शहजाद भट्टी की धमाकों की साजिश नाकाम: पाकिस्तान के रास्ते आया था RDX, अंबाला के बराड़ा से तीनों युवकों पकड़ा
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तीनों युवक पैसों के लालच में आकर अलग-अलग शहरों की व्हाट्सएप व सिग्नल एप के जरिये लोकेशन शेयर कर रहे थे। पंजाब की सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपियों को लंबे समय से सर्विलांस पर रखा हुआ था।
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पाकिस्तानी के शहजाद भट्टी के लिए काम कर रहे तीन आरोपियों ने एक के बाद एक कई खुलासे किए। आरोपियों के जरिये पाकिस्तान से ही भट्टी पंजाब, हरियाणा सहित दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहा था। पैसों का लालच देकर आरोपियों से राजस्थान के हनुमानगढ़, हरियाणा से अंबाला कैंट के तोपखाना क्षेत्र, नवरात्रों के चलते मुलाना के बाला सुंदरी मंदिर सहित एक नेता के घर को भी निशाना बनाने की फिराक में थे।
इसके अलावा पंजाब के अलग-अलग थानों के साथ-साथ पठानकोट सैन्य क्षेत्र में भी धमाके की पूरी कहानी रची जा रही थी। जांच में सामने आया है कि हनुमानगढ़ को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तान से आरडीएक्स अमृतसर लाया गया था, जहां से अंबाला आने पर तीनों आरोपी बाइक पर लेकर जा रहे थे। रविवार को पुलिस तीनों आरोपियों राजस्थान के अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू, मेरठ निवासी अनस रईस, अंबाला के कंबासी गांव निवासी जंगबीर को निशानदेही के लिए पंजाब लेकर जा रही है।
इंस्टाग्राम के जरिये संपर्क में आए, फिर सिग्नल एप पर चल रही थी साजिश
प्रारंभिक पूछताछ में एक ओर यानी चौथे संदिग्ध का नाम भी सामने आया है। रिमांड के दौरान आरोपियों को निशानदेही करवाने के साथ-साथ बरामद किए 1 किलो 975 ग्राम विस्फोटक के डेटोनेटर की चिप भी बरामद करनी है। इंस्टाग्राम एप के जरिये डेढ़ साल पहले संपर्क करने के बाद अंबाला के कंबासी गांव निवासी जंगवीर, मेरठ निवासी अनस व अजमेर निवासी अली अकबर को शहजाद भट्टी ने सिग्नल एप के जरिये जोड़ लिया था।
उसके इशारे पर ही तीनों आरोपियों को विस्फोटक के भरा बैग चौथे आरोपी को देना था। उससे पहले ही अंबाला एसटीएफ ने पंजाब पुलिस के इनपुट पर आरोपियों को काबू कर लिया। अनस के चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित किराये के मकान में रहता था। जंगबीर को शहजाद भट्टी ने अमृतसर रेलवे स्टेशन के पास गेस्ट हाउस से ठहराया था। आरोपियों के मोबाइल को लैब में भेजकर डिलीट की गई सभी स्थानों की लोकेशन व चैट रिकवर की जा रही है।
प्रत्येक व्यक्ति को 50-60 हजार रुपये देने का दिया था झांसा
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तीनों युवक पैसों के लालच में आकर अलग-अलग शहरों की व्हाट्सएप व सिग्नल एप के जरिये लोकेशन शेयर कर रहे थे। पंजाब की सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपियों को लंबे समय से सर्विलांस पर रखा हुआ था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को शहजाद भट्टी ने 50 से 60 रुपये प्रति व्यक्ति देने का झांसा दिया था। पकड़े गए आरोपियों में से मेरठ निवासी अनस सब्जी की रेहड़ी लगाता था। जबकि अली अकबर बेरोजगार था।
10 जनवरी को बलदेव नगर थाने व मलेरकोटला में पकड़े तीन संदिग्ध से जुड़े तार
बताया जाता है कि इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद 10 जनवरी को बलदेव नगर थाने में हुए धमाके के प्रयास के मामले के तार भी इस साजिश से जुड़ रहे हैं। उस समय भी सिग्नल एप के जरिये ही सारी प्लानिंग हुई थी। उसी मामले की गहराई से जांच में पंजाब पुलिस की ओर से मिली पुख्ता लीड के बाद अंबाला एसटीएफ ने बराड़ा क्षेत्र से इन्हें बाइक सहित काबू किया था।
इसके साथ ही पंजाब पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मालेरकोटला में पकड़े गए शहजाद भट्टी से जुड़े तीन युवकों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फरहान अंजुम, अदनान खान उर्फ नानू, वारिस अली के रूप में हुई थी। वो भी इसी तरह से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देन की फिराक में थे।
अंबाला में पहले भी नाकाम हो चुकी है आतंकी साजिश
- 12 अक्तूबर 2011 को अंबाला कैंट के रेलवे स्टेशन की पार्किंग में तकरीबन साढ़े पांच किलो आरडीएक्स व डेटोनेटर मिले थे, जो दिल्ली ले जाए जा रहे थे।
- 2021 मार्च 2022 को अंबाला-चंडीगढ़ रोड पर एमएम यूनिवर्सिटी के सामने झाड़ियों के बीच मिले के तीन ग्रेनेड, 1 किलो 600 ग्राम आईईडी विस्फोटक व डेटोनेटर।
- पाकिस्तान को सूचनाएं पहुंचाने के आरोप मामले में 2025 में अंबाला के सबगा गांव से पकड़ा गया था पंच 35 वर्षीय सुनील।