़ा) अपनी बेटी आशा के साथ शांत जिंदगी जीने की कोशिश कर रही है। अब सवाल ये है कि नादिया सिन को जब मेसन केन के एजेंसी के गद्दारी के धोखे का पता चलेगा, तब क्या होगा?
पाउल ब्रागा एक ऐसी तकनीक बना रहा है, जो इंसान के दिमाग को अपने कब्जे में लेकर उसे हैवान बना देगी। इसका इस्तेमाल करके वो रशियन प्रेसीडेंट को मरवाना चाहता है। इसके लिए वो बर्नार्ड ओर्लिक से एक चिप बनाने को कहता है। लेकिन कैसे भी करके बर्नार्ड ब्रागा के चंगुल से खुद को छुटा लेता है।
रशियन राष्ट्रपति को 10 दिन के अंदर ब्रागा मारने का प्लान बनाता है। बर्नार्ड रशियन राष्ट्रपति को बचाने के लिए एक बार फिर पूरी सिटाडेल की टीम को एकजुट करने का काम करता है। इसके बाद पूरी टीम फिरसे साथ आती है।
फिर शुरू होती है असली कहानी। अब ऐसा करके ब्रागा क्या हासिल करेगा और दुनिया इससे कैसे खतरे में आएगी? क्या ये लोग इस खतरे को टाल पाएंगे और इनकी अपनी जिंदगी में क्या होगा? ये जानने के लिए सिटाडेल 2 देखना पड़ेगा।
हर एपिसोड में एक ना एक ट्विस्ट देखने को मिलता है, जो आपका इंटरेस्ट बनाए रखता है। हालांंकि, कहानी कमजोर लगती है, जिसकी वजह से ट्विस्ट और कलाकारों की मेहनत भी काम नहीं आती।
कहानी कहीं-कहीं पर काफी स्लो मालूम पड़ती है, जिस वजह से दर्शक बीच-बीच में बोर होने लगते हैं। पूरे शो के दौरान बार-बार अलग-अलग देशों को दिखाना, फ्लैशबैक बताना, फिर अलग-अलग समय की बात दिखाने से कई मर्तबा दर्शक कन्फ्यूज हो जाते हैं और कहानी से पूरी तरह से कनेक्ट नहीं कर पाते।
एक्टिंग
एक्टिंग की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा ने शानदार काम किया है। उनके काम को देखकर ऐसा लगता है कि सीरीज का पूरा दारोमदार उनके कंधों पर था, जिसे एक्ट्रेस ने बखूबी निभाया है। प्रियंका जब-जब स्क्रीन पर आती हैं, जबरदस्त लगती हैं।
वो एक्शन करते समय भी जंचती हैं और ग्लैमर में तो देसी गर्ल हमेशा से अव्वल रही हैं। बेटी और फैमिली से जुड़े इमोशंस को भी प्रियंका अच्छे से दिखाती हैं।
पाउल ब्रागा के किरदार में गैब्रियल लियोन काफी जंचते हैं। उनका किरदार ऐसा है, जिसमें उन्हें देखकर मजा आता है। हालांकि, वैसा विलेन पहले भी कई फिल्मों व सीरीज में देखने को मिला है, इसलिए कई मर्तबा रिपीट लगता है। लेकिन उन्होंने उसे निभाया अच्छे तरीके से है।
जैक रेनर ने जेम्स हच के किरदार में एक फनी, लेकिन चालाक इंसान का किरदार बखूबी निभाया है। इसके अलावा रिचर्ड मैडेन और स्टेनली टुची समेत बाकी कलाकारों ने भी अपने-अपने काम से न्याय किया है।
निर्देशन
सिटाडेल सीजन 2 को काफी बड़े बजट और दमदार स्टारकास्ट के साथ मसालेदार बनाने की कोशिश की गई है। इसमें एक्शन से लेकर रोमांस और इमोशन को भी डाला गया है। लेकिन इन सब बातों के चलते कहानी कन्फ्यूज करती है और कुछ जगह आप बोर होने लगते हैं।
एक्शन कई मौकों पर रिपीट लगता है और हाई क्लास एक्शन सीन मिसिंग भी लगते हैं। सीरीज का सबसे बड़ा हथियार इसका स्केल और लुक है। लोकेशंस शानदार हैं, कैमरा वर्क भी काफी स्टाइलिश है।
हालांकि, स्क्रीनप्ले कई जगह कमजोर मालूम पड़ता है, जो और भी बेहतर हो सकता था। सीरीज की राइटिंग में कुछ भी नया या अलग देखने को नहीं मिलता। हर स्पाई-थ्रिलर की तरह इसमें भी उसी तरह से शह-मात का खेल देखने को मिलता है। निर्देशन ठीक है, लेकिन कहानी को और भी बेहतर किया जा सकता था।
संगीत
सीरीज का बैकग्राउंड स्कोर कई मौकों पर उत्सुकता जगाता है। बाकी सीरीज में संगीत का कोई खास महत्व नहीं है।
कमियां
सीरीज की सबसे बड़ी कमी इसकी राइटिंग और स्टोरी लाइन है। कागज पर कहानी अगर थोड़ी और मजबूत होती, तो यह एक बेहतरीन स्पाई-थ्रिलर बन सकती थी। लेकिन राइटिंग में सीरीज हर पुरानी स्पाई-थ्रिलर की तरह लगती है। हां, कहानी के हर एपिसोड में कुछ न कुछ ट्विस्ट देने की कोशिश जरूर की गई है। लेकिन कुछ मौकों पर इन ट्विस्ट की ही वजह से कहानी कन्फ्यूज भी करती है।
देखें या नहीं
इस सीरीज में प्रियंका चोपड़ा को देखकर अच्छा लगता है। उन्होंने काम अच्छा किया है और उन्हें स्क्रीन स्पेस भी अच्छा मिला है। अगर आप प्रियंका के फैन हैं, तो इसे जरूर देख सकते हैं। वैसे ओटीटी आने के बाद इंडियन दर्शकों ने अब काफी इंटेंस और हाई लेवल का स्पाई-थ्रिलर कंटेंट देख लिया है, इसलिए उन्हें ये सीरीज एवरेज लग सकती है।