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Roshan: बचपन में ही इन उस्तादों से ली शिक्षा, आज 'कव्वाली के बादशाह' नाम से होती है ऋतिक रोशन के दादा की पहचान

Wed, 15 Jan 2025 07:00 AM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Wed, 15 Jan 2025 07:00 AM IST
सार

हम बात कर रहे हैं, संगीतकार रोशन की, जो राकेश रोशन और राजेश रोशन के पिता और ऋतिक रोशन के दादा थे। आइए जानते हैं कव्वाली के बादशाह की जिंदगी से जुड़े कुछ अनछुए किस्सों के बारे में।

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Roshan music director Profile Know Rakesh Roshan Rajesh Roshan Father Hrithik Roshan Grandfather Facts
रोशन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय सिनेमा में ऐसे संगीतकारों ने जन्म लिया है, जिनके धुन इस कदर अमर हुए कि उनके जाने के बाद भी उनका संगीत आज भी लोगों की जुबां पर चढ़कर बोलता है। आज की इस खबर में हम आपको एक ऐसे ही संगीतकार से रूबरू कराने जा रहे हैं, जो अपनी कव्वाली से लोगों का मन मोह लेते थे। आज उनका परिवार बॉलीवुड में अपनी पैठ जमाए हुए है। हम बात कर रहे हैं, संगीतकार रोशन की, जो राकेश रोशन और राजेश रोशन के पिता और ऋतिक रोशन के दादा थे। आइए जानते हैं कव्वाली के बादशाह की जिंदगी से जुड़े कुछ अनछुए किस्सों के बारे में।
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छोटी उम्र में ही ली थी संगीत की शिक्षा
संगीतकार रोशन का जन्म 14 जुलाई 1927 में हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत से प्यार था। इसलिए उन्होंने छोटी उम्र में ही संगीत की शिक्षा ली थी। यही नहीं, उन्होंने सरोद वादक अलाउद्दीन खान के मार्गदर्शन में रोशन एक कुशल सरोद वादक बन गए। साल 1940 में ख्वाजा खुर्शीद अनवर ने रोशन को ऑल इंडिया रेडियो के एक कार्यक्रम में स्टाफ कलाकार के तौर पर रखा था। हालांकि, आठ साल बाद यानी कि 1948 में उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी थी।
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इन संगीतकारों से लिया था प्रशिक्षण
साल 1950 में संगीतकार रोशन ने मोहम्मद रफी और तलत महमूद के साथ काम किया था। इसके बाद उन्होंने एक मीरा भजन की रचना की, जिसे बाद में लता मंगेशकर ने नौबहार (1952) फिल्म के लिए गाया था। इस भजन का नाम था  "ऐरी मैं तो प्रेम दीवानी मेरा दर्द न जाने कोई"। हालांकि, उन्हें पहला ब्रेक संगीत निर्देशक निसार बज्मी ने 1956 में अपनी फिल्म भला आदमी (1956) से दिया था। यही नहीं, दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया था। आनंद बख्शी और रोशन ने मिलकर कई हिट गाने बनाए।
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संगीतकार ने दी थी ये हिट फिल्में
रोशन ने "बरसात की रात से ना तो कारवां की तलाश है" और "जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात" जैसी हिट फिल्में दीं। बरसात की रात भी 1960 के दशक की "सुपरहिट" फिल्म थी। रोशन 20 साल से भी ज़्यादा समय से दिल की बीमारी से पीड़ित थे। 16 नवंबर 1967 को मुंबई, महाराष्ट्र , भारत में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई , उनकी उम्र 50 साल थी।
 
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