{"_id":"6a28686b4a5e3a7c3306923b","slug":"the-country-is-receiving-a-unique-gift-in-the-form-of-a-martyrs-memorial-ambala-news-c-36-1-amb1002-164521-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: शहीद स्मारक के रूप में देश को मिल रहा नायाब तोहफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: शहीद स्मारक के रूप में देश को मिल रहा नायाब तोहफा
विज्ञापन
मंगलवार को शहीद स्मारक में अंग्रेजों के समय में संदेश भेजने के तरीकों को देखते केंद्रीय मंत्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा बोले- प्रधानमंत्री जल्द राष्ट्र को करेंगे समर्पित
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बीएल वर्मा मंगलवार को अंबाला कैंट के घरेलू हवाई अड्डे और शहीदी स्मारक का अवलोकन करने पहुंचे। सबसे पहले वह घरेलू हवाई अड्डे पर आए। यहां कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने उन्हें हवाई अड्डे पर घुमाया और विशेषताएं बताईं। इसके बाद यहां से वह सीधे आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक देखने पहुंचे।
शहीद स्मारक देखने के बाद उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र इस भव्य स्मारक को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे नई पीढ़ी देश के गौरवशाली और वास्तविक इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से जान और समझ सकेगी। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक के रूप में देश को नायाब तोहफा मिलने जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री के दौरे के बाद अब इन दोनों परियोजनाओं के पीएम नरेन्द्र मोदी से उद्घाटन की काफी संभावनाएं बढ़ गई हैं। इससे पहले सीएम नायब सैनी ने भी इसका निरीक्षण किया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंबाला क्रांतिकारियों की धरती रही है और यहां निर्मित आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक न केवल देश बल्कि एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक वह सभी की तरह यही समझते आए थे कि मेरठ से पहली स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी निकली थी, मगर आज उन्हें पता चला कि मेरठ से भी पहले अंबाला में क्रांतिकारियों ने ऐसे कदम उठाए थे जिन्हें इस स्मारक में पुख्ता सुबूतों के साथ लगाया है।
विज्ञापन
देश विदेश से आएंगे लोग
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्मारक के पूर्ण होने और जनता के लिए खुलने के बाद इसकी भव्यता और दिव्यता देश-दुनिया के लोगों को आकर्षित करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्मारक इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आएंगे। उन्होंने कहा कि इस स्मारक के जरिए मंत्री विज का भविष्य को लेकर विजन नजर आता है।
22 एकड़ में है शहीद स्मारक
लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह स्मारक देश ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक है, जिसके निर्माण पर लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्मारक में 22 अत्याधुनिक गैलरियों के माध्यम से 1857 के स्वतंत्रता संग्राम, विभिन्न युद्धों और वीर शहीदों के बलिदान का जीवंत चित्रण किया गया है। अवलोकन के दौरान केंद्रीय मंत्री को 1857 कालीन टेलीग्राम, कठपुतली प्रदर्शन, देशभर से एकत्रित पवित्र मिट्टी और अन्य ऐतिहासिक प्रदर्शनों की जानकारी भी दी गई।
देश का 165वां हवाई अड्डा होगा अंबाला में
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के गठन से पूर्व देश में केवल 74 हवाई अड्डे संचालित थे जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 164 हो गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंबाला छावनी में निर्मित नया घरेलू हवाई अड्डा (सिविल एन्क्लेव) देश का 165वां संचालित हवाई अड्डा बनेगा और शीघ्र ही यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी।
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बीएल वर्मा मंगलवार को अंबाला कैंट के घरेलू हवाई अड्डे और शहीदी स्मारक का अवलोकन करने पहुंचे। सबसे पहले वह घरेलू हवाई अड्डे पर आए। यहां कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने उन्हें हवाई अड्डे पर घुमाया और विशेषताएं बताईं। इसके बाद यहां से वह सीधे आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक देखने पहुंचे।
शहीद स्मारक देखने के बाद उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र इस भव्य स्मारक को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे नई पीढ़ी देश के गौरवशाली और वास्तविक इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से जान और समझ सकेगी। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक के रूप में देश को नायाब तोहफा मिलने जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री के दौरे के बाद अब इन दोनों परियोजनाओं के पीएम नरेन्द्र मोदी से उद्घाटन की काफी संभावनाएं बढ़ गई हैं। इससे पहले सीएम नायब सैनी ने भी इसका निरीक्षण किया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंबाला क्रांतिकारियों की धरती रही है और यहां निर्मित आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक न केवल देश बल्कि एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक वह सभी की तरह यही समझते आए थे कि मेरठ से पहली स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी निकली थी, मगर आज उन्हें पता चला कि मेरठ से भी पहले अंबाला में क्रांतिकारियों ने ऐसे कदम उठाए थे जिन्हें इस स्मारक में पुख्ता सुबूतों के साथ लगाया है।
देश विदेश से आएंगे लोग
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्मारक के पूर्ण होने और जनता के लिए खुलने के बाद इसकी भव्यता और दिव्यता देश-दुनिया के लोगों को आकर्षित करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्मारक इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आएंगे। उन्होंने कहा कि इस स्मारक के जरिए मंत्री विज का भविष्य को लेकर विजन नजर आता है।
22 एकड़ में है शहीद स्मारक
लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह स्मारक देश ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक है, जिसके निर्माण पर लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्मारक में 22 अत्याधुनिक गैलरियों के माध्यम से 1857 के स्वतंत्रता संग्राम, विभिन्न युद्धों और वीर शहीदों के बलिदान का जीवंत चित्रण किया गया है। अवलोकन के दौरान केंद्रीय मंत्री को 1857 कालीन टेलीग्राम, कठपुतली प्रदर्शन, देशभर से एकत्रित पवित्र मिट्टी और अन्य ऐतिहासिक प्रदर्शनों की जानकारी भी दी गई।
देश का 165वां हवाई अड्डा होगा अंबाला में
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के गठन से पूर्व देश में केवल 74 हवाई अड्डे संचालित थे जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 164 हो गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंबाला छावनी में निर्मित नया घरेलू हवाई अड्डा (सिविल एन्क्लेव) देश का 165वां संचालित हवाई अड्डा बनेगा और शीघ्र ही यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी।