{"_id":"69f3bc0e537450200a0f1b56","slug":"jiya-scored-93-percent-marks-in-the-icse-board-10th-exam-ambala-news-c-36-1-amb1001-162466-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: जिया ने आईसीएसई बोर्ड की 10वीं परीक्षा में हासिल किए 93 प्रतिशत अंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: जिया ने आईसीएसई बोर्ड की 10वीं परीक्षा में हासिल किए 93 प्रतिशत अंक
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। आईसीएसई बोर्ड ने वीरवार सुबह 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इनमें सेंट पाॅल स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा जिया ने 93 प्रतिशत अंक हासिल कर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जिया की इस सफलता के पीछे उनकी मां मोनिका गुप्ता की मेहनत और समर्पण की बड़ी भूमिका रही, जो पेशे से स्टाफ नर्स हैं। जिया ने अपनी इस मेहनत का क्रेडिट स्कूल टीचर और अपनी मां को दिया है।
जिया ने बताया कि उसकी मां अपनी व्यस्त ड्यूटी के बावजूद रोजाना समय निकालकर उसे पढ़ाती थीं। उन्होंने बेटी की पढ़ाई पर लगातार नजर रखी और उसे अनुशासन में रहकर तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। जिया ने भी मां की मेहनत को समझते हुए पूरी लगन से पढ़ाई की और यह मुकाम हासिल किया। जिया का कहना है कि उसने पूरे साल नियमित पढ़ाई की और हर विषय को समय देकर तैयार किया।
कठिन टॉपिक्स पर दिया ज्यादा ध्यान
जिया ने बताया कि कठिन टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान दिया और बार-बार रिवीजन किया। स्कूल के शिक्षकों ने भी जिया की मेहनत और फोकस की सराहना की है। जिया का कहना है कि वह उसकी मां का सपना है कि वह डाॅक्टर बने, जबकि उनके पापा उसे एक सिविल सर्विसेज आफिसर बनाना चाहते हैं, इसलिए वह पहले डाॅक्टर बनकर अपनी मां और डाॅक्टरी के साथ ही सिविल सर्विसेज की भी तैयारी करेगी।
सफलता के मंत्र
जिया ने सफलता के मंत्र बताते हुए कहा कि रोजाना तय समय पर पढ़ाई करें व मां और शिक्षकों के मार्गदर्शन को फॉलो करें, इसके अलावा कठिन विषयों को प्राथमिकता दें व छोटे-छोटे नोट्स बनाकर नियमित रिवीजन करें। मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल करें और शांत दिमाग व आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।
Trending Videos
जिया ने बताया कि उसकी मां अपनी व्यस्त ड्यूटी के बावजूद रोजाना समय निकालकर उसे पढ़ाती थीं। उन्होंने बेटी की पढ़ाई पर लगातार नजर रखी और उसे अनुशासन में रहकर तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। जिया ने भी मां की मेहनत को समझते हुए पूरी लगन से पढ़ाई की और यह मुकाम हासिल किया। जिया का कहना है कि उसने पूरे साल नियमित पढ़ाई की और हर विषय को समय देकर तैयार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कठिन टॉपिक्स पर दिया ज्यादा ध्यान
जिया ने बताया कि कठिन टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान दिया और बार-बार रिवीजन किया। स्कूल के शिक्षकों ने भी जिया की मेहनत और फोकस की सराहना की है। जिया का कहना है कि वह उसकी मां का सपना है कि वह डाॅक्टर बने, जबकि उनके पापा उसे एक सिविल सर्विसेज आफिसर बनाना चाहते हैं, इसलिए वह पहले डाॅक्टर बनकर अपनी मां और डाॅक्टरी के साथ ही सिविल सर्विसेज की भी तैयारी करेगी।
सफलता के मंत्र
जिया ने सफलता के मंत्र बताते हुए कहा कि रोजाना तय समय पर पढ़ाई करें व मां और शिक्षकों के मार्गदर्शन को फॉलो करें, इसके अलावा कठिन विषयों को प्राथमिकता दें व छोटे-छोटे नोट्स बनाकर नियमित रिवीजन करें। मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित इस्तेमाल करें और शांत दिमाग व आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।
