{"_id":"6a7efcb5853091a44c00f132","slug":"exercise-seriousness-and-promptness-in-resolving-cm-window-complaints-ctm-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-155475-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम विंडो शिकायतों के निपटारे में बरतें गंभीरता और तत्परता : सीटीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम विंडो शिकायतों के निपटारे में बरतें गंभीरता और तत्परता : सीटीएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतों के समाधान में अधिकारी गंभीरता, संवेदनशीलता और तत्परता बरतें। यह निर्देश सीटीएम अनिल कुमार ने शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में आयोजित सीएम विंडो शिकायत निवारण समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के निवारण की समीक्षा करते हैं।बैठक की अध्यक्षता सीटीएम अनिल कुमार ने की। वहीं चंडीगढ़ मुख्यालय से ओएसडी राकेश सिंधू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन से शिकायतों के निवारण की जानकारी ली।
ओएसडी राकेश सिंधू ने जिले के एमिनेंट पर्सन से सीधे संवाद करते हुए समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों के निपटारे की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने एमिनेंट पर्सन से यह भी जाना कि शिकायतकर्ता शिकायत के समाधान से संतुष्ट है या नहीं और एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) पर उसके हस्ताक्षर लिए गए हैं या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में आने वाली अधिक से अधिक शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और एमिनेंट पर्सन मौजूद रहते हैं। ऐसे में आपसी तालमेल के साथ शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान संभव है। समाधान शिविर आयोजित करने का उद्देश्य यही है कि आमजन को अपनी शिकायत के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों और स्थानों पर भटकना न पड़े।
बैठक में सीटीएम अनिल कुमार ने अधिकारियों से कहा कि सीएम विंडो पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत के निपटारे में गंभीरता बरती जाए और शिकायतों का निर्धारित समयावधि में प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में डीडीपीओ सोमबीर कादियान, डीएसपी अनूप कुमार, सीएमओ डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सीएमजीजीए रिषव रंजन, जिला समाज कल्याण विभाग से रविंद्र, जनस्वास्थ्य विभाग से सुनील रंगा के अलावा गैर सरकारी सदस्य नरेंद्र ग्रेवाल और अनिल सोलंकी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के निवारण की समीक्षा करते हैं।बैठक की अध्यक्षता सीटीएम अनिल कुमार ने की। वहीं चंडीगढ़ मुख्यालय से ओएसडी राकेश सिंधू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन से शिकायतों के निवारण की जानकारी ली।
विज्ञापन
ओएसडी राकेश सिंधू ने जिले के एमिनेंट पर्सन से सीधे संवाद करते हुए समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों के निपटारे की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने एमिनेंट पर्सन से यह भी जाना कि शिकायतकर्ता शिकायत के समाधान से संतुष्ट है या नहीं और एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) पर उसके हस्ताक्षर लिए गए हैं या नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में आने वाली अधिक से अधिक शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और एमिनेंट पर्सन मौजूद रहते हैं। ऐसे में आपसी तालमेल के साथ शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान संभव है। समाधान शिविर आयोजित करने का उद्देश्य यही है कि आमजन को अपनी शिकायत के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों और स्थानों पर भटकना न पड़े।
बैठक में सीटीएम अनिल कुमार ने अधिकारियों से कहा कि सीएम विंडो पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत के निपटारे में गंभीरता बरती जाए और शिकायतों का निर्धारित समयावधि में प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में डीडीपीओ सोमबीर कादियान, डीएसपी अनूप कुमार, सीएमओ डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सीएमजीजीए रिषव रंजन, जिला समाज कल्याण विभाग से रविंद्र, जनस्वास्थ्य विभाग से सुनील रंगा के अलावा गैर सरकारी सदस्य नरेंद्र ग्रेवाल और अनिल सोलंकी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।