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Ambala News: देव धुन और हरियाणवी-हिमाचली आर्केस्ट्रा पर थिरके विद्यार्थी
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हिमाचल मंडी के छात्र सचिन, संतासिंह, सिधार्थ ढोल, नगाडा ओर नरसिंह वाद्य यंत्र के बारे में जानक
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झज्जर की वंशिका ने बनाई आकर्षक पेंटिंग, अंतरराज्यीय कला उत्सव में दिखाई प्रतिभा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-दो छावनी में आयोजित अंतरराज्यीय कला उत्सव के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया। हरियाणा और हिमाचल के विद्यार्थियों ने देव धुन, हरियाणवी व हिमाचली आर्केस्ट्रा की तानों और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत स्पर्धाओं में हिमाचल के मंडी से आए छात्र सचिन, संता सिंह और सिद्धार्थ ने ढोल, नगाड़ा और नरसिंघा पर पारंपरिक देव धुन की प्रस्तुति दी।
विद्यार्थियों ने बताया कि हिमाचल में देवताओं के आगमन पर यह धुन बजाई जाती है। वहीं, शिमला के प्रियांशु, आरुष, आर्यवीर और मयंक ने हिमाचली आर्केस्ट्रा से समां बांधा। दूसरी ओर, केवी-3 के छात्र अभिजीत, आर्यन, आदित्य और विनायक ने ढफ, ढोलक, ताशा और हारमोनियम की थाप पर हरियाणवी आर्केस्ट्रा प्रस्तुत कर सभागार में मौजूद सभी दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
शास्त्रीय नृत्य में झलकी भारतीय संस्कृति
शास्त्रीय नृत्य स्पर्धा में कांगड़ा (हिमाचल) की नीयती ने भरतनाट्यम के जरिए शिव तांडव और नटराज की प्रस्तुति देकर गंगा के रोद्र रूप के दृश्य को सजीव कर दिया। धर्मशाला की वसुंधरा ने कथक के माध्यम से भगवान शिव की आराधना पेश की, जबकि सिरसा की तान्या ने राग जोग तराना पर अपने उत्कृष्ट भाव-भंगिमाओं का प्रदर्शन किया।
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मूर्तिकला में दिखा कलात्मक कौशल
दृश्य कला प्रतियोगिता में झज्जर की वंशिका ने पारंपरिक पटचित्र कला में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की आकर्षक पेंटिंग बनाई। नादौन की साक्षी ने राधा-कृष्ण के प्रेम को कैनवास पर उकेरा। मूर्तिकला व वेस्ट मटेरियल से कलाकृतियां बनाने की स्पर्धा में रोहतक की सोनिका और मुस्कान ने मिट्टी व कार्डबोर्ड से मणिपुर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाती सुंदर गुड़िया बनाई। मानेसर की श्रुति और भावना ने मिट्टी, क्ले और घास का प्रयोग कर हरियाणवी ग्रामीण जीवन, झोपड़ी व चूल्हे पर खाना बनाती महिलाओं की कलाकृति तैयार कर ग्रामीण संस्कृति को जीवंत कर दिया।
विकसित भारत का मॉडल रहा आकर्षण का केंद्र
उत्सव में भिवानी के छात्र शिवम द्वारा वेस्ट मटेरियल, क्ले और कार्डबोर्ड से बनाया गया थ्री-डी विकसित भारत का मॉडल सभी के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इसमें प्रगति पथ पर अग्रसर भारत की आधुनिक तस्वीर को बखूबी दिखाया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सभी ने जमकर सराहना की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-दो छावनी में आयोजित अंतरराज्यीय कला उत्सव के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया। हरियाणा और हिमाचल के विद्यार्थियों ने देव धुन, हरियाणवी व हिमाचली आर्केस्ट्रा की तानों और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत स्पर्धाओं में हिमाचल के मंडी से आए छात्र सचिन, संता सिंह और सिद्धार्थ ने ढोल, नगाड़ा और नरसिंघा पर पारंपरिक देव धुन की प्रस्तुति दी।
विद्यार्थियों ने बताया कि हिमाचल में देवताओं के आगमन पर यह धुन बजाई जाती है। वहीं, शिमला के प्रियांशु, आरुष, आर्यवीर और मयंक ने हिमाचली आर्केस्ट्रा से समां बांधा। दूसरी ओर, केवी-3 के छात्र अभिजीत, आर्यन, आदित्य और विनायक ने ढफ, ढोलक, ताशा और हारमोनियम की थाप पर हरियाणवी आर्केस्ट्रा प्रस्तुत कर सभागार में मौजूद सभी दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
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शास्त्रीय नृत्य में झलकी भारतीय संस्कृति
शास्त्रीय नृत्य स्पर्धा में कांगड़ा (हिमाचल) की नीयती ने भरतनाट्यम के जरिए शिव तांडव और नटराज की प्रस्तुति देकर गंगा के रोद्र रूप के दृश्य को सजीव कर दिया। धर्मशाला की वसुंधरा ने कथक के माध्यम से भगवान शिव की आराधना पेश की, जबकि सिरसा की तान्या ने राग जोग तराना पर अपने उत्कृष्ट भाव-भंगिमाओं का प्रदर्शन किया।
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मूर्तिकला में दिखा कलात्मक कौशल
दृश्य कला प्रतियोगिता में झज्जर की वंशिका ने पारंपरिक पटचित्र कला में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र की आकर्षक पेंटिंग बनाई। नादौन की साक्षी ने राधा-कृष्ण के प्रेम को कैनवास पर उकेरा। मूर्तिकला व वेस्ट मटेरियल से कलाकृतियां बनाने की स्पर्धा में रोहतक की सोनिका और मुस्कान ने मिट्टी व कार्डबोर्ड से मणिपुर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाती सुंदर गुड़िया बनाई। मानेसर की श्रुति और भावना ने मिट्टी, क्ले और घास का प्रयोग कर हरियाणवी ग्रामीण जीवन, झोपड़ी व चूल्हे पर खाना बनाती महिलाओं की कलाकृति तैयार कर ग्रामीण संस्कृति को जीवंत कर दिया।
विकसित भारत का मॉडल रहा आकर्षण का केंद्र
उत्सव में भिवानी के छात्र शिवम द्वारा वेस्ट मटेरियल, क्ले और कार्डबोर्ड से बनाया गया थ्री-डी विकसित भारत का मॉडल सभी के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इसमें प्रगति पथ पर अग्रसर भारत की आधुनिक तस्वीर को बखूबी दिखाया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सभी ने जमकर सराहना की।

हिमाचल मंडी के छात्र सचिन, संतासिंह, सिधार्थ ढोल, नगाडा ओर नरसिंह वाद्य यंत्र के बारे में जानक

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हिमाचल मंडी के छात्र सचिन, संतासिंह, सिधार्थ ढोल, नगाडा ओर नरसिंह वाद्य यंत्र के बारे में जानक

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