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Bhiwani News: आठवीं पास महिला चला रही थी अवैध क्लीनिक, यहीं कराया गया था भ्रूण का गर्भपात
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सोनीपत के गोहाना में अवैध क्लीनिक के बाहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ।
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हिसार। ऋषि नगर क्षेत्र में 8 जुलाई को भ्रूण फेंके जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि हिसार में मिला भ्रूण सोनीपत जिले के गोहाना स्थित एक अवैध क्लीनिक में कराए गए गर्भपात का है। गोहाना की एक गली में चल रहे कृष्णा क्लीनिक को आठवीं पास महिला संचालित कर रही थी। उसकी 12वीं पास पुत्रवधू भी क्लीनिक में बैठती थी।
पीएनडीटी अधिकारी डॉ. अनामिका बिश्नोई और डॉ. प्रोमिल की टीम ने सोनीपत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों डॉ. योगेश और डॉ. दीपक के साथ मिलकर क्लीनिक की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम युवती को साथ लेकर क्लीनिक पहुंची जहां उसने दोनों महिलाओं की पहचान की।
डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि सीएमओ डॉ. सपना गहलावत के निर्देशन में मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई थी। करीब तीन सप्ताह की जांच के बाद पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर टीम गोहाना के कृष्णा क्लीनिक तक पहुंची।
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उन्होंने बताया कि बिहार निवासी महिला ने किसी क्लीनिक में करीब 8-10 साल काम करने के बाद खुद का क्लीनिक शुरू कर लिया था। उसके पास बिहार से ली गई किसी फर्जी प्रकार की डिग्री होने की बात सामने आई है। जांच के दौरान महिला की 12वीं पास पुत्रवधू क्लीनिक में डॉक्टर की कुर्सी पर बैठी मिली।
डॉ. अनामिका ने बताया कि जिस युवती का गर्भपात किया गया था उसने दोनों महिलाओं को पहचान लिया है। टीम ने युवती को साथ ले जाकर मौके का सत्यापन कराया। गर्भपात से पहले युवती को दो दिन तक क्लीनिक में रखा गया था लेकिन वहां इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। टीम ने करीब चार घंटे तक क्लीनिक के रिकॉर्ड की जांच की।
मौके से मिले दवाइयां, इंजेक्शन और अन्य साक्ष्य
डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। एमटीपी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। क्लीनिक संचालक दोनों महिलाओं के नाम भी पुलिस को दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मौके से धागा, इंजेक्शन, दवाइयां, सुई, आईवी ड्रिप और महिलाओं के नाम की पर्चियां सहित अन्य सामग्री बरामद हुई है। टीम के पहुंचने से पहले आरोपियों ने क्लीनिक से काफी सामान हटाने का प्रयास किया था।
यह था पूरा मामला
ऋषि नगर के श्मशान घाट रोड पर पुलिस ने 8 जुलाई को गांव नियाणा निवासी अनिल को भ्रूण फेंकते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि बदनामी के डर से उसने अपनी प्रेमिका का गर्भपात कराया था और भ्रूण को ठिकाने लगाने आया था। युवक और युवती दोनों मूल रूप से सिटी थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में ऋषि नगर में रह रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
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पीएनडीटी अधिकारी डॉ. अनामिका बिश्नोई और डॉ. प्रोमिल की टीम ने सोनीपत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों डॉ. योगेश और डॉ. दीपक के साथ मिलकर क्लीनिक की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम युवती को साथ लेकर क्लीनिक पहुंची जहां उसने दोनों महिलाओं की पहचान की।
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डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि सीएमओ डॉ. सपना गहलावत के निर्देशन में मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई थी। करीब तीन सप्ताह की जांच के बाद पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर टीम गोहाना के कृष्णा क्लीनिक तक पहुंची।
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उन्होंने बताया कि बिहार निवासी महिला ने किसी क्लीनिक में करीब 8-10 साल काम करने के बाद खुद का क्लीनिक शुरू कर लिया था। उसके पास बिहार से ली गई किसी फर्जी प्रकार की डिग्री होने की बात सामने आई है। जांच के दौरान महिला की 12वीं पास पुत्रवधू क्लीनिक में डॉक्टर की कुर्सी पर बैठी मिली।
डॉ. अनामिका ने बताया कि जिस युवती का गर्भपात किया गया था उसने दोनों महिलाओं को पहचान लिया है। टीम ने युवती को साथ ले जाकर मौके का सत्यापन कराया। गर्भपात से पहले युवती को दो दिन तक क्लीनिक में रखा गया था लेकिन वहां इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। टीम ने करीब चार घंटे तक क्लीनिक के रिकॉर्ड की जांच की।
मौके से मिले दवाइयां, इंजेक्शन और अन्य साक्ष्य
डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। एमटीपी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। क्लीनिक संचालक दोनों महिलाओं के नाम भी पुलिस को दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मौके से धागा, इंजेक्शन, दवाइयां, सुई, आईवी ड्रिप और महिलाओं के नाम की पर्चियां सहित अन्य सामग्री बरामद हुई है। टीम के पहुंचने से पहले आरोपियों ने क्लीनिक से काफी सामान हटाने का प्रयास किया था।
यह था पूरा मामला
ऋषि नगर के श्मशान घाट रोड पर पुलिस ने 8 जुलाई को गांव नियाणा निवासी अनिल को भ्रूण फेंकते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि बदनामी के डर से उसने अपनी प्रेमिका का गर्भपात कराया था और भ्रूण को ठिकाने लगाने आया था। युवक और युवती दोनों मूल रूप से सिटी थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में ऋषि नगर में रह रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।