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Samay Raina: ‘पता नहीं किस तरह के यूथ आइकन हैं?’, सुप्रीम कोर्ट की समय रैना को फटकार; लगाया 3 लाख का जुर्माना
Tue, 14 Jul 2026 04:21 PM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Tue, 14 Jul 2026 04:21 PM IST
सार
Supreme Court On Samay Raina And Ranveer Allahbadia: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉमेडियन समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया को पिछले आदेश का पालन न करने पर फटकार लगाई है। कोर्ट ने रैना पर जुर्माना भी लगाया है।
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रणवीर अल्लाहबादिया, समय रैना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कॉमेडियन समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मंगलवार को उनके केस पर सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने उन्हें पिछले आदेश का पालन न करने पर फटकार लगाई है। अदालत ने समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर यह रकम जमा नहीं की गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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समय रैना
- फोटो : एक्स
शीर्ष अदालत ने लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को फटकार लगाते हुए कहा 'ये खुद को 'यूथ आइकॉन' कहते हैं। मुझे नहीं पता कि वह किस तरह का यूथ आइकॉन है। यह सोचकर ही मुझे घबराहट होती है। हमें लगता है कि (कॉमेडियन) समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया है और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है।'
रैना ने नहीं किया पालन
सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कहा कि रैना पहले दिए गए निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहे। कोर्ट ने गौर किया कि बेंच के सामने भरोसा दिलाने के बावजूद, उनका बाद का व्यवहार रिकॉर्ड पर दर्ज किए गए वादों के मुताबिक नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को फटकार लगाते हुए कहा 'ये खुद को 'यूथ आइकॉन' कहते हैं। मुझे नहीं पता कि वह किस तरह का यूथ आइकॉन है। यह सोचकर ही मुझे घबराहट होती है। हमें लगता है कि (कॉमेडियन) समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया है और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है।'
रैना ने नहीं किया पालन
सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कहा कि रैना पहले दिए गए निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहे। कोर्ट ने गौर किया कि बेंच के सामने भरोसा दिलाने के बावजूद, उनका बाद का व्यवहार रिकॉर्ड पर दर्ज किए गए वादों के मुताबिक नहीं था।
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रणवीर इलाहाबादिया
- फोटो : इंस्टाग्राम @beerbiceps
पीड़ित लोगों से नहीं किया संपर्क
सीनियर वकील अपराजिता सिंह का कहना है कि समय रैना शो तो कर रहे हैं लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्होंने एसएमए फाउंडेशन या पीड़ित लोगों से संपर्क नहीं किया है।
सीनियर वकील अपराजिता सिंह का कहना है कि समय रैना शो तो कर रहे हैं लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्होंने एसएमए फाउंडेशन या पीड़ित लोगों से संपर्क नहीं किया है।
छूट देती रही अदालत
अदालत ने कहा 'सार्वजनिक जीवन में, आप दूसरों का जितना सम्मान करते हैं, उतना ही सम्मान पाते हैं। हम उन्हें छूट देते रहे हैं। हमने सोचा था कि आप सम्मानित परिवारों से ताल्लुक रखने वाले युवा हैं। मगर लोगों को नीचा दिखाना आपके लिए फैशन बन गया है।'
अदालत ने कहा 'सार्वजनिक जीवन में, आप दूसरों का जितना सम्मान करते हैं, उतना ही सम्मान पाते हैं। हम उन्हें छूट देते रहे हैं। हमने सोचा था कि आप सम्मानित परिवारों से ताल्लुक रखने वाले युवा हैं। मगर लोगों को नीचा दिखाना आपके लिए फैशन बन गया है।'
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Amar Ujala
क्या बोले कॉमेडियन के वकील?
कॉमेडियन के वकील ने कहा एसएमए फाउंडेशन से संपर्क न करना अहंकार की वजह से नहीं हुआ है। कोर्ट के अधिकारियों के तौर पर हम क्लाइंट्स को समझाने की कोशिश करेंगे।
कॉमेडियन के वकील ने कहा एसएमए फाउंडेशन से संपर्क न करना अहंकार की वजह से नहीं हुआ है। कोर्ट के अधिकारियों के तौर पर हम क्लाइंट्स को समझाने की कोशिश करेंगे।
क्या था मामला?
दरअसल पिछले साल अगस्त में, सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के होस्ट समय रैना और उनके साथी कॉमेडियनों को विकलांगता और दुर्लभ आनुवंशिक विकारों वाले लोगों का मजाक उड़ाने के लिए बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने कहा था 'ऐसी हरकतों के लिए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत सजा हो सकती है। अपने पॉडकास्ट वगैरह पर जाकर माफी मांगें। फिर हमें बताएं कि आप कितना जुर्माना या हर्जाना भरने को तैयार हैं।'
दरअसल पिछले साल अगस्त में, सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के होस्ट समय रैना और उनके साथी कॉमेडियनों को विकलांगता और दुर्लभ आनुवंशिक विकारों वाले लोगों का मजाक उड़ाने के लिए बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने कहा था 'ऐसी हरकतों के लिए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत सजा हो सकती है। अपने पॉडकास्ट वगैरह पर जाकर माफी मांगें। फिर हमें बताएं कि आप कितना जुर्माना या हर्जाना भरने को तैयार हैं।'