{"_id":"69cd8cfb75f8f5aa990261b5","slug":"teachers-will-go-door-to-door-till-20th-and-will-create-awareness-ambala-news-c-36-1-amb1001-160776-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: 20 तक घर-घर जाएंगे शिक्षक, करेंगे जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: 20 तक घर-घर जाएंगे शिक्षक, करेंगे जागरूक
विज्ञापन
विज्ञापन
- शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी कर ली है। अभियान के तहत प्रदेश को जीरो ड्रॉप आउट राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार वार्षिक परीक्षा परिणाम 1 अप्रैल को घोषित किया गया है। परिणाम वाले दिन ही बच्चों को अगली कक्षा की पुस्तकें अनिवार्य रूप से वितरित की गई हैं ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
यह अभियान एक अप्रैल से 20 अप्रैल तक चलेगा। इस अभियान में शिक्षक और एसएमसी सदस्य घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करेंगे। अभियान के दौरान ऐसे माता-पिता से संपर्क साधा जाएगा, जिनके बच्चे पढ़ाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। उनसे व्यक्तिगत मंत्रणा करके उन्हें प्रेरित किया जाएगा।
अभिभावकों को आकर्षित करने के लिए विभाग ने सरकारी स्कूलों की सुविधाओं में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं। इसके तहत कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट दिए जा रहे हैं। नीट और आईआईटी की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध है। एक किलोमीटर से अधिक दूर स्कूल जाने वाले लड़कों के लिए भी मुफ्त परिवहन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मुफ्त वर्दी, स्कूल बैग, स्टेशनरी और मेधावी छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्तियां दी जाएंगी।
-- -
हमारा लक्ष्य 2030 तक बालवाटिका से कक्षा 12 वीं तक 100 प्रतिशत नामांकन प्राप्त करना है। कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए क्लस्टर स्तर पर टीमें गठित की गई हैं।
सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी,अंबाला।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी कर ली है। अभियान के तहत प्रदेश को जीरो ड्रॉप आउट राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार वार्षिक परीक्षा परिणाम 1 अप्रैल को घोषित किया गया है। परिणाम वाले दिन ही बच्चों को अगली कक्षा की पुस्तकें अनिवार्य रूप से वितरित की गई हैं ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
यह अभियान एक अप्रैल से 20 अप्रैल तक चलेगा। इस अभियान में शिक्षक और एसएमसी सदस्य घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करेंगे। अभियान के दौरान ऐसे माता-पिता से संपर्क साधा जाएगा, जिनके बच्चे पढ़ाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। उनसे व्यक्तिगत मंत्रणा करके उन्हें प्रेरित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभिभावकों को आकर्षित करने के लिए विभाग ने सरकारी स्कूलों की सुविधाओं में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं। इसके तहत कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट दिए जा रहे हैं। नीट और आईआईटी की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध है। एक किलोमीटर से अधिक दूर स्कूल जाने वाले लड़कों के लिए भी मुफ्त परिवहन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मुफ्त वर्दी, स्कूल बैग, स्टेशनरी और मेधावी छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्तियां दी जाएंगी।
हमारा लक्ष्य 2030 तक बालवाटिका से कक्षा 12 वीं तक 100 प्रतिशत नामांकन प्राप्त करना है। कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए क्लस्टर स्तर पर टीमें गठित की गई हैं।
सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी,अंबाला।