Fact Check: झूठा है प्रदर्शन कर रहे छात्रों को निशिकांत दुबे का धमकी देने का वायरल वीडियो, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि निशिकांत दुबे ने प्रदर्शन कर रहे हैं छात्रों को धमकी दी है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि निशिकांत दुबे ने सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को धमकी दी।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने वायरल वीडियो से संबंधित को बयान नहीं दिया है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सीजेपी प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों को धमकी दी है।
सचिन कश्यप( @Kashyap_1011 ) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,’सांसद निशिकांत दुबे का बयान वायरल, छात्र आंदोलन पर दी कड़ी चेतावनी।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
वीडियो में निशिकांत दुबे बोलते नजर आ रहे हैं कि जो भी छात्र इस कॉकरोच जनता पार्टी के उकसावे में आकर सड़कों पर उतरेगा। इसका अंजाम बेहद खौफनाक होगा। हम ऐसा एक्शन लेंगे कि उनकी पुश्तें याद रखेंगी। सरकार ये पक्का करेगी कि उपद्रवी छात्रों का नाम हर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाए, ताकि जीवन में कभी भी इन्हें कोई सरकारी या प्राइवेट नौकरी न मिल सके। इनका पूरा करियर मिट्टी में मिला दिया जाएगा और बात यहीं खत्म नहीं होगी, जिन मां-बाप ने अपने बच्चों को इन गुंडागर्दी में शामिल होने से नहीं रोका उन्हें भी बिना किसी वारेंट के घसीट कर जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा। इस अराजकता की कीमत अब पूरे परिवार को चुकाने पड़ेगी।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें आईएएनएस के एक्स हैंडल पर एक वीडियो देखने को मिला। यह पोस्ट 23 जुलाई 2026 को साझा की गई है। यहां पर वे बोलते नजर आ रहे हैं कि विरोध-प्रदर्शन एक बहुत गंभीर मामला है। भारत के खिलाफ सक्रिय विदेशी ताकतें जिनमें खालिस्तानी समूह, बांग्लादेश की इस्लामिक पार्टी की ताकतें, पाकिस्तान-आधारित ताकतें और सोरोस फाउंडेशन से जुड़े समूह शामिल हैं। पहले से ही देश में काम कर रही हैं। वही ताकतें और लॉबी जो धर्म-परिवर्तन में शामिल थीं, और जिनकी गतिविधियों पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री द्वारा FCRA बंद किए जाने के बाद रोक लगा दी गई थी, अब इसे एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही हैं। यहां पर उन्होंने वायरल वीडियो से संबंधित कुछ भी नहीं बोला है।
इसके बाद हमने वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में निशिकांत दुबे का बोलना उनके आवाज से मेल नहीं खा रहा है। यहां से हमें वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमने वायरल वीडियो के पड़ताल के लिए humanmeter टूल का इस्तेमाल किया। यह एआई टूल है। इस टूल ने वायरल वीडियो को 85 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है।