यौन उत्पीड़न के कथित आरोपी डायरेक्टर रंजीत को नहीं मिली जमानत, केरल विभानसभा में नहीं डाल पाएंगे वोट
Film Director Ranjith Case: डायरेक्टर रंजीत को कोर्ट से किसी भी तरह की राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। केरल विभानसभा में भी वोट डालने के लिए उन्हें जमानत नहीं दी गई। जानिए, कोर्ट ने यह फैसला क्यों लिया?
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केरल के एर्नाकुलम की एक अदालत ने बुधवार को फिल्म निर्माता रंजीत को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। रंजीत फिलहाल एक युवा अभिनेत्री से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में जेल में बंद हैं। रंजीत ने गुरुवार को होने वाले मतदान में अपना वोट डालने के लिए अस्थायी राहत की मांग कोर्ट से की थी।
अदालत ने अभियोजन पक्ष के हक में सुनाया फैसला
डायरेक्टर रंजीत के वकील ने तर्क दिया कि वोट देना एक मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार है। वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया कि केवल इसी उद्देश्य के लिए अंतरिम जमानत दी जाए। हालांकि अभियोजन पक्ष ने इस याचिका का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि केवल वोट डालने के लिए जमानत नहीं दी जा सकती।
अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951' के प्रावधानों के तहत हिरासत में बंद व्यक्तियों को वोट देने का अधिकार नहीं है। यह देखते हुए कि कानूनी स्थिति स्पष्ट थी। अदालत ने अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे रंजीत की चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी की संभावना खत्म हो गई।
सुनवाई के दौरान कई बाधाएं सामने आईं
सुनवाई में डायरेक्टर रंजीत को अदालत के सामने पेश नहीं किया गया था। इस पर अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को सूचित किया कि पुलिसकर्मी चुनाव संबंधी कामों में व्यस्त थे और इसलिए कथित आरोपी को पेश करने में असमर्थ थे। मतदान समाप्त होने के बाद संभवत 10 अप्रैल को रंजीत को कोर्ट में पेश किया जाएगा। ऐसे में भी बचाव पक्ष ने पेशी में देरी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत के लिए अपने अनुरोध को दोहराया। हालांकि अदालत इससे सहमत नहीं हुई और राहत देने से इनकार कर दिया।
यौन उत्पीड़न का लगा डायरेक्टर पर आरोप
एक यंग एक्ट्रेस ने डायरेक्टर रंजीत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत के आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई। रंजीत इस महीने की शुरुआत से ही न्यायिक हिरासत में हैं। आने वाले दिनों में कोर्ट रंजीत की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी।