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Ambala News: बछड़ी की मौत, लंपी जैसे लक्षण देख पशुपालक चिंतित
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संदिग्ध बीमारी से मृत बछडी । किसान
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पशुपालन विभाग अधिकारी ने कहा- जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। गांव मनका में एक बछड़ी की संदिग्ध बीमारी से मौत हो गई। पशु में तेज बुखार और त्वचा पर मोटे दाने निकलने जैसे लक्षण दिखे हैं, जिन्हें लंपी स्किन डिजीज से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पशुपालन विभाग ने अब तक लंपी बीमारी से मौत की पुष्टि नहीं की है।
गांव मनका निवासी अजयपाल सिंह ने बताया कि उनकी बछड़ी को कुछ दिन पहले तेज बुखार हुआ था। इसके बाद उसके शरीर के बाल झड़ने लगे और त्वचा पर मोटे-मोटे दाने उभर आए। लक्षण गंभीर होने पर स्थानीय व सरकारी पशु डॉक्टरों से उपचार शुरू करवाया गया। एहतियात के तौर पर बछड़ी को अन्य मवेशियों से अलग कर दिया गया और बाकी गायों का टीकाकरण कराया गया। हालांकि, तीन-चार दिन तक चले इलाज के बावजूद बछड़ी को बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों की सलाह पर शव को गहरे गड्ढे में दबाकर सुरक्षित निस्तारण किया गया।
अन्य पशुओं में भी दिखे लक्षण
मनका के अलावा धीन गांव के पास स्थित डेरा रामनगर में भी राजकुमार सैनी, कृष्ण सैनी और कुलदीप की गायों में इसी तरह के लक्षण देखे जाने की बात सामने आई है। आधिकारिक पुष्टि न होने के कारण पशुपालक निजी स्तर पर मवेशियों का इलाज कराने को मजबूर हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि लंपी बीमारी से किसी पशु की मौत का मामला फिलहाल संज्ञान में नहीं आया है। मौत की वजह कोई अन्य बीमारी भी हो सकती है। मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। गांव मनका में एक बछड़ी की संदिग्ध बीमारी से मौत हो गई। पशु में तेज बुखार और त्वचा पर मोटे दाने निकलने जैसे लक्षण दिखे हैं, जिन्हें लंपी स्किन डिजीज से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पशुपालन विभाग ने अब तक लंपी बीमारी से मौत की पुष्टि नहीं की है।
गांव मनका निवासी अजयपाल सिंह ने बताया कि उनकी बछड़ी को कुछ दिन पहले तेज बुखार हुआ था। इसके बाद उसके शरीर के बाल झड़ने लगे और त्वचा पर मोटे-मोटे दाने उभर आए। लक्षण गंभीर होने पर स्थानीय व सरकारी पशु डॉक्टरों से उपचार शुरू करवाया गया। एहतियात के तौर पर बछड़ी को अन्य मवेशियों से अलग कर दिया गया और बाकी गायों का टीकाकरण कराया गया। हालांकि, तीन-चार दिन तक चले इलाज के बावजूद बछड़ी को बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों की सलाह पर शव को गहरे गड्ढे में दबाकर सुरक्षित निस्तारण किया गया।
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अन्य पशुओं में भी दिखे लक्षण
मनका के अलावा धीन गांव के पास स्थित डेरा रामनगर में भी राजकुमार सैनी, कृष्ण सैनी और कुलदीप की गायों में इसी तरह के लक्षण देखे जाने की बात सामने आई है। आधिकारिक पुष्टि न होने के कारण पशुपालक निजी स्तर पर मवेशियों का इलाज कराने को मजबूर हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि लंपी बीमारी से किसी पशु की मौत का मामला फिलहाल संज्ञान में नहीं आया है। मौत की वजह कोई अन्य बीमारी भी हो सकती है। मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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