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Bhiwani News: संकट की घड़ी में संयम, बचाव और सुरक्षा का पढ़ाया पाठ, राजकीय महिला कॉलेज में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की मॉक ड्रिल
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 19 Mar 2026 12:20 AM IST
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राजकीय महिला महाविद्यालय में जागरूकता मॉक ड्रिल का अभ्यास करते एनडीआरएफ व एसडीआरएफ सदस्य। सूचना
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भिवानी। राजीव गांधी राजकीय महिला कॉलेज में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों द्वारा आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान मकान गिरने और केमिकल-गैस रिसाव जैसी आपदाओं में बचाव और राहत कार्यों का लाइव प्रदर्शन किया गया। छात्राओं और स्टाफ को संकट के समय बचाव के तरीकों और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ से सहायक कमांडेंट देवेन्द्र प्रकाश, इंस्पेक्टर अशित कुमार, रणजीत मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर धर्मांश यादव, और एसडीआरएफ से इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, भिवानी आपदा प्रबंधक प्रवीण कुमार तथा फायर ब्रिगेड के फायरमैन राहुल चौहान, भूपेन्द्र, मुकेश और सुनील ने बचाव कार्य का प्रदर्शन किया। एनडीआरएफ की दो टीमों में 65 और एसडीआरएफ की टीम में 25 जवान शामिल रहे। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी सहयोग किया।
मॉक ड्रिल में मकान गिरने से एक परिवार का सदस्य मलबे के नीचे दब गया, जिसे डॉग स्क्वायड की मदद से खोजकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल व्यक्ति को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। केमिकल रिसाव के दौरान पानी से नहलाने और हवा के रुख के अनुसार सुरक्षित स्थान पर जाने की तकनीक भी छात्राओं को समझाई गई।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने मॉक ड्रिल में भूकंप, आगजनी और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के तरीके प्रदर्शित किए। उन्होंने बताया कि संकट के समय संयम बनाए रखना और सही कदम उठाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड, पुलिस और रेडक्रॉस को आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक उपकरणों की तैयारी सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई।
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मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ से सहायक कमांडेंट देवेन्द्र प्रकाश, इंस्पेक्टर अशित कुमार, रणजीत मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर धर्मांश यादव, और एसडीआरएफ से इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, भिवानी आपदा प्रबंधक प्रवीण कुमार तथा फायर ब्रिगेड के फायरमैन राहुल चौहान, भूपेन्द्र, मुकेश और सुनील ने बचाव कार्य का प्रदर्शन किया। एनडीआरएफ की दो टीमों में 65 और एसडीआरएफ की टीम में 25 जवान शामिल रहे। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी सहयोग किया।
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मॉक ड्रिल में मकान गिरने से एक परिवार का सदस्य मलबे के नीचे दब गया, जिसे डॉग स्क्वायड की मदद से खोजकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल व्यक्ति को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। केमिकल रिसाव के दौरान पानी से नहलाने और हवा के रुख के अनुसार सुरक्षित स्थान पर जाने की तकनीक भी छात्राओं को समझाई गई।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने मॉक ड्रिल में भूकंप, आगजनी और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के तरीके प्रदर्शित किए। उन्होंने बताया कि संकट के समय संयम बनाए रखना और सही कदम उठाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड, पुलिस और रेडक्रॉस को आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक उपकरणों की तैयारी सुनिश्चित करने की भी सलाह दी गई।