SS Rajamouli: एसएस राजामौली ने ऑस्कर को बताया जरूरी, बोले- दुनिया भर में भारतीय फिल्में मचा सकती हैं धूम
एसएस राजामौली ने ऑस्कर को जरूरी बताया है और कहा है कि इससे अच्छा प्रदर्शन होता है।
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एसएस राजामौली अपनी बेहतरीन फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। वह अपनी फिल्मों को बेहतर तरीके से पेश करना जानते हैं। बीते साल रिलीज हुई उनकी फिल्म आरआरआर ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर दिखाया था। फिल्म में राम चरण, जूनियर एनटीआर, अजय देवगन और आलिया भट्ट ने अभिनय किया था। इस फिल्म ने वैश्विक स्तर पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। आरआरआर के माध्यम से एसएस राजामौली ने दुनिया भर में अपने बेहतरीन निर्देशन की छाप छोड़ी है। इस फिल्म के गाने नाटू नाटू ने बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग के लिए ऑस्कर अवॉर्ड भी अपने नाम किया है।
ऑस्कर को एसएस राजामौली ने बताया जरूरी
हाल ही में एस एस राजामौली ने ऑस्कर को लेकर बात की है। उन्होंने बताया है कि ऑस्कर देश के लिए इतना जरूरी क्यों है। एसएस राजामौली ने इस कॉन्सेप्ट को समझाते हुए उन्होंने दक्षिण कोरियाई फिल्मों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले दक्षिण कोरिया एक बहुत छोटा उद्योग था, लेकिन पैरासाइट की ऑस्कर जीत और कुछ हिट शो के बाद अचानक उद्योग 10 गुना बढ़ गया है। इन फिल्मों और उनकी सफलता के कारण आज लोग अपने भोजन, कॉस्मेटिक आदि में भी रुचि रखते हैं। इसलिए अगर भारतीय फिल्में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रास्ता बना सकती है, तो न केवल फिल्में बल्कि भारतीय फैशन उद्योग भी अरबों में बदल सकता है।
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कोरियाई फिल्मों ने कमाया नाम
उन्होंने आगे कहा कि साल 2019 में जब बोंग जून हो की पैरासाइट को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए ऑस्कर मिला था और यह पहली कोरियाई फिल्म बनी थी। तभी से दुनिया भर के लोगों ने कोरियाई सामग्री में अधिक रुचि व्यक्त की है, जैसे कि के- ड्रामा से लेकर कोरियाई पॉप संगीत के अलावा और भी चीजों को खूब पसंद किया जा रहा है।
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