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Ambala News: छावनी में फ्री-होल्ड की मांग पर के लिए दिया धरना
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फ्री होल्ड को लेकर अंबाला छावनी सदर बाजार चौक पर कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठी चित्रा सरवारा
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- चित्रा सरवारा ने उठाई मांग, 15 अगस्त से अभियान चलाने की घोषणा
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। छावनी की जमीनों और संपत्तियों के मालिकाना हक की समस्या यानि फ्री होल्ड का मुद्दा अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। अब तक सोशल मीडिया पर इसकी मांग उठाई जा रही थी, मगर बुधवार को नेत्री चित्रा सरवारा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सदर बाजार चौक पर समर्थकों के साथ धरना देते हुए उन्होंने सरकार पर निशाना साधा और फ्री-होल्ड अंबाला की मांग उठाई।
मंत्री विज के सामने आजाद विधानसभा लड़ने वालीं चित्रा सरवारा ने कहा कि वर्षों से इस गंभीर मुद्दे पर केवल बैठक पर बैठक हो रही है, लेकिन जमीनी नतीजा शून्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि 90 के दशक में अनिवार्य की गई एनओसी व्यवस्था और वर्ष 2000 के आसपास बंद हुई रजिस्ट्रियों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। सरकार को इसे सार्वजनिक करना चाहिए।
नेत्री चित्रा ने ऐलान किया कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से टीम चित्रा आजाद अंबाला कैंट मुहिम की शुरुआत करेगी। इसके तहत बूथ स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाने के साथ ही ऑनलाइन कैंपेन भी आयोजित किया जाएगा। चित्रा ने कहा कि एनओसी और बंद रजिस्ट्रियों के कारण आम जनता अपनी ही संपत्ति पर बैंक लोन, निर्माण और हस्तांतरण जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित है। जनता को अब खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति और समयसीमा के साथ मालिकाना हक चाहिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। छावनी की जमीनों और संपत्तियों के मालिकाना हक की समस्या यानि फ्री होल्ड का मुद्दा अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। अब तक सोशल मीडिया पर इसकी मांग उठाई जा रही थी, मगर बुधवार को नेत्री चित्रा सरवारा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को सदर बाजार चौक पर समर्थकों के साथ धरना देते हुए उन्होंने सरकार पर निशाना साधा और फ्री-होल्ड अंबाला की मांग उठाई।
मंत्री विज के सामने आजाद विधानसभा लड़ने वालीं चित्रा सरवारा ने कहा कि वर्षों से इस गंभीर मुद्दे पर केवल बैठक पर बैठक हो रही है, लेकिन जमीनी नतीजा शून्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि 90 के दशक में अनिवार्य की गई एनओसी व्यवस्था और वर्ष 2000 के आसपास बंद हुई रजिस्ट्रियों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। सरकार को इसे सार्वजनिक करना चाहिए।
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नेत्री चित्रा ने ऐलान किया कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से टीम चित्रा आजाद अंबाला कैंट मुहिम की शुरुआत करेगी। इसके तहत बूथ स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाने के साथ ही ऑनलाइन कैंपेन भी आयोजित किया जाएगा। चित्रा ने कहा कि एनओसी और बंद रजिस्ट्रियों के कारण आम जनता अपनी ही संपत्ति पर बैंक लोन, निर्माण और हस्तांतरण जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित है। जनता को अब खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति और समयसीमा के साथ मालिकाना हक चाहिए।
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