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Fact Check: दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर पुल गिरने का वीडियो वायरल, एआई से किया गया है खेल; पढ़ें पूरी पड़ताल

Sat, 02 Aug 2025 08:35 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sat, 02 Aug 2025 08:35 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर पुल गिरने के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

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Video of bridge collapse at Delhi Metro station is made using AI, read full investigation
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में मेट्रो स्टेशन की इमारत गिरती हुई नजर आ रही है। आगे नजर आता है कि  इमारत गिरने के कारण मेट्रो स्टेशन में आग भी लग गई है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर पुल टूटने से हजारों लोगों की जान चली गई है।

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अमर उजाला  ने अपनी पड़ताल में वायरल दावा को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई जेनरेटेड है। हाल ही में दिल्ली मेट्रो स्टेशन में इमारत गिरने की कोई घटना नहीं हुई है। 

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क्या है दावा? 
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो स्टेशन में पुल गिरने के कारण हजारों लोगों की जान चली गई है। 

नौशाद दीवाना नाम के एक फेसबुक यूजर ने वीडियो को शेयर कर लिखा “ दिल्ली में मेट्रो पुल टूटने से गई हजारों लोगों की जान” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 
हमने दावे की पड़ताल करने के लिए पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें दिल्ली मेट्रो स्टेशन में पुल गिरने के कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली।
 
इसके बाद हमने वीडियो को ध्यान से देखा। इस दौरान हमें वीडियो में कई कई विसंगतियां दिखाई दीं। जैसे कि मेट्रो स्टेशन की इमारत गिरने के कारण से अचानक से पानी का आ जाना। इन विसंगतियों देखने के बाद हमें वीडियो का एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमने एआई से बने होने की पड़ताल के लिए कैन्टिलक्स टूल का इस्तेमाल किया। यह एक एआई डिटेक्शन टूल है। इस टूल से जांच करने से पता चला कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। टूल ने वीडियो की कई पैमाने पर जांच की। टूल ने वीडियो का पैटर्न विश्लेषण, बनावट और आर्टिफैक्ट डिटेक्शन की जांच की। सभी जांच के बाद टूल ने वीडियो को एआई से बना बताया।


इसके बाद हमने आगे की पड़ताल के लिए हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने हमें वीडियो के 76.8% एआई से बने होने की जानकारी दी।



यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो एआई से बना है।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को एआई जेनरेटेड पाया। दिल्ली मेट्रो स्टेशन में कोई भी पुल गिरने की घटना नहीं हुई है।

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