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Bhiwani News: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 12 से 14 मार्च तक लगेगा विशेष प्रदर्शनी मेला
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भिवानी। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के ई-विकास कार्यालय के तत्वावधान में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सामने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के पुराने कैंपस में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए 12 से 14 मार्च तक विशेष प्रदर्शनी-मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले का शुभारंभ 12 मार्च को सुबह साढ़े 11 बजे डीसी साहिल गुप्ता करेंगे।
मेले में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को मंच प्रदान करते हुए कारीगरी से जुड़ी 50 स्टॉल लगाई जाएंगी जिनमें विभिन्न प्रकार की हस्तशिल्प वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। विभाग की सहायक निदेशक प्रभारी रचना त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रदर्शनी में कुम्हार, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री, सुनार, मालाकार सहित गुड़िया, चटाई, टोकरी और खिलौने बनाने वाले शिल्पकार अपनी हस्तनिर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मंत्रालय की एक अनूठी और महत्वाकांक्षी योजना है जिसके माध्यम से स्थानीय और क्षेत्रीय कारीगर अपने हस्तशिल्प उत्पादों को बिना बिचौलियों के सीधे उचित दाम पर बेच सकेंगे और पारंपरिक हुनर को व्यवसाय से जोड़ सकेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान कारीगरों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री करने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को यदि किसी प्रकार की समस्या आ रही है तो वे अपने आवेदन पत्र भी जमा करवा सकते हैं। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे इस प्रदर्शनी में पहुंचकर हस्तशिल्प के बारे में जानकारी प्राप्त करें। इस प्रदर्शनी में भिवानी के अलावा अन्य जिलों के कारीगर भी अपने हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे और प्रदर्शनी को भव्य रूप दिया गया है।
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मेले में पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को मंच प्रदान करते हुए कारीगरी से जुड़ी 50 स्टॉल लगाई जाएंगी जिनमें विभिन्न प्रकार की हस्तशिल्प वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। विभाग की सहायक निदेशक प्रभारी रचना त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रदर्शनी में कुम्हार, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री, सुनार, मालाकार सहित गुड़िया, चटाई, टोकरी और खिलौने बनाने वाले शिल्पकार अपनी हस्तनिर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मंत्रालय की एक अनूठी और महत्वाकांक्षी योजना है जिसके माध्यम से स्थानीय और क्षेत्रीय कारीगर अपने हस्तशिल्प उत्पादों को बिना बिचौलियों के सीधे उचित दाम पर बेच सकेंगे और पारंपरिक हुनर को व्यवसाय से जोड़ सकेंगे।
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उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान कारीगरों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री करने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को यदि किसी प्रकार की समस्या आ रही है तो वे अपने आवेदन पत्र भी जमा करवा सकते हैं। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे इस प्रदर्शनी में पहुंचकर हस्तशिल्प के बारे में जानकारी प्राप्त करें। इस प्रदर्शनी में भिवानी के अलावा अन्य जिलों के कारीगर भी अपने हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे और प्रदर्शनी को भव्य रूप दिया गया है।