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Fact Check: एआई से बने वीडियो को इंडोनेशिया में पुल टूटने की घटना बताकर किया जा रहा शेयर, पड़ताल में पढ़ें सच

Tue, 05 Aug 2025 04:03 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 05 Aug 2025 04:03 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इंडोनेशिया के बाली में पुल टूटने के कारण कई लोगों की मौत हो गई है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

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Many people died due to bridge collapse in Indonesia, read the full truth in the investigation
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर `एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक पुल के सहारे झरना पार करते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद पुल के अचानक टूट जाने के कारण लोग नीचे खाई में गिर जाते हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो इंडोनेशिया के बाली का है। इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि पुल टूटने की वजह से कई लोगों की जान चली गई है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है, जिसे वास्तविक घटना बताकर शेयर किया जा रहा है। 

क्या है दावा 

सोशल  मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बाली में पुल टूटने के कारण कई लोगों की जान चली गई है।
रोहित उचाना नाम के एक्स यूजर ने लिखा ”बाली इंडोनेशिया में पुल टूटने से चली गई अनेक लोगों की जान झरने को क्रॉस कर रहे थे युवक।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें कोलोतोय ऐ नाम के इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। वायरल वीडियो को 28 जुलाई 2025 को साझा किया गया है।  

इसके बाद हमने यूजर के अकाउंट को चेक किया। यूजर के अकाउंट में वायरल वीडियो जैसे अन्य वीडियो भी देखने को मिले।  इसके साथ ही यूजर ने खुद को एआई क्रिएटर बताया है। 


यहां से हमें पता चलता है कि वायरल वीडियो एआई से बना हो सकता है। इसके बाद हमने वायरल वीडियो का पड़ताल करने के लिए कैन्टिलक्स टूल का इस्तेमाल किया। यह एक एआई डिटेक्शन टूल है। इस टूल से जांच करने से पता चला कि वीडियो को एआई के माध्यम से बने होने की संभावना बहुत अधिक है। टूल ने वीडियो की कई पैमाने पर जांच की। टूल ने वीडियो का पैटर्न विश्लेषण, बनावट और आर्टिफैक्ट डिटेक्शन की जांच की। सभी जांच के बाद टूल ने वीडियो को एआई से बना बताया।

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से निर्मित पाया है। वायरल वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।

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