{"_id":"6a83790369c108fc7902111f","slug":"baby-horse-searching-for-its-mother-suffers-severed-neck-rescued-through-surgery-ambala-news-c-36-1-amb1002-168029-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: मां को खोज रहे नन्हे घोड़े की कटी गर्दन, ऑपरेशन कर बचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: मां को खोज रहे नन्हे घोड़े की कटी गर्दन, ऑपरेशन कर बचाया
विज्ञापन
पशु चिकित्सालय में घोड़े के बच्चे का उपचार करते हुए चिकित्सक। दल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- वंदे मातरम दल की कोशिश के बाद सरकारी पशु चिकित्सालय में चला बचाव अभियान
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। मां की ममता का कोई विकल्प नहीं होता, चाहे वह इंसान हो या बेजुबान। छावनी के गांधी ग्राउंड के पास तीन दिन से एक दर्दनाक मंजर देखने को मिल रहा था। जिस मां के आंचल की छांव में एक नन्हा घोड़ा बेफिक्र होकर घूमता था, अचानक वही छांव उसके सिर से उठ गई। तीन दिन पहले जब बीमारी से मां की मौत हुई, तो बेखबर मासूम की दुनिया ही उजड़ गई। वह बदहवास होकर गलियों और सड़कों पर अपनी मां को तलाशता रहा।
सोमवार को मां को खोजते-खोजते यह बेजुबान अंबाला-जगाधरी राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया। नन्हे घोड़े की गर्दन पर गहरा घाव हो गया और मुंह से खून बहने लगा। तड़पते हुए इस बेजुबान पर जब राहगीरों की नजर पड़ी, तो उन्होंने वंदे मातरम दल को सूचना दी।
सदस्य भरत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उसे रामबाग स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद नन्हे घोड़े की जान बचाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। मां की ममता का कोई विकल्प नहीं होता, चाहे वह इंसान हो या बेजुबान। छावनी के गांधी ग्राउंड के पास तीन दिन से एक दर्दनाक मंजर देखने को मिल रहा था। जिस मां के आंचल की छांव में एक नन्हा घोड़ा बेफिक्र होकर घूमता था, अचानक वही छांव उसके सिर से उठ गई। तीन दिन पहले जब बीमारी से मां की मौत हुई, तो बेखबर मासूम की दुनिया ही उजड़ गई। वह बदहवास होकर गलियों और सड़कों पर अपनी मां को तलाशता रहा।
सोमवार को मां को खोजते-खोजते यह बेजुबान अंबाला-जगाधरी राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गया। नन्हे घोड़े की गर्दन पर गहरा घाव हो गया और मुंह से खून बहने लगा। तड़पते हुए इस बेजुबान पर जब राहगीरों की नजर पड़ी, तो उन्होंने वंदे मातरम दल को सूचना दी।
विज्ञापन
सदस्य भरत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उसे रामबाग स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद नन्हे घोड़े की जान बचाई।
विज्ञापन