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Samwad 2026: ‘क्रिटिक कौन हैं? ऑडियंस ही माई-बाप है’; संवाद के मंच पर बोले वरुण, ट्रोलिंग पर बोलीं मृणाल ठाकुर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Jyoti Raghav
Updated Tue, 19 May 2026 04:10 PM IST
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सार
Amar Ujala Samwad Lucknow 2026: अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026 का आयोजन राजधानी लखनऊ में जारी है। दो दिवसीय संवाद के दूसरे दिन आज अभिनेता वरुण धवन और मृणाल ठाकुर इस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे हैं। 'एंटरटेनमेंट का डबल तड़का' सेशन के अंतर्गत दोनों कलाकार अपनी आने वाली फिल्म और पर्सनल लाइफ से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे हैं।
वरुण धवन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026 का आयोजन राजधानी लखनऊ में जारी है। इस वैचारिक कार्यक्रम में चर्चित फिल्मी सितारे वरुण धवन और मृणाल ठाकुर ने भी शिरकत की। दोनों कलाकार इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' को लेकर चर्चा में हैं। संवाद के मंच पर दोनों सितारे अपनी राय रख रहे हैं। पढ़िए इन्होंने क्या कहा?
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वरुण, जो फिल्मी घरानों से आते हैं उन पर नेपोटिज्म का टैग लगता है। जो बाहर से आते हैं, उनके संघर्ष की बहुत कहानी होती है। आपके लिए अपना रास्ता बनाना कैसा रहा?
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वरुण: हमें जीवन परमात्मा की वजह से मिलता है। जीवन परमात्मा की देन है। मेरे हिसाब से हर इंसान को अपना टेस्ट देना पड़ता है। वो किसी भी तरीके से। मेरा टेस्ट यही था कि दर्शकों को जीतना था। मैंने काफी फिल्में पिता जी के निर्देशन के बिना बाहर भी की हैं। पिछली फिल्म बॉर्डर 2 काफी चली थी। बहुत प्यार मिला उसे। हर शुक्रवार एक नया टेस्ट होता है। अब जब भी कोई नेपोटिज्म का आरोप लगाता है तो मुझे लगता है कि वह बस एक आवाज है।
मृणाल, आपकी यात्रा अलग रही। पहले मराठी सिनेमा, फिर टीवी और फिर सुपर 30... यह सब कैसा रहा?
मृणाल: मैं लखनऊ में हूं। यहां मेरा मुस्कुराना नहीं रुक रहा। मैं जब तक लखनऊ न आऊं, कोई फिल्म पूरी नहीं होती। मैं सभी दर्शकों का शुक्रिया अदा करूंगी। मुझे दर्शकों ने जो प्यार दिया है, वही मेरे लिए एक आग का काम करता है। मैं सभी से यही कहना चाहूंगी कि आपके सपने कभी छोटे नहीं होते। आपका सपना एक दिन वरुण धवन के साथ काम करने का जरूर पूरा होगा, जैसे मेरा पूरा हुआ। मैं अपनी यात्रा में सपोर्ट करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया कहूंगी। मैं बहुत जल्दी बुरा मान जाती थी। उसके बावजूद सबका साथ मिला। वरुण ने जैसा कहा कि हर फ्राइडे टेस्ट होता है। मुझे भी कोई जब अचानक मिलकर कहता है कि आपका काम बहुत अच्छा लगा। आपकी वजह से मैंने अपना ख्वाब पूरा किया। तो वह बड़ी बात होती है।
वरुण कभी लगा कि कुछ और करना चाहिए?
वरुण: जब मैं छोटा था तो लगता था कि मेरा एक टीवी चैनल होना चाहिए। मैं पत्रकार बनूं या एंकर बनूं। मेरा एक टीवी शो होना चाहिए। इसके अलावा बचपन में लगता था कि अखबार के पहले पेज पर मेरा नाम आए। इस पर मेरा भाई मजाक बनाता था कि तू चोरी करेगा तो तेरा नाम जरूर आएगा। फिर, जब 14 साल का हुआ तो मुझे लगता था कि रेसलर बन जाऊं। मैंने WWE देखकर भी बहुत कुछ सीखा है।
बचपन की कोई शैतानी याद है?
वरुण: शैतानी और जवानी कभी छूटनी नहीं चाहिए। एक शैतानी याद है कि मेरी एक मामी आई थीं और उन्हें मेरे रूम में जगह दी गई। मुझे हॉल में सोना पड़ा तो मैं खुश नहीं था। मैंने मिक्सी में सारे मसाले डाल दिए और उससे एक वेलकम ड्रिंक तैयार की। वह वेलकम ड्रिंक उनके लिए बनाई और उन्हें यह पिला दिया था।
मृणाल: मैंने बहुत शैतानी की हैं और मार भी खाई है। मेरे घर में एक शादी थी। लोग बहुत ताने मारते थे। मैंने एक आंटी की मिमिक्री करनी शुरू कर दी थी। किसी ने बाद में देख लिया। इस बात पर बाद में बहुत डांट पड़ी।
वरुण, आपने बचपन में किसी पड़ोसी महिला की चीख सुनकर पुलिस को फोन भी कर दिया था?
वरुण: पुलिस को तो हमने बचपन में बहुत फोन किए हैं। हालांकि, ऐसा नहीं करना चाहिए।
लखनऊ आप आए हैं। यहां की आपकी कोई फेवरेट जगह या खानपान?
वरुण: सच बोलूं तो यहां आकर ऐसा ही लगता है कि अपने घर आया हूं। यहां के जो लोग हैं, जिस तरह से बात करते हैं तो ऐसा ही लगता है मेरे रिलेटिव हैं। मेरे चाचा भी लखनऊ से हैं। उनके घर का नाम था 'तीन भाई'। हाल ही में जब मैं 'बवाल' की शूटिंग करने आया था तो उनके स्कूल में शूटिंग की थी। मुझे हमेशा ऐसा लगता है कि मैं यहीं का हिस्सा हूं। चाट की बात की तो लखनऊ खाने के लिए जाना जाता है। लखनऊ में जितनी भी लड़कियां हैं, वो बहुत खूबसूरती से ड्रेस करती हैं। मेकअप अच्छा करती हैं। मुझे लगता है कि यहां पर जो लड़कियां सजती-संवरती हैं वो कहीं पर नहीं है। लखनऊ में स्कूल और कॉलेज भी एक नंबर के हैं। यहां लड़कियों की जो एजुकेशन है वह उम्दा है।
मृणाल: लखनऊ में गलौटी कबाब। लेकिन, मुझे लगता है कि कुछ सजेशन दर्शकों से भी मिलने चाहिए। हम आम का पन्ना और चाट का जायका लेंगे।
'है जावानी तो इश्क होना है' फिल्म का अनुभव कैसा रहा? कैसे मिली?
मृणाल ठाकुर: सबसे पहले मुझे फोन आया कि डेविड सर आपसे बात करना चाहते हैं।
वरुण: नहीं, आप भूल गए। मैं बताता हूं। मैं एक अवॉर्ड में परफॉर्म करने वाला था। मैं सोच रहा था कि किसके साथ करूं। मैं तब मृणाल को नहीं जानता था। हमने इनसे पूछा और ये आईं और दो मिनट रिहर्सल करके चली गईं। मैंने सोचा दो मिनट में ये क्या करेगी। बाद में जब लाइव किया तो वो (डेविड धवन) मुझे और मृणाल को देख रहे थे और उसी दिन मृणाल की कास्टिंग हो गई थी।
पूजा हेगड़े के साथ आपकी केमिस्ट्री?
मृणाल: बहुत अच्छा रहा। वरुण बहुत शैतानी करते थे सेट पर। वे जानकर मुझे पूजा और उसे मृणाल बुलाते थे, ताकि हममें लड़ाई हो। मगर, हमारी बॉन्डिंग इतनी अच्छी थी कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।
वरुण का कोई प्रैंक?
मृणाल: ये एक सीन कर रहे थे। मुझे लगा केक बेक कर रहे हैं। इन्होंने मेरे सिर पर पूरा अंडा फेंक दिया। अगले दिन इनका रोमांटिक सीन था मेरे साथ तो इन्हीं को झेलना पड़ा। बेचारी पूजा हेगड़े हमारी वजह से फंसती थी। हम शैतानी करते थे और सेट पर डांट उसे पड़ती थी।
डायरेक्टर क्योंकि पापा भी हैं तो? कैसा लगा सेट पर?
वरुण धवन: मेरी उनके साथ चौथी फिल्म है। मुझे तो पता है कि मम्मी तक भी शिकायत जाएगी। लेकिन, मुझे लगता है कि मेरा सौभाग्य है कि मैं ऐसे डायरेक्टर के साथ काम कर रहा हूं, जिनकी 80 फीसदी फिल्में सफल रही हैं। वो हमेशा कहते हैं कि चलती गाड़ी का बोनट नहीं खोलना चाहिए। वो आम आदमी के लिए फिल्म बनाना चाहते हैं, ताकि वो दो तीन घंटे के लिए सब भूल जाएं। एंटरटेनमेंट मिले।
एक वरुण धवन वो भी हैं, जो अक्टूबर और बदलापुर में नजर आए?
वरुण: ऐसे रोल भी करूंगा। आगे भी करूंगा। 'सुई धागा' भी की थी मैंने। ऐसी स्क्रिप्ट मुझे आसानी से नहीं मिलती। मैं इसके लिए फर्स्ट चॉइस नहीं होता हूं। मगर जब भी ऐसे मौके मिलते हैं तो ले लेता हूं। मैं अब इसी की खोज में हूं।
यह खुद की संतुष्टि के लिए होता है? या क्रिटिक्स के लिए?
वरुण: सर क्रिटिक कौन है और क्रिटिक कौन नहीं है? दर्शक तो आज माई-बाप हैं। हम उन्हीं की वजह से हैं। मगर, क्रिटिक तो आज कोई भी हो सकता है। सोशल मीडिया में एक क्लिकबेट होता है। नेगेटिव चीज को लोग ज्यादा देखते हैं।
सोशल मीडिया ट्रोलिंग को कैसे देखते हैं? हाल ही में आपका एक बयान विवादित हो गया?
मृणाल: मेरी फैमिली गांव से आती है। कोई जेन-जी और मिलेनियन फैमिली नहीं है। मैं अपने अनुभव बता रही थी। अगर स्टार्स अपने अनुभव बताते हैं तो जरूरी नहीं कि उन्हें ट्रोल किया जाए। बहुत से लोग इसलिए भी बात नहीं करते कि उन्हें ट्रोल किए जाने का डर लगता है। हालांकि, आज मुझे ट्रोलिंग का बहुत फर्क नहीं पड़ता। मैं अपने घर बहुत खुश हूं। अपने छोटे से घर में छोटी सी फैमिली के साथ।
मैं मानती हूं कि लोगों के प्रति दयालु रहिए। मुझे इसलिए ही मलयालम इंडस्ट्री बहुत पसंद है। जब फिल्म रिलीज होती है तो तीन दिन तक वहां कोई क्रिटिक नहीं आता है। आपको फिल्म पसंद है, डेविड धवन पसंद हैं। वरुण और मैं पसंद हैं तो आप जाइए और फिल्म देखिए। सोशल मीडिया पर जो होता है वो 100 फीसदी सच नहीं होता।
अब ओटीटी आ गया है। पहले जो फिल्में नहीं बन पाती थीं कुछ कारणों से, अब उन्हें भी प्लेटफॉर्म मिल रहा है। कहीं ओवर सप्लाई तो नहीं? यह अच्छा है या बुरा?
वरुण: देखिए, ओवर सप्लाई तो है। मगर, उसका कुछ कर नहीं सकते। तकनीक इतने रफ्तार पर दौड़ रही है। एआई आ गया है।
एआई से फिल्म बन रही हैं। करियर के लिए कोई डर नहीं लगता?
वरुण: वो सोचने वाली बात है। उसका ज्यादा इस्तेमाल कला के लिए खतरा भी हो सकता है और अच्छा भी। मेरे हिसाब से एक ह्यूमन टू ह्यूमन इमोशन होता है वो कभी नहीं जाएगा।
आने वाले वक्त में तो एआई से स्टार्स बन जाएंगे? इस पर क्या कहेंगे?
मृणाल: हर चीज का एक दौर आता है। उस वक्त ऑरकुट का दौर आया था चला गया। फेसबुक का दौर आया अब फेड हो रहा है। इंस्टाग्राम पर फन से ज्यादा न्यूज आ रही है। बहुत डिप्रैसिंग लगता है। कुछ भी हो, चाहें एआई। मैं हर दिन देखती हूं जब देखती हूं कि तो मेरा फेस किसी के साथ मॉर्फ्ड किया हुआ नजर आता है। मैं तो समझ जाती हूं कि ये फेक है। मगर, किसी को समझ न हो तो उसके लिए कैसा होगा? ऐसी फेक चीजों को लाइक और शेयर मत करिए, मेरी सबसे गुजारिश है।
वरुण इस फिल्म को क्यों देखें?
यह फिल्म (है जवानी तो इश्क होना है) एक साधारण रिलेशनशिप के बारे में नहीं है। 21 मई को इसका ट्रेलर आएगा। इसमें समझ जाएंगे कि न ही दो शादी हुई है। न दो बच्चे हैं। यह मिस्ट्री 21 तारीख को खुलेगी।
आपकी भी एक बेटी है। आजकल जैसी वेब सीरीज और फिल्म बन रही हैं। ऐसी कोई सीरीज हैं, जिन्हें हम अपने घर की महिलाओं के साथ नहीं देख सकते हैं। समाज पर गलत असर पड़ता है। आप क्या सोचते हैं?
वरुण: एक अभिभावक होने के नाते मैं और मेरी पत्नी अक्सर इस पर बात करते हैं कि कब तक बच्चों को तकनीक से रोकोगे? हर जगह फोन और टेक्नीक हैं तो बच्चे देख लेते हैं। फिलहाल तो मेरी बेटी सबसे ज्यादा बेबी शार्क सॉन्ग देखती है। मैं एक निश्चित उम्र तक अपने घर के बच्चों को दूर रखने की कोशिश करूंगा। फिर ये भी बात है कि आप किस उम्र तक कंट्रोल भी सकते हैं और कब तक पेरेंटिंग करेंगे।
एक्ट्रेस के आठ घंटे काम करने की बहस चल रही है। इस पर आपकी क्या राय है?
वरुण: एक एक्टर ने अगर फिल्म के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है तो यह कहना ठीक है कि मैं इतने घंटे काम कर सकता हूं। यह प्रोड्यूसर की मर्जी है कि वो राजी है या नहीं। मेरे हिसाब से यह सब निर्माता के ऊपर है। अब वो दिन भी गए कि जब सिर्फ एक्टर्स को ही मोटा पैसा मिलता था।
मृणाल: मैं बहुत ब्लेस्ड हूं कि मैंने इंडस्ट्री में इस युग में एंट्री ली है। मैंने जिन प्रोड्यूसर्स के साथ काम किया है तो बहुत अच्छा अनुभव रहा। पहले स्टार्स को स्टोरी नहीं बताई जाती थी। अब हम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं परिस्थिति अच्छी हो रही है। बहुत सारी एक्ट्रेस ने दूसरी एक्ट्रेस के लिए डोर ओपन किए हैं। उन सबका शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मेहनत करने वाली सभी महिलाओं की शुक्रगुजार हूं।
आपके करियर में क्या फायदा और नुकसान रहा?
मृणाल: फायदा ये है कि पूरा देश घूम सकते हो। हर जगह का कल्चर जान सकते हैं। नुकसान यह है कि बहुत मेहनत करनी पड़ती है। माता-पिता की एनिवर्सरी और बर्थडे तक सेलिब्रेट नहीं कर पाते हैं।
आपका ड्रीम रोल?
वरुण: मेरा ड्रीम रोल आर्म फोर्सेज का था। बॉर्डर में हो गया है। मैं और भी फिल्में ऐसी करना चाहूंगा। मैंने अब तक साई-फाई फिल्म नहीं की, वो करना चाहूंगा।
मृणाल: मैं बचपन में एलियन फिल्म, मार्वल फिल्म, जुरासिक फिल्म्स, ऐसी फिल्में बहुत देखती थी। मुझे ऐसी मूवी बहुत पसंद हैं। मैं इसी जॉनर को एक्सप्लोर करना चाहूंगी। यही मेरा ड्रीम रोल है। दूसरा, मुझे कथक बहुत पसंद है। शायद संजय लीला भंसाली कभी ऐसी फिल्म करें तो मुझे मौका मिल जाए।
अब तक का सबसे चैलेंजिंग रोल?
वरुण: अब तक मेरे लिए सबसे चैलेंजिंग रोल एक पिता का रहा है। कई चीजें आपको आंखों ही आंखों में साइन से समझनी पड़ती हैं। बहुत मुश्किल है। एक पिता की भूमिका सबसे मुश्किल होती है।
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रैपिड फायर में वरुण और मृणाल ने दिए इन सवालों के जवाब
पूजा और मृणाल में कौन ज्यादा हॉट है?
वरुण: दोनों ही हॉट हैं। दोनों क्यूट भी हैं। स्मार्ट और टैलेंटेड हैं।
नॉटी कौन ज्यादा है?
वरुण: पूजा छुपी रुस्तम है। मृणाल खुलेआम वार करती है।
दोनों में से किसे कास्ट करोगे?
वरुण: मृणाल ठाकुर। दोनों के साथ काम करना चाहूंगा। लेकिन अलग जॉनर में। मृणाल के साथ ट्रेजडी करना चाहूंगा। रोती बहुत अच्छे से है ये।
फेरवरेट डिश?
मृणाल: पूरण पोली। पोहा
वरुण: दही चावल और थोड़ा सा गुड़। आम पना भी चलेगा।
फेवरेट मूवी?
वरुण: देव आनंद साहब की गाइड बहुत पसंद है। हॉलीवुड में, 'अमेरिकन साइको'।
मृणाल: मेरी फेवरेट फिल्म है जब वी मेट। इम्तियाज सर की बहुत बड़ी फैन हूं। हॉलीवुड में बताऊं तो मैं बहुत रोमांटिक लड़की हूं। 'नोटबुक' बहुत पसंद है। बहुत सुंदर फिल्म है।
फेवरेट एक्टर और एक्ट्रेस?
वरुण: सलमान खान पसंद हैं। एक्ट्रेस श्रीदेवी बहुत पसंद थीं।
मृणाल: शाहरुख खान और इरफान खान। ये दोनों इंस्टीट्यूट हैं। एक्ट्रेस में तब्बू मेरी फेवरेट हैं। माधुरी दीक्षित भी।
फेवरेट सिंगर?
वरुण धवन: बहुत हैं। एक कैसे बताऊं। सोनू निगम को समझ लीजिए।
मृणाल ठाकुर: श्रेया घोषाल, सुनिधि चौहान।
फेवरेट जगह छुट्टी मनाने के लिए?
वरुण: भारत में तो गोवा और विदेश में अभी मोदी जी ने बोला है कि जाना नहीं है।
मृणाल: मेरे लिए सोनमर्ग, गुलमर्ग। श्रीनगर में ट्यूलिप गार्डन मेरा फेवरेट है। बाहर जाने को अभी मोदी जी ने मना किया है तो नहीं जाऊंगी।