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जिले में लिंगानुपात में सुधार के लिए निरंतर निगरानी जरूरी : उपायुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 27 Feb 2026 01:59 AM IST
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भिवानी। डीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में वीरवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में लिंगानुपात में सुधार, आयुष्मान योजना और परिवार नियोजन समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में डीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लिंगानुपात में सुधार के लिए संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्र, नर्सिंग और मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई करें। उन्होंने सभी सीएचसी के प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी करें। यहीं भी गर्भपात करवाने की सूचना मिले तो तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करें। हर महीने बच्चों के जन्म के रिकार्ड पर गौर करें।
डीसी गुप्ता ने निर्देश दिए कि गर्भपात की दवाइयों की अवैध रूप से बिक्री ना हो। मेडिकल स्टोरों पर छानबीन की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बेटियों के प्रति जागरूक किया जाए कि लड़कियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नही हैं। परिवार नियोजन की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि लोगों को परिवार नियोजन के बारे में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। किसी कारणवश परिवार नियोजन ऑपरेशन के असफल होने पर संबंधित व्यक्ति को सरकार द्वारा निर्धारित 60 हजार रुपए दिए जाते हैं, जिला में ऐसे आठ केस सामने आए हैं, जिनको राशि दी जा चुकी है।
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बैठक में डीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लिंगानुपात में सुधार के लिए संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्र, नर्सिंग और मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई करें। उन्होंने सभी सीएचसी के प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी करें। यहीं भी गर्भपात करवाने की सूचना मिले तो तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करें। हर महीने बच्चों के जन्म के रिकार्ड पर गौर करें।
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डीसी गुप्ता ने निर्देश दिए कि गर्भपात की दवाइयों की अवैध रूप से बिक्री ना हो। मेडिकल स्टोरों पर छानबीन की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बेटियों के प्रति जागरूक किया जाए कि लड़कियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नही हैं। परिवार नियोजन की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि लोगों को परिवार नियोजन के बारे में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। किसी कारणवश परिवार नियोजन ऑपरेशन के असफल होने पर संबंधित व्यक्ति को सरकार द्वारा निर्धारित 60 हजार रुपए दिए जाते हैं, जिला में ऐसे आठ केस सामने आए हैं, जिनको राशि दी जा चुकी है।