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फ्री होल्ड पॉलिसी पर जरूरत पड़ी तो सरकार से लड़ेंगे : विज
Fri, 07 Aug 2026 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:44 AM IST
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अंबाला छावनी की अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में फ्री होल्ड मुद्दे की जानकारी देते उर्
- फोटो : samvad
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी की फ्री होल्ड पॉलिसी को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने कहा कि यदि छावनी की जनता को उसका जायज हक दिलाने के लिए सरकार से भी लड़ना पड़ा, तो वे सरकार के बजाय जनता के साथ खड़ा मिलंेगे।
विज, अग्रवाल धर्मशाला में वीरवार को भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जब जल्दबाजी में इस पॉलिसी को पास कराने का प्रस्ताव रखा, तो मैंने मुख्यमंत्री के समक्ष आपत्ति जताई कि मुझसे इस बारे में एक बार भी नहीं पूछा गया कि जनता क्या चाहती है। विज के विरोध और हस्तक्षेप के चलते ही अधिकारियों के लाख जोर लगाने के बावजूद उस बैठक में इस एजेंडे को स्थगित करा दिया गया।
पॉलिसी के प्रावधानों पर गंभीर आपत्तियां : वकीलों के साथ इस नई पॉलिसी का गहराई से अध्ययन करने के बाद अनिल विज ने इसके कई पहलुओं से पर्दा उठाया। पॉलिसी के प्रावधानों के मुताबिक, मकान मालिक या काबिज व्यक्ति को मौजूदा कलेक्टर रेट के हिसाब से पूरी राशि चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी की एक हजार गज जमीन है और वहां कलेक्टर रेट 60 हजार रुपये है, तो उसे रजिस्ट्री के लिए सीधा छह करोड़ रुपये जमा कराने होंगे।
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वहीं, पॉलिसी में यह शर्त जोड़ी गई है कि रजिस्ट्री तभी होगी जब संपत्ति के ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स (मूल दस्तावेज) लाकर दिए जाएंगे। मंत्री ने सवाल उठाया कि पुरखों और परदादाओं के जमाने के मौखिक बंटवारे वाले ये कागजात आज लोग कहां से लाएंगे। पोर्टल पर आवेदन करते वक्त ही 25 फीसदी राशि अग्रिम देनी होगी और एक साल के भीतर बाकी पैसा न देने पर मकान सील करके सरकार उसे अपने कब्जे में ले लेगी। यही नहीं, आवेदन न करने वालों से बाजार दर पर किराया वसूलने जैसी बातें भी इसमें शामिल हैं।
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अंबाला। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी की फ्री होल्ड पॉलिसी को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने कहा कि यदि छावनी की जनता को उसका जायज हक दिलाने के लिए सरकार से भी लड़ना पड़ा, तो वे सरकार के बजाय जनता के साथ खड़ा मिलंेगे।
विज, अग्रवाल धर्मशाला में वीरवार को भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जब जल्दबाजी में इस पॉलिसी को पास कराने का प्रस्ताव रखा, तो मैंने मुख्यमंत्री के समक्ष आपत्ति जताई कि मुझसे इस बारे में एक बार भी नहीं पूछा गया कि जनता क्या चाहती है। विज के विरोध और हस्तक्षेप के चलते ही अधिकारियों के लाख जोर लगाने के बावजूद उस बैठक में इस एजेंडे को स्थगित करा दिया गया।
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पॉलिसी के प्रावधानों पर गंभीर आपत्तियां : वकीलों के साथ इस नई पॉलिसी का गहराई से अध्ययन करने के बाद अनिल विज ने इसके कई पहलुओं से पर्दा उठाया। पॉलिसी के प्रावधानों के मुताबिक, मकान मालिक या काबिज व्यक्ति को मौजूदा कलेक्टर रेट के हिसाब से पूरी राशि चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी की एक हजार गज जमीन है और वहां कलेक्टर रेट 60 हजार रुपये है, तो उसे रजिस्ट्री के लिए सीधा छह करोड़ रुपये जमा कराने होंगे।
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वहीं, पॉलिसी में यह शर्त जोड़ी गई है कि रजिस्ट्री तभी होगी जब संपत्ति के ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स (मूल दस्तावेज) लाकर दिए जाएंगे। मंत्री ने सवाल उठाया कि पुरखों और परदादाओं के जमाने के मौखिक बंटवारे वाले ये कागजात आज लोग कहां से लाएंगे। पोर्टल पर आवेदन करते वक्त ही 25 फीसदी राशि अग्रिम देनी होगी और एक साल के भीतर बाकी पैसा न देने पर मकान सील करके सरकार उसे अपने कब्जे में ले लेगी। यही नहीं, आवेदन न करने वालों से बाजार दर पर किराया वसूलने जैसी बातें भी इसमें शामिल हैं।

अंबाला छावनी की अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में फ्री होल्ड मुद्दे की जानकारी देते उर्- फोटो : samvad