Fact Check: नेपाल में जेन-जी के प्रदर्शन के वीडियो को सीजेपी के प्रदर्शन से जोड़कर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये सीजेपी के प्रदर्शन का वीडियो है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को नेपाल का पाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग पुलिस पर हमला करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान का है। जहां युवा पुलिस पर आंसू गैस फेंक रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना नेपाल का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सीजेपी के प्रदर्शन में युवा पुलिस पर हमला कर रहे हैं।
पीके यादव नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा, ‘सोनम वांगचुक जी के एक युवा समर्थक की हिम्मत देखकर वहा मोजूद युवा खुश और जोश के साथ हुए, आंसू गैस का गोला युवाओ पार फेका, एक छात्र ने अपनी हिम्मत दिखाकर वापस पुलिस की तरफ फेंक दिया। ‘ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एक यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 12 सितंबर 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही बताया गया है कि यह नेपाल का है।
आगे की पड़ताल में हमें reuters की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 2 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई है। यहां बताया गया है कि यह वीडियो नेपाल का है। पिछले साल 8 सितंबर की दोपहर को, रसिक खतिवाड़ा नेपाल की संसद की इमारत के पास खड़े थे। उनके आस-पास सैकड़ों लोग भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ रैली कर रहे थे और उन्होंने हाथ में एक कागज़ का टुकड़ा पकड़ा हुआ था जिस पर लिखा था: "FUCK THE SYSTEM!" (सिस्टम की ऐसी-तैसी!)। दो घंटे के अंदर ही, 23 साल के इस छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है।