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Ambala News: स्कूलों में कक्षा तत्परता कार्यक्रम शुरू, विद्यार्थियों की प्रगति पर रहेगी नजर
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अंबाला। निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में शैक्षिक सुधार किया जाएगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने इसकी तैयारी कर ली है। निदेशालय के निर्देश के अनुसार, बालवाटिका-3 से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए कक्षा तत्परता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। यह विशेष अभियान 23 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।
आनंददायक गतिविधियों से सीखेंगे बच्चे
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कक्षाओं में पढ़ाई का बोझ डालने के बजाय खेल-आधारित और अनुभवात्मक गतिविधियों पर जोर दिया जाए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी, गणित और अंग्रेजी जैसे बुनियादी विषयों में विद्यार्थियों की दक्षताओं को मजबूत करना है, इसके लिए विभाग द्वारा निर्धारित विशेष मॉड्यूल का पालन करना अनिवार्य होगा।
स्किल पासबुक में दर्ज होगा पूरा रिकॉर्ड
विद्यार्थियों के सीखने के स्तर पर नजर रखने के लिए प्रत्येक छात्र की एक क्लास रेडीनेस स्किल पासबुक बनाई जाएगी। इस पासबुक में छात्र की प्रगति का पूरा विवरण दर्ज होगा और इसे हर दो सप्ताह में अपडेट किया जाएगा। शिक्षकों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों से नियमित संवाद करें ताकि बच्चों के सीखने में घर से भी सहयोग मिल सके।
अधिकारियों का होगा औचक निरीक्षण
कार्यक्रम में ढिलाई बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों और संसाधन संयोजकों को नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी रैंडम तरीके से विद्यार्थियों का चयन कर स्पॉट असेसमेंट करेंगे। इससे स्कूल द्वारा दर्ज किए गए डेटा की सच्चाई का पता लगाया जा सके। जिला स्तर पर इस कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर मुख्यालय को भेजी जाएगी।
बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्हें खेल-खेल में आयोजित गतिविधियों के द्वारा पढ़ाई में दक्ष किया जाएगा। बच्चे अगर प्राथमिक स्तर पर ही हिंदी, गणित व अंग्रेजी में निपुण होंगे तो उच्च शिक्षा के लिए उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- ज्योति सभ्रवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी,अंबाला।
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आनंददायक गतिविधियों से सीखेंगे बच्चे
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कक्षाओं में पढ़ाई का बोझ डालने के बजाय खेल-आधारित और अनुभवात्मक गतिविधियों पर जोर दिया जाए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी, गणित और अंग्रेजी जैसे बुनियादी विषयों में विद्यार्थियों की दक्षताओं को मजबूत करना है, इसके लिए विभाग द्वारा निर्धारित विशेष मॉड्यूल का पालन करना अनिवार्य होगा।
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स्किल पासबुक में दर्ज होगा पूरा रिकॉर्ड
विद्यार्थियों के सीखने के स्तर पर नजर रखने के लिए प्रत्येक छात्र की एक क्लास रेडीनेस स्किल पासबुक बनाई जाएगी। इस पासबुक में छात्र की प्रगति का पूरा विवरण दर्ज होगा और इसे हर दो सप्ताह में अपडेट किया जाएगा। शिक्षकों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों से नियमित संवाद करें ताकि बच्चों के सीखने में घर से भी सहयोग मिल सके।
अधिकारियों का होगा औचक निरीक्षण
कार्यक्रम में ढिलाई बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों और संसाधन संयोजकों को नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी रैंडम तरीके से विद्यार्थियों का चयन कर स्पॉट असेसमेंट करेंगे। इससे स्कूल द्वारा दर्ज किए गए डेटा की सच्चाई का पता लगाया जा सके। जिला स्तर पर इस कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर मुख्यालय को भेजी जाएगी।
बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्हें खेल-खेल में आयोजित गतिविधियों के द्वारा पढ़ाई में दक्ष किया जाएगा। बच्चे अगर प्राथमिक स्तर पर ही हिंदी, गणित व अंग्रेजी में निपुण होंगे तो उच्च शिक्षा के लिए उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- ज्योति सभ्रवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी,अंबाला।
