Amar Ujala Samvad 2024: कैसी है जॉन अब्राहम की जीवनशैली? बोले- मैं रात 9:30 बजे सोता हूं और चार बजे उठता हूं
जॉन अब्राहम ने बताया प्रोड्यूसर बनने का फैसला ऐसा ही बेबाकी भरा था। तब विकी डोनर बनाई। वह अपने वक्त से आगे की फिल्म थी। आयुष्मान और यामी ने उसमें अच्छा काम किया। मैं आदित्य चोपड़ा साहब को अपना गुरु मानता हूं।
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बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता जॉन अब्राहम इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'वेदा' को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। ये फिल्म 15 अगस्त को रिलीज होगी। अभिनेता इन दिनों फिल्म के प्रमोशन में बिजी चल रहे हैं। इसी बीच अभिनेता ने आज रविवार, 4 अगस्त को अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म 'वेदा', निजी जिंदगी और करियर पर बात की है। 20 साल के दौर में जॉन ने कई सितारों के बीच रहकर अपनी खास जगह बनाई है। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में अपनी अलग राह बनाना उनके लिए कितना मुश्किल रहा?
कैसी है जॉन अब्राहम की जीवनशैली?
जॉन अब्राहम ने कहा, मेरे साथी कलाकार बहुत अच्छे हैं। मैं किसी की निंदा नहीं करूंगा। दिक्कत यह है कि मैं सुबह साढ़े नौ बजे सो जाता हूं और सुबह साढ़े चार बजे उठ जाता हूं। मैं शराब नहीं पीता, तो मैं पार्टियों में जाकर क्या करूं। सुबह उठकर ही जिम जाता हूं। मेरी जीवनशैली अनुशासित है और लोगों को बोरिंग लगती है। मेरे लोगों से रिश्ते अच्छे हैं। मेरे पास पब्लिसिस्ट नहीं है। 20 साल में सिर्फ छह महीने ही मेरे पास पब्लिसिस्ट रहा और वह भी गलत फैसला रहा। मैं शादियों में नहीं जाना चाहता, पान मसाला का एड नहीं करना चाहता। तो कोई मेरे साथ टिक नहीं पाता था। मेरे साथ 'ना' बहुत हैं।
किसी बड़ी उपलब्धि का जिक्र करना चाहेंगे?
कार्यक्रम में अभिनेता से पूछा गया कि क्या वह किसी बड़ी उपलब्धि का जिक्र करना चाहेंगे? इस पर जॉन ने कहा, 'मैं बड़ा या खूबसूरत नहीं हूं, लेकिन बेबाक जरूर हूं। प्रोड्यूसर बनने का फैसला ऐसा ही बेबाकी भरा था। तब विकी डोनर बनाई। वह अपने वक्त से आगे की फिल्म थी। आयुष्मान और यामी ने उसमें अच्छा काम किया। मैं आदित्य चोपड़ा साहब को अपना गुरु मानता हूं। मेरी प्रयोगात्मक फिल्में विफल भी होती हैं, लेकिन आदित्य चोपड़ा मुझे बताते हैं कि जो फिल्में नहीं चलीं, वह आपके श्रेष्ठ निर्णयों में से एक थी।'
परमाणु को लोगों ने बताया था घटिया विषय
जॉन की फिल्में हमेशा अलग-अलग विषयों पर रही हैं। उन्होंने बताया कि लीक से हटकर फिल्में चुनने की हिम्मत उनमें कहा से आई? जॉन अब्राहम ने कहा, 'मेरी एक फिल्म थी। मैंने नरैशन दिया तो लोगों ने कहा कि इससे घटिया विषय मैंने जिंदगी में नहीं सुना। वह फिल्म परमाणु थी। प्रतिक्रिया जानकर मैं मुस्कराया। हमें खुद जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि फैसला हमारा होगा, तो नाकामी भी हमारी ही होगी।'
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