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Ambala News: डिप्लोमा इंजीनियरिंग के लिए एडमिशन डैशबोर्ड जारी
Fri, 07 Aug 2026 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:45 AM IST
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अंबाला। जिले में डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों का एडमिशन डैशबोर्ड सामने आ गया है। सरकारी पॉलीटेक्नीक संस्थानों में छात्रों का जबरदस्त रूचि देखने को मिली है। वहीं, दूसरी ओर प्राइवेट कालेजों में कई सीटें खाली पड़ी हैं।
जिले भर में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए कुल 1,548 सीटें स्वीकृत थीं। इनके मुकाबले 970 विद्यार्थियों ने सामान्य सीटों पर प्रवेश लिया है। इसके अलावा, ट्यूशन फीस वेवर के तहत 30 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अंतर्गत 42 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है। हालांकि अभी भी सरकारी संस्थानों में 500 के करीब सीटें खाली रह गई हैं।
सरकारी संस्थानों की कई ब्रांचों में शत-प्रतिशत प्रवेश
सरकारी पॉलीटेक्निक, अंबाला सिटी और कल्पना चावला गवर्नमेंट पॉलीटेक्नीक फॉर वूमेन में छात्रों और युवतियों ने बढ़-चढ़कर दाखिला लिया है। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर इंजीनियरिंग (सरकारी पॉलीटेक्निक, सिटी) में स्वीकृत 60-60 सीटों पर पूरे 100% यानी सभी छात्र प्रवेश पा चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में भी 60 में से 60 सीटों पर कब्जा हो चुका है। सिविल और मैकेनिकल जैसी कोर ब्रांचों में भी बंपर एडमिशन दर्ज किए गए हैं, जहां 120 सीटों में से क्रमशः 115 और 116 सीटों पर दाखिले हुए हैं। वहीं, महिला पॉलीटेक्नीक में मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी की सभी 60 सीटें फुल रहीं।
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प्राइवेट कॉलेजों में कम रुचि
इसके विपरीत, प्राइवेट संस्थानों में स्थिति काफी चिंताजनक नजर आ रही है। देव पॉलीटेक्नीक कॉलेज, बराड़ा में सिविल इंजीनियरिंग की 54 सीटों में से मात्र 1 छात्र ने प्रवेश लिया, जबकि 53 सीटें खाली रह गईं। कंप्यूटर इंजीनियरिंग में भी 30 में से केवल 1 ही दाखिला हुआ है। हालांकि, इसी कॉलेज के मेडिकल लेबोरेटरी कोर्स में 60 में से 55 सीटें भरी हैं।
श्री राम मुलाख कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (नारायणगढ़) में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की सभी 60 सीटें पूरी तरह खाली पड़ी हैं, यहां एक भी प्रवेश नहीं हुआ। इसके अलावा सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल ब्रांचों में भी अधिकांश सीटें खाली रह गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी शिक्षा के प्रति युवाओं का रुझान सरकारी संस्थानों और चुनिंदा कोर ट्रेडों की तरफ ही अधिक केंद्रित है, जबकि प्राइवेट कालेजों को छात्रों को आकर्षित करने के लिए अपनी व्यवस्थाओं में सुधार करने की जरूरत है। संवाद
15 अगस्त तक दाखिले की प्रक्रिया जारी रहेगी। अभी कुछ कोर्स में सीटें खाली रह गई हैं। बच्चों की लगातार काउंसलिंग की जा रही है।
बीनू बजाज, प्राचार्य, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी राजकीय पॉलीटेक्निक, सिटी
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जिले भर में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए कुल 1,548 सीटें स्वीकृत थीं। इनके मुकाबले 970 विद्यार्थियों ने सामान्य सीटों पर प्रवेश लिया है। इसके अलावा, ट्यूशन फीस वेवर के तहत 30 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अंतर्गत 42 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है। हालांकि अभी भी सरकारी संस्थानों में 500 के करीब सीटें खाली रह गई हैं।
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सरकारी संस्थानों की कई ब्रांचों में शत-प्रतिशत प्रवेश
सरकारी पॉलीटेक्निक, अंबाला सिटी और कल्पना चावला गवर्नमेंट पॉलीटेक्नीक फॉर वूमेन में छात्रों और युवतियों ने बढ़-चढ़कर दाखिला लिया है। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर इंजीनियरिंग (सरकारी पॉलीटेक्निक, सिटी) में स्वीकृत 60-60 सीटों पर पूरे 100% यानी सभी छात्र प्रवेश पा चुके हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में भी 60 में से 60 सीटों पर कब्जा हो चुका है। सिविल और मैकेनिकल जैसी कोर ब्रांचों में भी बंपर एडमिशन दर्ज किए गए हैं, जहां 120 सीटों में से क्रमशः 115 और 116 सीटों पर दाखिले हुए हैं। वहीं, महिला पॉलीटेक्नीक में मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी की सभी 60 सीटें फुल रहीं।
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प्राइवेट कॉलेजों में कम रुचि
इसके विपरीत, प्राइवेट संस्थानों में स्थिति काफी चिंताजनक नजर आ रही है। देव पॉलीटेक्नीक कॉलेज, बराड़ा में सिविल इंजीनियरिंग की 54 सीटों में से मात्र 1 छात्र ने प्रवेश लिया, जबकि 53 सीटें खाली रह गईं। कंप्यूटर इंजीनियरिंग में भी 30 में से केवल 1 ही दाखिला हुआ है। हालांकि, इसी कॉलेज के मेडिकल लेबोरेटरी कोर्स में 60 में से 55 सीटें भरी हैं।
श्री राम मुलाख कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (नारायणगढ़) में एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग की सभी 60 सीटें पूरी तरह खाली पड़ी हैं, यहां एक भी प्रवेश नहीं हुआ। इसके अलावा सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल ब्रांचों में भी अधिकांश सीटें खाली रह गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी शिक्षा के प्रति युवाओं का रुझान सरकारी संस्थानों और चुनिंदा कोर ट्रेडों की तरफ ही अधिक केंद्रित है, जबकि प्राइवेट कालेजों को छात्रों को आकर्षित करने के लिए अपनी व्यवस्थाओं में सुधार करने की जरूरत है। संवाद
15 अगस्त तक दाखिले की प्रक्रिया जारी रहेगी। अभी कुछ कोर्स में सीटें खाली रह गई हैं। बच्चों की लगातार काउंसलिंग की जा रही है।
बीनू बजाज, प्राचार्य, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी राजकीय पॉलीटेक्निक, सिटी