{"_id":"5e5e28ef8ebc3ef405352f96","slug":"short-film-devi-review-by-pankaj-shukla-kajol-neena-kulkarni-neha-dhupia-shruti-hassan-starrer","type":"story","status":"publish","title_hn":"Short Film Devi: देवियों ने साथ मिलकर रखा समाज की सुलगती रग पर हाथ, जरूर देखिए ये शॉर्ट फिल्म","category":{"title":"Reviews","title_hn":"रिव्यूज","slug":"movie-review"}}
Short Film Devi: देवियों ने साथ मिलकर रखा समाज की सुलगती रग पर हाथ, जरूर देखिए ये शॉर्ट फिल्म
Tue, 03 Mar 2020 03:23 PM IST
shrilata biswas
पंकज शुक्ल, मुंबई
पंकज शुक्ल, मुंबई
Published by: shrilata biswas
Updated Tue, 03 Mar 2020 03:23 PM IST
विज्ञापन
devi
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिजिटल रिव्यू: देवी (शॉर्ट फिल्म)
विज्ञापन
कलाकार: काजोल, मुक्ता बर्वे, नीना कुलकर्णी, नेहा धूपिया, रमा जोशी, संध्या म्हात्रे, शिवानी रघुवंशी, श्रुति हासन और यशस्विनी दायमा
लेखक-निर्देशक: प्रियंका बनर्जी
यूट्यूब चैनल: लार्ज शॉर्ट फिल्म्स
रेटिंग: ****
भारत की अदालतों में बलात्कार के करीब एक लाख मामले अब भी लंबित हैं। देश में औसतन बलात्कार के 90 मामले रोज होते हैं और इन मामलों में अभियुक्तों को सजा मिलने का प्रतिशत एक तिहाई से भी कम है। बाकी सारे दोषी सबूतों के अभाव में या पर्याप्त गवाह न मिलने के कारण छूट जाते हैं और ये सब उस देश में हो रहा है जिसकी 80 फीसदी आबादी किसी न किसी देवी की पूजा करती है। लार्ज शॉर्ट फिल्म्स के यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुई फिल्म देवी ये सारे आंकड़े फिल्म खत्म होने के बाद बताती है।
13 मिनट की फिल्म देवी में काजोल एक तरह से सूत्रधार की तरह कहानी को बांधती हैं। एक कमरे में एक तरफ निम्न आयवर्ग की महिलाएं हैं। दूसरी तरफ कुछ संभ्रांत घराने की युवतियां हैं। बीच में एक मूक बधिर बालिका है जो टीवी पर चल रहे समाचार सुनने के लिए रिमोट से संघर्ष कर रही है। इन सबकी जिंदगी इनके साथ हुए हादसों के चलते यहां अटक गई है। भीतर ये सब हैं। बाहर और लोग भी हैं जिन्हें इनके साथ आना है। तादाद बढ़ रही है। सब आपस में बहस कर रही हैं। बाहर वाले और भीतर आए तो भीतर वालों को तो बाहर जाना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिंदगी की साधारण सी दिखने वाली ये बहस धीरे धीरे दर्शक के मन में रिसती है। परत दर परत दर्द उघड़ता है और पता चला है कि इनमें से हर एक देह के साथ मर्यादा के मर्दन का शिकार हुई है। सबका दर्द भले एक सा है पर टीस सबकी अपनी अपनी है और इस घाव को कुरेद रही है वह आमद जिसे भीतर लाने का साहस आखिर इनको करना ही होता है। दरवाजा खुलता है और इस बार जो इनके साथ रहने आई है, उसे देखकर दर्शक का कलेजा मुंह को आ जाता है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले यूट्यूब पर रिलीज इस लघु फिल्म को प्रियंका बनर्जी ने वाकई काफी संजीदगी से लिखा है और फिल्माया भी इसे बहुत ही संवेदना के साथ है। काजोल के मराठी संवाद मारक हैं। श्रुति हसन, नीना कुलकर्णी और नेहा धूपिया की हालात से हड़बड़ी सहज लगती है। फिल्म आखिरी फ्रेम तक अपना संदेश मजबूती से सामने रखने में कामयाब होती है।
दिलजीत के बाद इस अभिनेता ने साझा की ट्रंप की बेटी के साथ तस्वीर, लिखा- 'हम सब पे भारी'