{"_id":"69b85ba578dace59fc04ee4c","slug":"danger-signal-to-the-digestive-system-from-junk-food-and-unbalanced-diet-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-148196-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जंक फूड और असंतुलित खानपान से पाचन तंत्र पर खतरे की घंटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जंक फूड और असंतुलित खानपान से पाचन तंत्र पर खतरे की घंटी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:06 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। बदलती जीवनशैली और जंक फूड के बढ़ते चलन से लोगों का पाचन स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना पेट दर्द, गैस, कब्ज और उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक कब्ज बनी रहने से कुछ मरीजों में बवासीर जैसी बीमारी विकसित हो रही है।
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि बच्चों और अभिभावकों में पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन, पैकेट बंद स्नैक्स और कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन देखा जा रहा है। इनमें फाइबर और पोषक तत्व कम और वसा, नमक एवं मसालों की मात्रा अधिक होने के कारण पाचन तंत्र पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
विशेषज्ञों ने चेताया कि जंक फूड के अधिक सेवन से मोटापा, एसिडिटी, गैस की समस्या और टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण भी बढ़ रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बच्चे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं और कई मामलों में लंबे समय तक दवाइयों का सहारा लेना पड़ रहा है।
डॉ. यतिन गुप्ता ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दें। घर का ताजा और संतुलित भोजन, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी को दैनिक आहार में शामिल करें। बाहर के तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना जरूरी है।
-- -- -- -- -
बवासीर का कारण : अनियमित खानपान, मल त्याग में जोर लगाना, वात, कफ और पित्त का असंतुलन होना।
-- -- -- --
बवासीर से बचने के लिए खीरा, गाजर और रेशेदार फल खाएं
कब्ज की वजह से मल त्याग करने में परेशानी होने पर दो तरह की बवासीर प्रभावित करती है। इसमें सूखी व खूनी दो तरह की बवासीर होती है। खूनी बवासीर में मल त्याग करते समय खून बहना शुरू हो जाता है। इसके बचाव के लिए पेट को नियमित साफ रखना चाहिए। इसके साथ ही खीरा, मूली, गाजर व रेशेदार फल का नियमित सेवन करना चाहिए।
Trending Videos
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि बच्चों और अभिभावकों में पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन, पैकेट बंद स्नैक्स और कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन देखा जा रहा है। इनमें फाइबर और पोषक तत्व कम और वसा, नमक एवं मसालों की मात्रा अधिक होने के कारण पाचन तंत्र पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेषज्ञों ने चेताया कि जंक फूड के अधिक सेवन से मोटापा, एसिडिटी, गैस की समस्या और टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण भी बढ़ रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बच्चे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं और कई मामलों में लंबे समय तक दवाइयों का सहारा लेना पड़ रहा है।
डॉ. यतिन गुप्ता ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दें। घर का ताजा और संतुलित भोजन, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी को दैनिक आहार में शामिल करें। बाहर के तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना जरूरी है।
बवासीर का कारण : अनियमित खानपान, मल त्याग में जोर लगाना, वात, कफ और पित्त का असंतुलन होना।
बवासीर से बचने के लिए खीरा, गाजर और रेशेदार फल खाएं
कब्ज की वजह से मल त्याग करने में परेशानी होने पर दो तरह की बवासीर प्रभावित करती है। इसमें सूखी व खूनी दो तरह की बवासीर होती है। खूनी बवासीर में मल त्याग करते समय खून बहना शुरू हो जाता है। इसके बचाव के लिए पेट को नियमित साफ रखना चाहिए। इसके साथ ही खीरा, मूली, गाजर व रेशेदार फल का नियमित सेवन करना चाहिए।