{"_id":"69890d308f3abe6c4c0da804","slug":"an-error-in-the-ppp-is-causing-an-obstacle-in-the-secure-job-portal-ambala-news-c-36-1-sknl1017-157943-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: सुरक्षित नौकरी के पोर्टल में पीपीपी में त्रुटि बन रही बाधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: सुरक्षित नौकरी के पोर्टल में पीपीपी में त्रुटि बन रही बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Mon, 09 Feb 2026 03:54 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत पांच साल से अधिक अनुभव वाले कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देने की प्रक्रिया कागजी कार्रवाई व तकनीकी बाधाओं में उलझ गई है। पहचान पत्र संबंधी दिक्कतों के कारण अकेले स्वास्थ्य विभाग के करीब 100 कर्मचारियों के आवेदन अब तक अटके हुए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 फरवरी है, जिससे कर्मचारियों इस दुरुस्त करवाने में जुटे हुए है। इनमें किसी का नाम गलत है तो किसी में कुछ कमी है। कर्मचारी इन्हें दुरुस्त करवाने में जुटे हुए है ताकि जल्द से जल्द इस कमी को दूर कर आवेदन करवाया जा सके।
-- -- -- --
शादी का बंधन बना बाधा, वैकल्पिक व्यवस्था में जुटे कर्मचारी
नागरिक अस्पतालों में लगे महिला कर्मचारियों के आड़े सबसे बड़ी बाधा यह है कि उनकी शादी पंजाब में हो गई है। हालांकि वह अभी तक रोजाना सफर तय कर अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही है। पिछले 6-7 सालों से काम करने के कारण वह इसका लाभ उठा सकती है लेकिन पंजाब का परिवार पहचान पत्र मान्य नहीं है। शादी के बाद पंजाब का पहचान पत्र होने के कारण हरियाणा का पोर्टल उसे स्वीकार नहीं कर रहा है। वर्षों से यहां सेवाएं देने के बावजूद तकनीकी कारणों से उन्हें सुरक्षित नौकरी के लाभ से वंचित होने का खतरा सता रहा है। ऐसे में वह बीच का रास्ता जुटाने में लग गई है। बता दें कि पहले यह डाटा 31 जनवरी तक अपडेट होना था लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण डाटा पूरी तरह अपलोड नहीं हो पाया, जिसके बाद तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी की गई।
-- -- -
डाटा अपलोड होने के बाद खत्म हो जाएगी छंटनी का डर
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी कर्मचारियों को अनुभव पत्र देने के बाद ही फाइनल पोर्टल पर अपलोड होगा। इनमें तकनीकी व गैर तकनीकी स्टाफ व अन्य श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। एक बार डाटा पोर्टल पर फ्रीज होने के बाद ये कर्मचारी सरकार की सुरक्षित नौकरी की पॉलिसी के दायरे में आ जाएंगे, जिससे उनकी छंटनी का डर खत्म हो जाएगा। उधर, कर्मचारियों में भी इसको लेकर खुशी का माहौल है। सभी अस्पतालों में विशेष स्टाफ कर्मचारियों के डाटा की जांच कर रहा है कि आखिर उनमें कोई गड़बड़ी है कि नहीं। संवाद
-- -- -- -
पांच साल पुराने कर्मचारियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए यह राहत की बात है। 20 फरवरी से पहले सभी कर्मचारियों का डाटा अपलोड करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। परिवार पहचान पत्रों में कोई दिक्कत है तो उसे कर्मचारियों को ही दुरुस्त करवा होगा ताकि वह इस योजना का लाभ उठा सके।
डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला
-- --
Trending Videos
शादी का बंधन बना बाधा, वैकल्पिक व्यवस्था में जुटे कर्मचारी
नागरिक अस्पतालों में लगे महिला कर्मचारियों के आड़े सबसे बड़ी बाधा यह है कि उनकी शादी पंजाब में हो गई है। हालांकि वह अभी तक रोजाना सफर तय कर अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही है। पिछले 6-7 सालों से काम करने के कारण वह इसका लाभ उठा सकती है लेकिन पंजाब का परिवार पहचान पत्र मान्य नहीं है। शादी के बाद पंजाब का पहचान पत्र होने के कारण हरियाणा का पोर्टल उसे स्वीकार नहीं कर रहा है। वर्षों से यहां सेवाएं देने के बावजूद तकनीकी कारणों से उन्हें सुरक्षित नौकरी के लाभ से वंचित होने का खतरा सता रहा है। ऐसे में वह बीच का रास्ता जुटाने में लग गई है। बता दें कि पहले यह डाटा 31 जनवरी तक अपडेट होना था लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण डाटा पूरी तरह अपलोड नहीं हो पाया, जिसके बाद तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
डाटा अपलोड होने के बाद खत्म हो जाएगी छंटनी का डर
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी कर्मचारियों को अनुभव पत्र देने के बाद ही फाइनल पोर्टल पर अपलोड होगा। इनमें तकनीकी व गैर तकनीकी स्टाफ व अन्य श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। एक बार डाटा पोर्टल पर फ्रीज होने के बाद ये कर्मचारी सरकार की सुरक्षित नौकरी की पॉलिसी के दायरे में आ जाएंगे, जिससे उनकी छंटनी का डर खत्म हो जाएगा। उधर, कर्मचारियों में भी इसको लेकर खुशी का माहौल है। सभी अस्पतालों में विशेष स्टाफ कर्मचारियों के डाटा की जांच कर रहा है कि आखिर उनमें कोई गड़बड़ी है कि नहीं। संवाद
पांच साल पुराने कर्मचारियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए यह राहत की बात है। 20 फरवरी से पहले सभी कर्मचारियों का डाटा अपलोड करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। परिवार पहचान पत्रों में कोई दिक्कत है तो उसे कर्मचारियों को ही दुरुस्त करवा होगा ताकि वह इस योजना का लाभ उठा सके।
डॉ. राकेश सहल, सीएमओ अंबाला