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Bhiwani News: पावर ग्रिड लाइन मुआवजा मामले में किसानों ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप, प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
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बिजली टावर के विरोध में अपनी मांगों का सीटीएम को ज्ञापन सौंपते किसान संगठन के पदाधिकारी।
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भिवानी। झुप्पा से सोनीपत तक बिछाई जा रही 400 केवी पावर ग्रिड हाईटेंशन लाइन के निर्माण को लेकर तोशाम क्षेत्र के किसानों में रोष बढ़ गया है। किसानों ने मुआवजा दरों में कटौती को लेकर जिला प्रशासन और पावर ग्रिड अधिकारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए सोमवार को तोशाम में प्रदर्शन किया।
ग्राम स्वराज किसान मोर्चा, किसान संघर्ष समिति भिवानी और प्रभावित किसानों ने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर पहले तय की गई मुआवजा दरों को बहाल करने की मांग की। प्रदर्शन की अध्यक्षता ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने की जबकि संचालन जंगवीर अलखपुरा बायान ने किया। वहीं भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कुहाड़ ने भी किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। तोशाम एसडीएम कार्यालय के बाहर किसानों का धरना सोमवार को 42वें दिन भी जारी रहा।
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि तोशाम क्षेत्र के छह प्रभावित गांवों तोशाम, बागानवाला, अलखपुरा, भुरटाना, सागबन और मिरान में पावर ग्रिड अधिकारियों और किसानों की मौजूदगी में एसडीएम तोशाम की ओर से ड्रॉ के माध्यम से जमीन के रेट तय किए गए थे। किसानों के अनुसार ये दरें बाजार भाव से कम थीं लेकिन देश के विकास को देखते हुए उन्होंने इन्हें स्वीकार कर लिया था और बागानवाला से कार्य शुरू करने की सहमति दी थी। किसानों के अनुसार 6 मई 2026 को मुआवजा दरें तय की गई थीं।
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किसानों का आरोप है कि 8 मई 2026 को एडीसी भिवानी ने डीसी भिवानी के आदेशों का हवाला देते हुए बिना ठोस कारण के तय दरों को निरस्त कर दिया। इसके बाद नई दरों में प्रति एकड़ 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक की कटौती कर दी गई जो भारत सरकार की नीति के खिलाफ है। इस अवसर पर कमल प्रधान, रामवीर फौजी, दयानंद फौजी, कमल सिंह झांवर, धर्मपाल बारवास, मेवा सिंह आर्य, आजाद भुगलाइ, चांदवीर फौजी, कृष्ण नंबरदार, दिलबाग बेडवाल, अनिल बागनवाला, पप्पू नंबरदार और ईश्वर बागनवाला सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
: बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजे की मांग
किसान संघर्ष समिति ने मांग की है कि झुप्पा से लेकर बडेसरा तक सभी प्रभावित गांवों के किसानों को जमीन के बाजार मूल्य के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि भिवानी जिला एनसीआर क्षेत्र में आता है, जबकि पड़ोसी जिला हिसार एनसीआर से बाहर है। इसके बावजूद हिसार के किसानों को भिवानी से अधिक मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों ने यह भी कहा कि जमीन का मुआवजा केवल एक बार मिलता है, जबकि पावर ग्रिड कंपनियां इन जमीनों से लंबे समय तक लाभ कमाएंगी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि पहले तय की गई मुआवजा दरें बहाल नहीं की गईं तो वे पावर ग्रिड लाइन का निर्माण कार्य रोक देंगे और जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
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ग्राम स्वराज किसान मोर्चा, किसान संघर्ष समिति भिवानी और प्रभावित किसानों ने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर पहले तय की गई मुआवजा दरों को बहाल करने की मांग की। प्रदर्शन की अध्यक्षता ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने की जबकि संचालन जंगवीर अलखपुरा बायान ने किया। वहीं भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कुहाड़ ने भी किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। तोशाम एसडीएम कार्यालय के बाहर किसानों का धरना सोमवार को 42वें दिन भी जारी रहा।
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किसानों ने ज्ञापन में बताया कि तोशाम क्षेत्र के छह प्रभावित गांवों तोशाम, बागानवाला, अलखपुरा, भुरटाना, सागबन और मिरान में पावर ग्रिड अधिकारियों और किसानों की मौजूदगी में एसडीएम तोशाम की ओर से ड्रॉ के माध्यम से जमीन के रेट तय किए गए थे। किसानों के अनुसार ये दरें बाजार भाव से कम थीं लेकिन देश के विकास को देखते हुए उन्होंने इन्हें स्वीकार कर लिया था और बागानवाला से कार्य शुरू करने की सहमति दी थी। किसानों के अनुसार 6 मई 2026 को मुआवजा दरें तय की गई थीं।
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किसानों का आरोप है कि 8 मई 2026 को एडीसी भिवानी ने डीसी भिवानी के आदेशों का हवाला देते हुए बिना ठोस कारण के तय दरों को निरस्त कर दिया। इसके बाद नई दरों में प्रति एकड़ 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक की कटौती कर दी गई जो भारत सरकार की नीति के खिलाफ है। इस अवसर पर कमल प्रधान, रामवीर फौजी, दयानंद फौजी, कमल सिंह झांवर, धर्मपाल बारवास, मेवा सिंह आर्य, आजाद भुगलाइ, चांदवीर फौजी, कृष्ण नंबरदार, दिलबाग बेडवाल, अनिल बागनवाला, पप्पू नंबरदार और ईश्वर बागनवाला सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
: बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजे की मांग
किसान संघर्ष समिति ने मांग की है कि झुप्पा से लेकर बडेसरा तक सभी प्रभावित गांवों के किसानों को जमीन के बाजार मूल्य के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि भिवानी जिला एनसीआर क्षेत्र में आता है, जबकि पड़ोसी जिला हिसार एनसीआर से बाहर है। इसके बावजूद हिसार के किसानों को भिवानी से अधिक मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों ने यह भी कहा कि जमीन का मुआवजा केवल एक बार मिलता है, जबकि पावर ग्रिड कंपनियां इन जमीनों से लंबे समय तक लाभ कमाएंगी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि पहले तय की गई मुआवजा दरें बहाल नहीं की गईं तो वे पावर ग्रिड लाइन का निर्माण कार्य रोक देंगे और जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।