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Bhiwani News: 170 एमएम बारिश में 8 घंटे तक बेहाल रहा शहर, इंतजाम नाकाफी
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शहर के घंटाघर चौक पर जमा बारिश का पानी से गुजरते वाहन।
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भिवानी। मानसून पूरी तरह सक्रिय होने के साथ शनिवार को लगातार दूसरे दिन करीब आठ घंटे रुक-रुककर हुई बारिश ने शहर के इंतजामों को बेदम कर दिया। शहर में कुल 170 एमएम और जिले में ओवरऑल 100 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से शहर के कई प्रमुख मार्गों और सरकारी कार्यालयों के आसपास जलभराव हो गया।
हांसी रोड स्थित पुलिस अधीक्षक आवास, पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के आवास, जिला नागरिक अस्पताल, सिविल सर्जन कार्यालय और बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता कार्यालय के बाहर पानी जमा हो गया। सर्कुलर रोड के दिनोद गेट, दादरी गेट, हनुमान गेट, बावड़ी गेट और रोहतक गेट भी जलभराव की चपेट में रहे।
शहर की झीलों का पानी ओवरफ्लो होकर ग्रीन बेल्ट तक पहुंच गया। इससे ओपन जिम भी जलमग्न हो गए। सेक्टर-13 और सेक्टर-23 में भी बरसाती पानी जमा रहा। कई इलाकों में बिजली के खंभों पर लगे पिलर बॉक्स पानी में डूब गए। इनमें लगे बिजली मीटर डूबने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
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शनिवार को लगातार बारिश से देवसर चुंगी स्थित पुराने डिस्पोजल की पंपिंग मोटरों पर भी दबाव बढ़ गया। शहर के करीब आठ डिस्पोजलों पर बरसाती पानी की निकासी का दबाव बना रहा। विकास नगर का डिस्पोजल भी जलभराव में डूब गया और उसकी मोटरें ढाई से तीन फीट पानी में घिर गईं। विकास नगर की गलियों और सब्जी मंडी मार्ग पर करीब तीन फीट पानी जमा रहा। पानी की निकासी होने से पहले ही दोबारा बारिश शुरू होने से स्थिति और बिगड़ गई। देवसर चुंगी डिस्पोजल पर प्लास्टिक कचरे के कारण दो पंप जाम हो गए। इन्हें दुरुस्त करने में कई घंटे लगे।
भिवानी-घग्गर ड्रेन का अतिरिक्त पानी निंगाना फीडर में डाला, बीमारियों का खतरा
गांव बापोड़ा-बलियाली के बीच संपर्क मार्ग पर भिवानी-घग्गर ड्रेन का अतिरिक्त पानी निंगाना फीडर में डाला जा रहा है। सिंचाई विभाग ने ड्रेन के अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए यहां स्थायी पंप लगाए हैं। निंगाना फीडर से आसपास के करीब आठ से दस गांवों के जलघरों में पीने के पानी की आपूर्ति होती है। सिंचाई विभाग का दावा है कि फिलहाल जलघरों के आउटलेट बंद कर दिए गए हैं ताकि बारिश और ड्रेन का गंदा पानी जलघरों तक न पहुंचे।
बारिश के दिनों में आसपास के गांवों को बाढ़ के हालात से बचाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। हालांकि ड्रेन का दूषित पानी स्वच्छ पानी की नहर में डाले जाने से ग्रामीण आबादी में जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ड्रेन का पानी इतना गंदा और प्रदूषित है कि नहर में भी दूर तक सफेद झाग उठ रहे हैं।
पिलर बॉक्स डूबने से बिजली गुल
शहर के खाकी बाबा मंदिर, मानान पाना चौक और दिनोद गेट क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली पोल पर लगे पिलर बॉक्स डूब गए। इन बॉक्सों में घरों की बिजली आपूर्ति के लिए मीटर लगे हैं। निगम अधिकारियों ने हादसे की आशंका को देखते हुए इन इलाकों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। चूहड़ सिंह की बजारी, मानान पाना क्षेत्र और खाकी बाबा क्षेत्र में करीब दस घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निगम अधिकारी बेतुके तर्क देकर आपूर्ति बहाल नहीं कर रहे हैं। निगम के शिकायत निवारण केंद्र का नंबर मिलाने पर भी एक ही जवाब मिल रहा है कि नंबर व्यस्त है। जलभराव के साथ बिजली कटौती से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
अधिकतम तापमान छह डिग्री और न्यूनतम चार डिग्री गिरा
लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण अधिकतम तापमान में छह और न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। लगातार बारिश से भूमि में नमी बढ़ गई है। इसका फायदा खरीफ फसलों को मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों के जोहड़ ओवरफ्लो, आबादी की तरफ बढ़ा पानी
गांव चांग, खरक और कलिंगा सहित कई गांवों के जोहड़ बारिश के पानी से ओवरफ्लो हो गए हैं। इनका पानी अब ग्रामीण आबादी की तरफ बढ़ रहा है। जोहड़ों के आसपास जलभराव होने से ग्रामीणों के सामने संकट खड़ा हो गया है। घरों के अंदर पानी घुसने से लोगों के पलायन की स्थिति बन सकती है। ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर पानी की निकासी में जुटी हैं।
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हांसी रोड स्थित पुलिस अधीक्षक आवास, पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के आवास, जिला नागरिक अस्पताल, सिविल सर्जन कार्यालय और बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता कार्यालय के बाहर पानी जमा हो गया। सर्कुलर रोड के दिनोद गेट, दादरी गेट, हनुमान गेट, बावड़ी गेट और रोहतक गेट भी जलभराव की चपेट में रहे।
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शहर की झीलों का पानी ओवरफ्लो होकर ग्रीन बेल्ट तक पहुंच गया। इससे ओपन जिम भी जलमग्न हो गए। सेक्टर-13 और सेक्टर-23 में भी बरसाती पानी जमा रहा। कई इलाकों में बिजली के खंभों पर लगे पिलर बॉक्स पानी में डूब गए। इनमें लगे बिजली मीटर डूबने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
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शनिवार को लगातार बारिश से देवसर चुंगी स्थित पुराने डिस्पोजल की पंपिंग मोटरों पर भी दबाव बढ़ गया। शहर के करीब आठ डिस्पोजलों पर बरसाती पानी की निकासी का दबाव बना रहा। विकास नगर का डिस्पोजल भी जलभराव में डूब गया और उसकी मोटरें ढाई से तीन फीट पानी में घिर गईं। विकास नगर की गलियों और सब्जी मंडी मार्ग पर करीब तीन फीट पानी जमा रहा। पानी की निकासी होने से पहले ही दोबारा बारिश शुरू होने से स्थिति और बिगड़ गई। देवसर चुंगी डिस्पोजल पर प्लास्टिक कचरे के कारण दो पंप जाम हो गए। इन्हें दुरुस्त करने में कई घंटे लगे।
भिवानी-घग्गर ड्रेन का अतिरिक्त पानी निंगाना फीडर में डाला, बीमारियों का खतरा
गांव बापोड़ा-बलियाली के बीच संपर्क मार्ग पर भिवानी-घग्गर ड्रेन का अतिरिक्त पानी निंगाना फीडर में डाला जा रहा है। सिंचाई विभाग ने ड्रेन के अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए यहां स्थायी पंप लगाए हैं। निंगाना फीडर से आसपास के करीब आठ से दस गांवों के जलघरों में पीने के पानी की आपूर्ति होती है। सिंचाई विभाग का दावा है कि फिलहाल जलघरों के आउटलेट बंद कर दिए गए हैं ताकि बारिश और ड्रेन का गंदा पानी जलघरों तक न पहुंचे।
बारिश के दिनों में आसपास के गांवों को बाढ़ के हालात से बचाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। हालांकि ड्रेन का दूषित पानी स्वच्छ पानी की नहर में डाले जाने से ग्रामीण आबादी में जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ड्रेन का पानी इतना गंदा और प्रदूषित है कि नहर में भी दूर तक सफेद झाग उठ रहे हैं।
पिलर बॉक्स डूबने से बिजली गुल
शहर के खाकी बाबा मंदिर, मानान पाना चौक और दिनोद गेट क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली पोल पर लगे पिलर बॉक्स डूब गए। इन बॉक्सों में घरों की बिजली आपूर्ति के लिए मीटर लगे हैं। निगम अधिकारियों ने हादसे की आशंका को देखते हुए इन इलाकों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। चूहड़ सिंह की बजारी, मानान पाना क्षेत्र और खाकी बाबा क्षेत्र में करीब दस घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निगम अधिकारी बेतुके तर्क देकर आपूर्ति बहाल नहीं कर रहे हैं। निगम के शिकायत निवारण केंद्र का नंबर मिलाने पर भी एक ही जवाब मिल रहा है कि नंबर व्यस्त है। जलभराव के साथ बिजली कटौती से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
अधिकतम तापमान छह डिग्री और न्यूनतम चार डिग्री गिरा
लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण अधिकतम तापमान में छह और न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। लगातार बारिश से भूमि में नमी बढ़ गई है। इसका फायदा खरीफ फसलों को मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों के जोहड़ ओवरफ्लो, आबादी की तरफ बढ़ा पानी
गांव चांग, खरक और कलिंगा सहित कई गांवों के जोहड़ बारिश के पानी से ओवरफ्लो हो गए हैं। इनका पानी अब ग्रामीण आबादी की तरफ बढ़ रहा है। जोहड़ों के आसपास जलभराव होने से ग्रामीणों के सामने संकट खड़ा हो गया है। घरों के अंदर पानी घुसने से लोगों के पलायन की स्थिति बन सकती है। ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर पानी की निकासी में जुटी हैं।