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Ambala News: एचआरएमएस में हस्ताक्षर अपडेट के नियम बदले
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल में मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) के तहत कर्मचारियों के फोटो और हस्ताक्षर अपडेट करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब कर्मचारियों की ओर से किए गए अपडेट सीधे कार्मिक शाखा के अधिकारियों के पास नहीं जाएंगे।
सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया को पुख्ता करने के लिए रेलवे ने अब एक नया रूटिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सुखदेव सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब तक यह देखा जा रहा था कि जब भी कोई रेल कर्मचारी अपना फोटो या हस्ताक्षर अपडेट करता था, तो वह रिक्वेस्ट सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाती थी। विभाग का मानना है कि यह प्रक्रिया निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थी, इससे डेटा की शुद्धता और सुरक्षा पर सवाल उठ सकते थे।
नए आदेश के मुताबिक, सिस्टम के कार्य स्तर में संशोधन किया जा रहा है। अब कोई भी अपडेट होगा तो सबसे पहले संबंधित कर्मचारी का प्रभारी उसकी पहचान और दस्तावेजों का मिलान करेगा। सुपरवाइजर की मंजूरी के बाद यह फाइल कार्मिक शाखा के संबंधित क्लर्क के पास सत्यापन के लिए जाएगी। इन दो स्तरों पर जांच के बाद ही फाइल अंतिम निर्णय और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी के पास पहुंचेगी।
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अंबाला। उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल में मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) के तहत कर्मचारियों के फोटो और हस्ताक्षर अपडेट करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब कर्मचारियों की ओर से किए गए अपडेट सीधे कार्मिक शाखा के अधिकारियों के पास नहीं जाएंगे।
सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया को पुख्ता करने के लिए रेलवे ने अब एक नया रूटिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सुखदेव सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब तक यह देखा जा रहा था कि जब भी कोई रेल कर्मचारी अपना फोटो या हस्ताक्षर अपडेट करता था, तो वह रिक्वेस्ट सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाती थी। विभाग का मानना है कि यह प्रक्रिया निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थी, इससे डेटा की शुद्धता और सुरक्षा पर सवाल उठ सकते थे।
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नए आदेश के मुताबिक, सिस्टम के कार्य स्तर में संशोधन किया जा रहा है। अब कोई भी अपडेट होगा तो सबसे पहले संबंधित कर्मचारी का प्रभारी उसकी पहचान और दस्तावेजों का मिलान करेगा। सुपरवाइजर की मंजूरी के बाद यह फाइल कार्मिक शाखा के संबंधित क्लर्क के पास सत्यापन के लिए जाएगी। इन दो स्तरों पर जांच के बाद ही फाइल अंतिम निर्णय और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी के पास पहुंचेगी।
