Rani Mukerji: 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' जैसी और फिल्में करना चाहती हैं रानी मुखर्जी, जन्मदिन पर किया खुलासा
रानी मुखर्जी ने अपने जन्मदिन पर अपनी पसंदीदा फिल्म के बारे में बात की। उन्होंने 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' के एक साल पूरा होने पर खुशी जाहिर करते हुए ऐसी और फिल्में करने की इच्छा जताई।
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बॉलीवुड अभिनेत्री रानी चटर्जी आज अपना 46वां जन्मदिन मना रही हैं। इस दौरान उन्होंने अपने करियर और अपनी फिल्मों के बारे में भी बात की। वहीं अभिनेत्री ने 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' के बारे में भी बात की। यह फिल्म 17 मार्च, 2023 को रिलीज हुई थी। हाल ही में फिल्म ने अपनी रिलीज के एक साल पूरे किए। फिल्म में रानी मुखर्जी ने एक आप्रवासी मां का किरदार निभाया है, जो अपने बच्चों की कस्टडी वापस पाने के लिए सभी बाधाओं से लड़ती हैं। रानी ने इस फिल्म का हिस्सा बनने के अपने अनुभव को साझा किया और बताया कि किस चीज ने उन्हें प्रयोगात्मक सिनेमा करने के लिए प्रेरित किया।
फिल्म की कहानी पर रानी की राय
फिल्म और इसे मिले दर्शकों के प्यार के बारे में बात करते हुए रानी मुखर्जी ने कहा कि यह बेहद खुशी देता है, क्योंकि तब हमें एहसास होता है कि हमारे दर्शक विभिन्न प्रकार की फिल्में, सामग्री देखना चाहते हैं और अगर हम अच्छी सामग्री और कहानी पेश करते हैं तो वे देखने आएंगे। मैंने कई साक्षात्कार दिए हैं और कहा है कि यह दूसरे देश में रहने वाली एक भारतीय महिला की कहानी है, जो कठिनाइयों का सामना करती है और अपने बच्चों को खो देती है। यह एक मां की शक्ति, साहस, ताकत की कहानी है, जिस तरह से उसने हार नहीं मानी और जिस तरह से उसने एक ऐसे देश में अपने बच्चों के लिए लड़ाई लड़ी, जहां की भाषा भी नहीं जानती थी। ऐसी भारतीय महिला पर बनी कहानी से यह जागरूकता आई कि विदेशों में भी ऐसी चीजें होती हैं।
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फिल्म से क्या मिला संदेश
दर्शकों को फिल्म से मिले संदेश पर बात करते हुए रानी ने कहा कि भारत में रहना बहुत बड़ी बात है। हमें यह समझना चाहिए, क्योंकि भारत में बहुत सारे लोग हैं, जो सोचते हैं कि अगर हम विदेश जाएंगे तो हमारा जीवन बेहतर होगा, लेकिन अपने देश में रहना और एक भारतीय होना, भारत में रहना अपने आप में बहुत बड़ी बात है, क्योंकि हम बहुत सी सुविधाएं हल्के में लेते हैं, लेकिन हो सकता है कि हमें दूसरे देशों में वैसी सुविधाएं न मिलें। हो सकता है कि दूसरे देशों में जो नियम-कायदे हों, वे हमारे देश में न हों। इसी तरह, जो सुख-सुविधाएं हमारे देश में हैं, वे शायद हमारे देश में न हों। दूसरे देशों में ऐसा नहीं होगा, इसलिए किसी भी देश में बसने से पहले हमें उस देश के बारे में सब कुछ जान लेना चाहिए।
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फिल्म को मिला दर्शकों का प्यार
रानी ने आगे कहा कि 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' के जरिए कई लोगों की आंखें खुल गईं, क्योंकि जरा सोचिए कि आपके बच्चे आपसे इसलिए छीन लिए गए, क्योंकि आप उन्हें हिंदुस्तानी तरीके से पाल रहे हैं। यह एक चीज है, जो मुझे इस कहानी से मिली। मुझे लगा कि मुझे यह किरदार निभाना चाहिए। रानी ने फिल्म के प्रदर्शन को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म महामारी के दौरान रिलीज हुई, ऐसे में यह बहुत बड़ी चुनौती थी कि फिल्म अच्छा प्रदर्शन करेगी या नहीं, लेकिन दर्शकों ने कहानी को समझा और इसे प्यार दिया।
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