{"_id":"69f393fb061996df740a4c4a","slug":"bjp-mahila-morchas-protest-in-lohani-against-anti-women-mindset-cornered-congress-on-the-issue-of-33-percent-reservation-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-150441-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: महिला विरोधी सोच के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का लोहानी में प्रदर्शन, 33 फीसदी आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: महिला विरोधी सोच के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का लोहानी में प्रदर्शन, 33 फीसदी आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:10 PM IST
विज्ञापन
भिवानी गांव लोहानी में प्रदर्शन कर नारेबाजी करतीं महिलाएं। स्वयं
विज्ञापन
भिवानी। गांव लोहानी में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने महिला जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित कर विपक्ष की कथित महिला विरोधी सोच और कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मीना परमार और जिला महामंत्री रेखा राघव ने की।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, पर महिला अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। मीना परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल का विपक्ष ने विरोध कर अपनी मानसिकता उजागर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखता है।
उन्होंने कहा कि जो दल महिलाओं की विधानसभा और लोकसभा में भागीदारी से कतराते हैं, वे विकास की बात करने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में महिलाएं अब मूकदर्शक नहीं रहेंगी। इस अवसर पर लखपति, बीरमती, अनीता, मुनेश, राजेश, सुमन, कमलेश आदि माैजूद रहीं।
Trending Videos
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, पर महिला अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। मीना परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल का विपक्ष ने विरोध कर अपनी मानसिकता उजागर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जो दल महिलाओं की विधानसभा और लोकसभा में भागीदारी से कतराते हैं, वे विकास की बात करने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में महिलाएं अब मूकदर्शक नहीं रहेंगी। इस अवसर पर लखपति, बीरमती, अनीता, मुनेश, राजेश, सुमन, कमलेश आदि माैजूद रहीं।
