फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Surendra Mohan Pathak Exclusive Interview with Pankaj Shukla Amar Ujala Web Series James Bond Hrithik Roshan

Surendra Mohan Pathak Exclusive: कोई देसी हीरो जेम्स बॉन्ड बनने लायक नहीं, सुरेंद्र मोहन पाठक की खरी खरी

Sun, 08 Jun 2025 03:06 PM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Sun, 08 Jun 2025 03:06 PM IST
सार

Surendra Mohan Pathak Interview: सुरेंद्र मोहन पाठक ने ‘अमर उजाला’ के लिए कुछ दिलचस्प प्रश्नों के रोचक उत्तर दिए पंकज शुक्ल को। 

विज्ञापन
Surendra Mohan Pathak Exclusive Interview with Pankaj Shukla Amar Ujala Web Series James Bond Hrithik Roshan
सुरेंद्र मोहन पाठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिंदी के जासूसी उपन्यासों में सुरेंद्र मोहन पाठक को उस फन का उस्ताद माना जाता है जिसमें किसी कहानी के हीरो और विलेन का फर्क मिट सा जाता है। उनके ऐसे ही एक किरदार विमल पर वेब सीरीज बनने जा रही है। सुरेंद्र मोहन पाठक ने इसी सिलसिले में ‘अमर उजाला’ के लिए कुछ दिलचस्प प्रश्नों के रोचक उत्तर दिए पंकज शुक्ल को।

विज्ञापन


जीवन के चौथपन में हिंदी मनोरंजन जगत में डेब्यू करने का ख्याल कैसे आया?
ख्याल बहुत अच्छा है, बहुत वेलकम है, देर आयद दुरुस्त आयद जैसा है। लेकिन अभी निर्माता से सिर्फ अनुबंध हुआ है, उसका प्रोजेक्ट कब परवान चढ़ेगा, कब मुकम्मल हो कर दर्शकों तक पहुंचेगा, कहना मुहाल है। बावजूद इसके कहना मुहाल है कि उनका सबकुछ छहमहीने में मुकम्मल कर डालने का दावा है।
विज्ञापन


ये खबर भी पढ़ें: Sonali Bendre: ‘आप सलमान से प्यार कर सकते हैं या नफरत’, सोनाली ने ‘हम साथ-साथ हैं’ के वक्त का सुनाया किस्सा

विज्ञापन
विज्ञापन

Surendra Mohan Pathak Exclusive Interview with Pankaj Shukla Amar Ujala Web Series James Bond Hrithik Roshan
सुरेंद्र मोहन पाठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

प्रस्ताव तो आपके पास इसके पहले भी आए ही होंगे?
अपने ट्रेड में मेरा दर्जा आइकॉनिक मिस्ट्री राइटर का है, और मेरी ख्याति ब्रांड नेम के तौर पर है इसलिए हिंदी सिनेमा से ऑफर तो आते ही रहते हैं लेकिन तकरीबन हर प्रस्ताव ऐसा होता है जो इस मसल को चरितार्थ करता है कि एक हम जैसे एक, हम से भी बुरे। खुद को निर्माता बताते हैं, मालूम पड़ता है कि ट्रैक रिकार्ड न होने के बराबर है और असल में ‘प्रोपोज़ल सेलर’ हैं। इसके बाद भी मुझ जैसे लेखक से उम्मीद करते हैं कि वह ये सुन कर ही बाग-बाग हो जाए कि मेरे नॉवल पर फिल्म या सीरियल बनाये जाने का प्रस्ताव है। पैसे की बात आती है तो ‘चिकन फीड’ (ऊंट में मुंह में जीरा जैसी कहावत) के बदले में कुल जहां के राइट्स हासिल करना चाहते हैं और वो ‘चिकन फीड’ भी एकमुश्त नहीं, कई किस्तों में देना चाहते हैं। 

लेकिन, कोई तो निर्माता आपकी शोहरत सुनकर आया होगा, जिसने आपको नहीं न कर पाने लायक प्रस्ताव दिया होगा?
केवल एक पुख्ता ऑफर मुझे मिली थी और वह बालाजी (टेलीफिल्म्स) से थी और जो मैंने भरपूर एकमुश्त एडवांस के एवज में बाखुशी कुबूल की थी। लेकिन बालाजी के साथ एग्रीमेंट को तीन साल से ऊपर हो चुके हैं और अभी तब स्टेप वन की खबर भी मुझ तक नहीं पहुंची है। बुक ट्रेड में मेरी बहुत तसल्लीबख्श हैसियत है, इसलिए बॉलीवुड का लेखक बनने की अपनी तरफ से मैंने कभी कोई कोशिश नहीं की। मुझे जब भी, जो भी ऑफर मिलती है, घर बैठे मिलती है लेकिन कुबूल करने लायक शायद ही कभी कोई होती है क्योंकि तकरीबन हर ऐसे प्रस्ताव में भेद होते हैं, खोट होती हैं, मिनीमम से मैक्सीमम हासिल करने की नीयत होती है। ऐसी ऑफर कोई बहुत ही जरूरतमंद शख्स कुबूल कर सकता है जोकि मैं नहीं हूं।

Surendra Mohan Pathak Exclusive Interview with Pankaj Shukla Amar Ujala Web Series James Bond Hrithik Roshan
सुरेंद्र मोहन पाठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और फाइनली आपको दो उपन्यासों पर फिल्म बनने जा रही है...
मेरे दो उपन्यासों पर फिल्म नहीं, वेब सीरीज बननी प्रस्तावित है। वे विमल सीरीज के शुरुआती दो उपन्यास हैं और विमल सीरीज अब तक 48 खंडों में प्रकाशित पंद्रह हजार पेजों की अविकल महागाथा है। निर्माता मुकम्मल सीरीज को सेल्यूलॉयड पर उतारने के लिए कटिबद्ध दिखाई देता है, आगे की राम जाने। मुझे निर्माता पीयूष दिनेश गुप्ता की तरफ से ये प्रस्ताव हासिल हुआ था लेकिन मैं शुरू में प्रस्ताव के प्रति उत्साहित नहीं था क्योंकि निर्माता का मैंने कभी नाम भी नहीं सुना था। हालांकि छह महीने वह लगे रहे और आखिर नतीजा सुखद निकला। निर्माता बहुत समझदार निकला, उसने मेरी हर शंका का समाधान किया, मेरी मर्जी के मुताबिक अपने एग्रीमेंट में निसंकोच तब्दीलियां कीं और सब से बड़ी बात एग्रीमेंट में निर्धारित मुकम्मल रकम एडवांस में अदा की। 

इन दिनों यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स का बहुत शोर है। इस सीरीज की कोई फिल्म आपने देखी हो, तो इनके जासूसों पर आपकी प्रतिक्रिया?
इस सवाल का जवाब मैं नहीं दे सकता क्योंकि मैं फिल्में, टीवी, नेटफ्लिक्स वगैरह नहीं देखता।        

 

Surendra Mohan Pathak Exclusive Interview with Pankaj Shukla Amar Ujala Web Series James Bond Hrithik Roshan
सुरेंद्र मोहन पाठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
हिंदी सिनेमा में आपकी पसंदीदा जासूसी फिल्में कौन सी रही हैं?
मेरी पसंदीदा हिन्दी जासूसी फिल्म सब से पहले तो बिमल रॉय की ‘अपराधी कौन’ है, फिर बी आर चोपड़ा की ‘धुंध’ है। कछु और भी हैं लेकिन उनके नाम इस घड़ी मुझे याद नहीं।

आपने 300 से ऊपर जासूसी उपन्यास लिखे हैं। हिंदी सिनेमा से कभी किसी हीरो को बतौर जेम्स बॉन्ड लेने की बात चले तो कौन सा हीरो इस किरदार के लिए परफेक्ट होगा?   
हिंदी सिनेमा का कोई हीरो जेम्स बॉन्ड बनने लायक नहीं है। गौरतलब है कि जेम्स बॉन्ड की फिल्मों के छह हीरो में से चार, खास तौर से हालिया बॉन्ड डेनियल क्रेग, अपनी शक्ल की वजह से नहीं जाने जाते, उनमें कोई और ही खूबियां हैं जो देसी ऐक्टरों में नहीं पाई जातीं। शक्ल से दुरुस्त दो ही थे और वे थे, एक- टिमोथी डाल्टन जो सबसे कमउम्र था और सिर्फ एक फिल्म में बॉन्ड बना और दूसरा-रोजर मूर, जो सब से ज्यादा, सात बार बॉन्ड बना और सातवीं फिल्म तक सबसे ज्यादा उम्र का था। बॉलीवुड से मजबूरी में कोई चुनना ही हो तो ऋतिक रोशन का नाम मैं ले सकता हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed