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हनुमान जी भक्ति और शक्ति के अनूठे संगम : रेनू भारती
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नारायणगढ़ के दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान हुसैनी रोड स्थित आश्रम में कथा करतीं साध्वियां। प्रवक
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आश्रम में श्री राम कथा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। हुसैनी रोड स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आश्रम में आयोजित चार दिवसीय श्री राम कथा का रविवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन साध्वी रेनू भारती ने पवन पुत्र हनुमान के पराक्रम और लंका दहन के प्रसंग का सजीव चित्रण किया।
साध्वी ने कहा कि पवन पुत्र भक्ति और शक्ति के अनूठे संगम हैं। उन्होंने बताया कि जब पवन पुत्र श्री राम का संदेश लेकर लंका पहुंचे तो उन्होंने पग-पग पर बाधाओं को मात दी। अशोक वाटिका में माता सीता को प्रभु की मुद्रिका (अंगूठी) सौंपकर उन्होंने जो ढांढस बंधाया, वह अटूट विश्वास का प्रतीक है।
साध्वी ने बताया कि रावण के अहंकार ने लंका के विनाश की पटकथा लिखी। जब रावण ने पवन पुत्र की पूंछ में आग लगवाई तो पवनपुत्र ने स्वर्ण नगरी लंका को भस्म कर अधर्म पर धर्म की विजय का शंखनाद किया। अंत में पवन पुत्र ने समुद्र में अपनी पूंछ की अग्नि शांत की।
भक्तों को बांटा प्रसाद
कथा के अंतिम दिन मुख्य यजमान के रूप में बंधु ज्वेलर्स के गौरव वर्मा, श्री शिव मंदिर के प्रधान मुनीश कौशिक, नरेंद्र गर्ग, महिंद्र अग्रवाल और अशोक पंडवार ने पूजा-अर्चना की। संस्थान की ओर से आए हुए अतिथियों को सम्मानित भी किया गया। आरती के पश्चात भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। हुसैनी रोड स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आश्रम में आयोजित चार दिवसीय श्री राम कथा का रविवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन साध्वी रेनू भारती ने पवन पुत्र हनुमान के पराक्रम और लंका दहन के प्रसंग का सजीव चित्रण किया।
साध्वी ने कहा कि पवन पुत्र भक्ति और शक्ति के अनूठे संगम हैं। उन्होंने बताया कि जब पवन पुत्र श्री राम का संदेश लेकर लंका पहुंचे तो उन्होंने पग-पग पर बाधाओं को मात दी। अशोक वाटिका में माता सीता को प्रभु की मुद्रिका (अंगूठी) सौंपकर उन्होंने जो ढांढस बंधाया, वह अटूट विश्वास का प्रतीक है।
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साध्वी ने बताया कि रावण के अहंकार ने लंका के विनाश की पटकथा लिखी। जब रावण ने पवन पुत्र की पूंछ में आग लगवाई तो पवनपुत्र ने स्वर्ण नगरी लंका को भस्म कर अधर्म पर धर्म की विजय का शंखनाद किया। अंत में पवन पुत्र ने समुद्र में अपनी पूंछ की अग्नि शांत की।
भक्तों को बांटा प्रसाद
कथा के अंतिम दिन मुख्य यजमान के रूप में बंधु ज्वेलर्स के गौरव वर्मा, श्री शिव मंदिर के प्रधान मुनीश कौशिक, नरेंद्र गर्ग, महिंद्र अग्रवाल और अशोक पंडवार ने पूजा-अर्चना की। संस्थान की ओर से आए हुए अतिथियों को सम्मानित भी किया गया। आरती के पश्चात भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।

नारायणगढ़ के दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान हुसैनी रोड स्थित आश्रम में कथा करतीं साध्वियां। प्रवक